नेशनल पब्लिक स्कूल, बबुरी, चंदौली में हंस फाउंडेशन के तत्वावधान में स्वच्छता जागरूकता विषय पर एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

बबुरी, चंदौली।
नेशनल पब्लिक स्कूल, बबुरी, चंदौली में हंस फाउंडेशन के तत्वावधान में स्वच्छता जागरूकता विषय पर एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं समाज में स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के छात्र–छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, रंगोली, स्वच्छता पर आधारित नृत्य, तथा मॉडल प्रदर्शनी का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा के माध्यम से स्वच्छ भारत का सशक्त संदेश दिया, जिसे उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों ने सराहा।
हंस फाउंडेशन के सदस्यों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। यदि बच्चे इसे अपनाते हैं तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है।
विद्यालय प्रशासन ने हंस फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हैं। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया तथा सभी सहयोगियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान राजकुमारी गुप्ता जी ने किया कार्यक्रम में हंस फाउंडेशन के वरिष्ठ पदाधिकारी और विद्यालय के प्रबंधक प्रधानाचार्य व अध्यापक अध्यापिकाये उपस्थित थी।।

सीता हरण के दौरान जटायु व रावण का भंयकर युद्ध लीला का हुआ मंचनचहनियां चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के यह सातवें दिन रविवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ के साथ प्रारम्भ किया गया। रामलीला के सातवें दिन रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और पुष्पक विमान से वह लंका ले जाने लगा। जिसपर माता सीता की करूण विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु ने अपने मित्र की पुत्र बधु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करने लगा बड़ी भयंकर युद्ध हुआ रावण जटायु की मार को सहन न कर सका और क्रुद्ध होकर भगवान शिव द्वारा प्राप्त चन्द्रहासं खड्ग से जटायु पर वार कर दिया जिसमें जटायु का एक पंख कट गया लेकिन उसके बावजूद भी युद्ध नही थमा तब तक रावण ने दूसरा वार कर दिया। जिसमें जटायू का दूसरा पंख भी काट दिया जिससे आकाश से गिरकर जटायू गंभीर रूप से घायल हो गये। जब प्रभु श्रीराम व लक्षमण अपनी भार्या सीता को जंगल-वन-पहाड़ां से घुमते-घुमते रास्ते में गिरे जटायू से होती है तो जटायू ने पूरा वृतान्त प्रभु श्रीराम को सुनाया और अपना प्राण दिया। जिस पर प्रभु श्रीराम ने अपने पिता के मित्र की पुत्र बनकर अन्त्येष्टि कर सीता माता की खोज करने लगे। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ों कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।

प्रबोधिनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने़ लगाई आस्था की डुबकीचहनिया चन्दौली।क्षेत्र के मां भागीरथी के पश्चिमी वाहिनी बलुआ घाट पर प्रबोधिनी एकादशी के पावन पर्व पर हजारां श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाते हुए मन्दिर पूजा पाठ कर याचक ओर भिक्षुओं का दानपुन्य कर यश के भागी बने। इसी क्रम में क्षेत्र के महुआरी, कांवर, महुअरकलां, पूरा विजयी, तिरगावां, टाण्डाकलां, सैफपुर, नादी-निधौरा समस्त गंगा तटीय गावों के घाटो पर भारी भीड़ उमड़ी रही।शनिवार की अलसुबह ही हजरो श्रद्धालुओं की भीड़ बलुआ घाट पर पहुचने लगी और देखते ही देखते मेले जैसे रूवरूप लेते हुए भारी भीड़ के रूप में तब्दील हो गयी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु अपने योग चर्तुमासा निद्रा से जागते हैं इसी कारण इसे देव उठान या देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मॉ तुलसी का विवाह भी श्री हरि नारायण से सम्पन्न कराया जाता है। उसी मान्यता के अनुसार समस्त जगत में मांगलिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो जाते है। वही सुरक्षा की दृष्टि से उपनिरीक्षक विनोद सिंह, महिला कांस्टेबल कौशल्या देवी, चिंता देवी, राजेश कुमार, सरोज देवेंद्र प्रताप यादव के साथ गोताखोरों की टीम भी नाव से गंगा में निगरानी करती रही।