भगवान श्रीकृष्ण बाल लीला व रुक्मणी विवाह प्रसंग सुन श्रोता हुए भावविभोर-जागरण संवाददाता चहनियां चंदौली

भगवान श्रीकृष्ण बाल लीला व रुक्मणी विवाह प्रसंग सुन श्रोता हुए भावविभोर-जागरण संवाददाता चहनियां चंदौली मझिलेपुर गणेश मंदिर प्रांगण में सात दिन से भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन चल रहा है। कथा के छठवें दिन मंगलवार को कथावाचक उद्देय संत श्री लाल जी महाराज ने श्री कृष्णा बाल लीलाओं की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि श्री कृष्णा को वासुदेव जी यमुना नदी पार करते हुए नंद गांव लेकर गये। जहाज यमुना नदी के पार करने लगे वही यमुना जी अपने भगवान श्री कृष्ण के चरण स्पर्श कर आगे का मार्ग प्रशस्त किया। जो वासुदेव जी नंद गांव पहुंचकर अपने मित्र नंद जी के पास जाकर बालक छोड़कर सारी व्यथा बताते हुए वह पुनः अपने कारागार में आ गये। दूसरी तरफ मथुरा के अत्याचारी राजा कंस अपने बहन देवकी के आठवी पुत्र का वध कर निर्भय होना चाहता था। लेकिन प्रभु की महिमा कौन जाने क्या होगा। भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के किष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था। कंस एक दुस्ट शासक था। जिसने देवकी के सभी पुत्र को मार डाला था। भगवान श्री कृष्ण ने देवकी और वासुदेव को कंस के अत्याचारों से मुक्त किया। वही प्रभु श्री कृष्णा व रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनकर हजारों श्रोता कथा प्रसंग सुन भाव विभोर होकर जय -श्री कृष्णा जय कृष्णा व हर -हर महादेव की जयकारे से पूरा पांडाल गुंजायमान हो गया। वहीं उपस्थित दीपक दुबे, रामदुलारे प्रजापति, संतलाल मौर्या पूर्व प्रधान, राज नरायन, राजेश यादव, भोला यादव, जितेंद्रशर्मा, परबल यादव, जगदीश गुप्ता, टिंकू ओझा, राम लक्ष्मन प्रजापति सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पीआईएस के विद्यार्थियों ने रचा गौरवशाली इतिहास वाराणसी में आयोजित मण्डल स्तरीय राज्य युवा महोत्सव एवं विज्ञान मेला 2025–26 में पीआईएस के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया।

प्रभु श्रीराम की बारात का मंचन देख दर्शक हुए गदगद चहनिया चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के चौथे दिन बृहस्पतिवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ शुभारम्भ किया गया। धनुष टूटते ही राजा जनक के राजपुरोहित शतानंद जी क आदेशानुसार अयोध्या में खबर भेजवाया गया और वहा से बारात सज-धजकर मिथिला के रवाना हो गई। बारात में दर्जनों घोड़ा, हाथी, ऊट, कई जोड़ बैण्ड बाजा के साथ हजारों बाराती बारात की शोभ बढ़ा रहे थे। जो आक्रषण का केन्द्र बना रहा।गांव वासियों ने जगह-जगह पुष्प की वर्षा व आरती करते नजर आये। बारात में कई झांकियां आक्रषण का केन्द्र बनी रही। भगवान शिव और उनकी गणों की झांकी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। बारात पूरे गांव का भ्रमण कर रामलीला स्थल पर पहुचा जहा चारो ओर रीराम के जयकारे व हर-हर महादेव गगनभेदी नारे से गुजांयमान रहा। तत्पश्चात लोगों में महाप्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ो कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।