श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास पूर्णतया स्वस्थ- चंपत राय

संवाददाता – संजय रस्तोगी

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास पूर्णतया स्वस्थ- चंपत राय

पूज्य महंत जी के स्वास्थ्य को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही थी भ्रामक खबरें


अयोध्या/ वाराणसी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष एवं मणिराम दास छावनी अयोध्या के महंत पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज को लेकर आज कई भ्रामक खबरें सोशल मीडिया पर चल रही थी।  लोग बिना जांच पड़ताल किए तेजी से इसे शेयर भी कर रहे थे। जिसके चलते आम जनमानस में अफवाहों का बाजार गर्म था। इस बात का पता चलते ही भ्रामक खबर पर विराम लगाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा विज्ञप्ति जारी कर महंत नृत्य गोपाल दास के स्वस्थ एवं सकुशल होने की खबर दी गई है।  इस संदर्भ में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के महासचिव श्री चंपत राय ने पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि महंत नृत्य गोपाल दास जी पूर्णतया स्वस्थ हैं और अपने निवास स्थान  मणि रामदास छावनी (अयोध्या) में आराम कर रहे हैं ।  मंगलवार (एक जून) को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर पूज्य महाराज जी के स्वास्थ्य को लेकर कुछ भ्रामक और झूठी खबरें फैली है। यह समाज में भ्रांति एवं चिंता का कारण बन रही है । उन्होंने कहा है कि भ्रामक खबरों पर ध्यान ना दें और ना ही इसे फैलाएं। महाराज जी के स्वास्थ्य को लेकर सही और सटीक जानकारी के लिए केवल अधिकृत बातों पर ही भरोसा करें। सभी का कर्तव्य है कि शांति और सद्भाव बनाए रखें और किसी प्रकार की अफवाहों को फैलने से रोके। उन्होंने आग्रह किया है कि आप सभी से अनुरोध है कि इस संदेश को अपने साथियों और भक्तजनों तक पहुंचाने में सहयोग भी करें। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के बाद अब अफवाहों पर विराम लग चुका है।

विद्यालय में जर्जर पीपल का पड़ टूटी चहारदिवारी से खतराजागरण संवादाता चहनिया चन्दौली।क्षेत्र स्थित कम्पेजिट विद्यालय लक्षमनगढ़ में विद्यालय की चहार दिवारी गुणवत्ता विहीन बनने के कारण जगह-जगह टूट कर क्षतिग्रस्त हे गयी। साथ विद्यालय प्रागण से सअे विशालकाय जर्जर पीपल का पेड़ भारी दुर्घटना को दावत दे रहा है। इतनी बड़ी गम्भीर समस्या से विद्यालय सबंधित अध्किारी, ग्राम प्रधान जिले के अधिकारी मौन साधे हुए है।गौरतलब तो यह है कि प्रायः बच्चे विद्यालय के प्रागण में ख्ेलते नजर आते है और चहारदिवारी अूटी होने के कारण वह कब विद्यालय से बाहर हो जायेगे इसका किसी को अंदाजा नही रहता। इतना ही बलिक बच्चे खेलते-खेते उसी विशालकाय जर्जर पीपल के बृक्ष के नीचे आकर बैठ जाते है और वह पेड़ कब गिर जायेगा इसे कोई नही बता सकता। जबकि इस वर्ष पेड़ काफी पुराना होने के कारण भयंकर वारिष व तेज हवा के कारण वह 75अंश के कोण पर आकर टिका हुआ वह कब जमीदोज हो जायेगा यह भगवान भरोसे ही है। जबकि गौर करे तो विद्यालय प्रांगण में अगर बारिश हो जाय तो जलजमाव का होना तय है। वही ग्रामीणां सहित गाव के सम्भ्रान्तां का कहना है कि शिक्षा के विभाग के आलाधिकारी तत्काल मामले को गम्भीरता से लेते हुए जर्जर पीपल को कटवाते हुए टूटी हुई चहारदिवारी को अविलम्ब बनवाये जाने की मांग की है। ताकि समय रहते भारी घटना को रोका जा सके। इस संदर्भ में एबीएस सुरेन्द्र सहाय ने बताया मामला संज्ञान में नही जाचं कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।