10वॉ आर्ड फोर्सेस वेटरनस दिवस का हुआ आयोजन

10वॉ आर्ड फोर्सेस वेटरनस दिवस का हुआ आयोजन

जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी ने बताया कि आज 14 जनवरी हमारे भूतपूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों एवं पदक विजेताओं के द्वारा प्रदान की गई सेवाओं के सम्मान और मान्यता के प्रतीक के रूप में प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को “सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस” (आर्मड फोर्सेस वेटरनस दिन) के रूप में मनाया जाता है। पहली बार यह दिवस 2017 में मनाया गया। भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा, द्वारा प्रदान की गई सेवाओं के सम्मान और मान्यता के प्रतीक के रूप में इस दिवस को मनाने का निर्णय लिया गया है जो 14 जनवरी, 1953 को सेवानिवृत्त हुए थे। इस लिए 14 जनवरी को आर्मड फोर्सेस वेटरनस दिवस के रूप में मनाया जाता है।

जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग (आई०ए०एस०) की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में दिनांक 14 जनवरी को आमर्ड फोर्सेस वेटरनस दिवस मनाया गया जिसमें जनपद के शहीद सैनिकों एवं पदक विजेता के आश्रित, वीर नारियों एवं भूतपूर्व सैनिकों को कर्नल हृदेश कुमार चौधरी (अ०प्रा०) जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी चन्दौली के द्वारा सर्टीफिकेट, शाल व मोमेन्टों देकर सम्मानित किया गया।

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।

शारदीय नवरात्री आज से तैयारियां हुई पूर्ण
चहनिया चन्दौली।
शारदीय नवरात्री के पावन अवसर पर क्षेत्र की समस्त देवी मन्दिर की साफ-सफाइ,र् रगाई-पुताई, झालर-बत्ती इत्यादि कार्य पूर्ण कर लिया गया है। राम जानकी मन्दिर रमौली, मां खखरा मन्दिर मटियरा, मॉ बंग्ला भगवती मन्दिर तारगॉव अजगरा, मॉ महरौड़ी देवी मन्दिर कांवर मॉं दुर्गा मन्दिर रामपुर प्रभुपुर बाबा कीनाराम धाम रामगढ़, हनुमानगढ़ी मन्दिर भलेहटा में श्रद्धालुओं द्वारा मन्दिर की साफ-सफाई रगाई-पुताई का कार्य पूर्ण कर आर्कषक विद्युत झालरां से सजाया गया है और शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर अखण्ड रामयण पाठ, रामनाम का सकीर्तन इत्यादि का कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। साफ-सफाई, रगाई-पुताई को लेकर बिगत एक सप्ताह पहले से मन्दिर के पुजारी या समितियां लगी हुई थी। जो पूर्ण कर लिया गया है। वही इंस संबंध में बनारसी मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष नवरात्री 10दिनो की होगी और अनवरत पूजा पाठ किया जायेगा।