महिला अपराध के मामले में दिल्ली से कम नहीं चंदौली: हैवानों ने युवती की
लोहे के रॉड कि बर्बरतापूर्ण पिटाई, पेश की हैवानियत, चुप्पी साधे है महकमा…

पूर्वांचल राज्य / संजीव पाठक
चंदौली जनपद चंदौली के अधुरी
थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्बे में
सनसनीखेज वारदात सामने आई
है। बता दें कि तीन पूर्व घटी इस
घटना के अनावरण और घृणित
अपराध को अंजाम देने वाले
दबंग और रसूखदार अपराधी को
बचाने में लोस चुनाव का हवाला
देकर पुलिस महकमा चुप्पी साधे
बैठा है। सवाल उठना भी
लाजिमी है कि आखिर महिला
अपराध और नारी सशक्तिकरण
का हवाला देने वाला नहकमा
और महिला अपराध पर सख्त
एक्शन लेने वाले एसपी चंदौली
आखिर इस मामले मे चुप्पी क्यों
साधे हैं।
युवती पर जानलेवा हमला
और हैवानियत का
सिलसिलेवार विवरण….
परिजनों के अनुसार बबुरी कस्बा
निवासिनी 21 वर्षीय एक युवती विगत
दो सालों से जलखोर गांव निवासी
चुलबुल सिंह पुत्र अजीत सिंह के
साथ प्रेम संबंध में लिप्त थी। इस
दौरान युवती का दूसरे युवक से
बातचीत करना मनबढ़ युवक
चुलबुल सिंह को नागवार गुजरा और
उसने युवती के घर पर पहुंचकर
धमकी तक दे डाली। दूसरे दिन
युवती को प्रेम पूर्वक मिलने के बहाने
किसी अशत स्थान पर बुलाया और
हैवानियत की सारी हदें दोस्तों के साथ मिलकर पूरी कर डाली। युवक
ने लोहे की पाइप से युवती के शरीर
पर जबर्दस्त प्रहार कर अधमरा तक
कर दिया। चदहवान युवती शाम को
किसी तरह घर पहुंची तो बबुरी थाने
पर मामला दर्ज हुआ, लेकिन बबुरी पुलिस अपराध को कारित करने वाले
मनबड़ युवक को गिरफ्तार करने में
आनाकानी करने में जुटी है। इस
संबंध में जब बबुरी थाना प्रभारी
अनिल पांडेय से बातचीत की गई तो
उन्होंने चुनाव का हवाला देते हुए
मीडियाकर्मियों को चुप्पी साधे रहने
की नसीहत दी, कहा आरोपी के
खिलाफ मामला दर्ज है, जल्द ही
कार्रवाई और गिरफ्तारी अमल में लाई
जाएगी।
महिला अपराध में दिल्ली से
कम नहीं चंदौली ….
उक्त सनसनीखेज वारदात के इतर
महिला अपराध से जुड़े मामले
चंदौली में कम सामने नहीं आए हैं।
रिकार्ड खंगाले तो छेड़छाड़ मास्को
एक्ट और महिलाओं/युवतियों से
जुड़े मामले में आताशित वृद्धि दर्ज
हुए हैं। हालांकि कुछ मामलों में
पीड़िता और परिजन ही चुप्पी साध
लेते हैं लेकिन जो मामले सामने
आते हैं, उन मामलों में पुलिस
महकमें की भूमिका संदिग्ध मिलती
है। अब सबसे बड़ा सवाल उठता है
की आखिर नारी सशक्तिकरण का
अभियान चलाने वाली चंदौली
पुलिस आखिर महिला अपराध से
जुड़े मामलों में चुप्पी और मामले में
लीपापोती में क्यूं जुट जाती है। बबुरी
थाने से जुड़े इस मामले में जब
विवेचना कर रहे एसआई से
बातचीत की गई तो उन्होंने युवती के
कैरेक्टर पर ही उंगली उठा दी। जब
मीडियाकर्मियों ने उनसे पूछा की
युवती के ऊपर जुल्म हुए हैं की नहीं
तो उन्होंने सिर्फ मामला दर्ज करने
की बात कहकर मामले से पल्ला
झाड़ लिया। पुरुष जुल्म करे तो
महिला पर आरोपों की झड़ी लगा दें,
यही सच है समाज का । लेकिन
पुलिस महकमा तो जनता को न्याय
और कार्रवाई के लिए बैठा है तो इस
बड़े मामले में आखिर चुप्पी क्यों ?
पीड़िता की बहन और मां ने पुलिस
महकमें से न्याय की गुहार लगाई हैं।
अब देखना लाजिमी होगा कि
महिला अपराध पर सख्त एक्शन
लेने वाले एसपी डा अनिल कुमार
इस मामले में किस प्रकार का
एक्शन लेते हैं और पीड़िता को न्याय
मिलता है या मामला ठंडे बस्ते मे
डाल दिया जाता है।

संवाददाता – अरुण कुमार पाठक (राष्ट्रीय महासचिव)

प्राचीन हनुमान मंदिर के पास चल रही मांस की दुकान बंद

पंडित दीनदयाल नगर के ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर में स्थित प्राचीन हनुमान जी के मंदिर के ठीक बगल में पिछले ढाई महीने से बूचड़खाना एवं मांस की दुकान संचालित हो रही थी। इस मामले की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय ग्रामवासियों के साथ मिलकर प्रकरण को गंभीरता से उठाया और दुल्हीपुर चौकी को सूचना दी।

सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अपने एक कांस्टेबल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के बाद पुलिस ने दुकान मालिक को तुरंत दुकान बंद करने का आदेश दिया।

स्थानीय ग्रामीणों एवं विश्व हिंदू परिषद–बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा का ध्यान रखा जाना आवश्यक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए स्थायी कदम उठाए जाएं।

मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव निवासी चंद्र प्रकाश पटेल, जो भारतीय सेना के जवान थे, युद्धाभ्यास के दौरान तोप पर शहीद हो गए। सेना के सूबेदार नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह तोप पर कैजुएल्टी का मामला है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर सेना द्वारा आज दोपहर में कछवां लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार गंगा तट पर किया जाएगा।
चंद्र प्रकाश पटेल का 2010 में भारतीय सेना में पहले प्रयास में चयन हुआ था। वह सेना की 99वीं बटालियन में तैनात थे और इन दिनों राजस्थान के सूरतगढ़ में तैनात थे। 22 अक्टूबर को वह घर आए थे, और एक सप्ताह के बाद सेना की ड्यूटी के लिए वापस लौट गए थे।
शहीद के परिवार में मातम, गांव में उमड़ी भीड़ चंद्र प्रकाश के निधन की सूचना मिलते ही गांव में गम का माहौल छा गया। शहीद जवान की पत्नी स्नेहा पटेल और ढाई साल के बेटे अयांश के साथ उनका परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। परिवार के अन्य सदस्य, विशेष रूप से उनके माता-पिता राजपति और राजनाथ पटेल, जो शहादत की खबर सुनकर विलाप कर रहे थे, इस दुःखद घटना से बुरी तरह प्रभावित हैं।