एम.डी. कॉलेज में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता की अलख – चंदौली

एम.डी. कॉलेज में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता की अलख

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एम.डी. नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज एवं एम.डी. कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सकलडीहा रोड, चंदौली में एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के चेयरमैन डॉ. बृजेश कुमार वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. पी. पी. उपाध्याय, प्रभारी तंबाकू धूम्रपान निषेध कार्यक्रम डॉ. अभिषेक सिंह, मनोचिकित्सक डॉ. नितेश कुमार, मलेरिया अधिकारी राजीव सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जे.पी. सिंह, अरुण सिंह एवं कुसुम मिश्रा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर नर्सिंग प्रधानाचार्य यमन कुमार सिंह एवं फार्मेसी प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में डॉ. बृजेश कुमार वर्मा ने तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं से स्वस्थ, जागरूक एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तंबाकू न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी बाधक बनता है।

 

डिप्टी सीएमओ डॉ. पी. पी. उपाध्याय ने कहा कि तंबाकू सेवन आज एक गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। उन्होंने बताया कि तंबाकू से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियां तथा अनेक असाध्य रोग उत्पन्न होते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं तंबाकू से दूर रहें तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।

 

प्रभारी तंबाकू धूम्रपान निषेध कार्यक्रम डॉ. अभिषेक सिंह ने कहा कि तंबाकू की लत व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक जीवन को गहराई से प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा तंबाकू नियंत्रण के लिए विभिन्न जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से तंबाकू मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया

 

कार्यक्रम के अंतर्गत हाथों में पोस्टर एवं संदेश के साथ कार्यक्रम के दौरान “तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “स्वस्थ युवा, स्वस्थ भारत” तथा “नशामुक्त समाज, सशक्त राष्ट्र” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। विद्यार्थियों ने अपने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से तंबाकू सेवन से होने वाली कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी समस्याओं एवं अन्य गंभीर बीमारियों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। नाटक में यह संदेश दिया गया कि तंबाकू की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार की खुशियों, आर्थिक स्थिति तथा सामाजिक प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करती है। कलाकारों के सशक्त संवाद, भावपूर्ण अभिनय एवं प्रेरणादायक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया और सभी को तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर रोहित राय, शिवम, विनीता, आरती, सोनम, अजीत, याशमीन खान, अमित कुमार, खुशबू, रिंकू, धर्मेंद्र एवं दिलीप सहित समस्त शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

सीता हरण के दौरान जटायु व रावण का भंयकर युद्ध लीला का हुआ मंचनचहनियां चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के यह सातवें दिन रविवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ के साथ प्रारम्भ किया गया। रामलीला के सातवें दिन रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और पुष्पक विमान से वह लंका ले जाने लगा। जिसपर माता सीता की करूण विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु ने अपने मित्र की पुत्र बधु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करने लगा बड़ी भयंकर युद्ध हुआ रावण जटायु की मार को सहन न कर सका और क्रुद्ध होकर भगवान शिव द्वारा प्राप्त चन्द्रहासं खड्ग से जटायु पर वार कर दिया जिसमें जटायु का एक पंख कट गया लेकिन उसके बावजूद भी युद्ध नही थमा तब तक रावण ने दूसरा वार कर दिया। जिसमें जटायू का दूसरा पंख भी काट दिया जिससे आकाश से गिरकर जटायू गंभीर रूप से घायल हो गये। जब प्रभु श्रीराम व लक्षमण अपनी भार्या सीता को जंगल-वन-पहाड़ां से घुमते-घुमते रास्ते में गिरे जटायू से होती है तो जटायू ने पूरा वृतान्त प्रभु श्रीराम को सुनाया और अपना प्राण दिया। जिस पर प्रभु श्रीराम ने अपने पिता के मित्र की पुत्र बनकर अन्त्येष्टि कर सीता माता की खोज करने लगे। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ों कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।