असलहे के साथ एक चोर गिरफ्तार
चहनिया चन्दौली।
बलुआ थाना क्षेत्र लक्षमनगढ़ पुलिया से चेकिग के दौरान एक कुख्यात चोर को गिरफतार कर जेल भेज दिया। चेकिंग के दौरान डकैती में संलिप्त कुख्यात गैंगेस्टर व हिस्ट्रीशीटर अभय उर्फ मजारिया को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक नाजायज रिवाल्वर 38बोर, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा एक आईफोन बरामद किया है। रविवार की सायम लगभग 4ः15बजे लक्ष्मणगढ़ पुलिया से अभियुक्त को धर दबोचा। पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त अभय पुत्र रमेश निवासी ग्राम फुलवरिया कैथा थाना बलुआ ने बताया कि वह एक संगठित गिरोह का सदस्य है और उसके खिलाफ अनेक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसने स्वीकार किया कि वह थाना बलुआ का हिस्ट्रीशीटर मजारिया नंबर 67ए है और लूट, डकैती का कार्य करता है। साथ ही लोगों को धमकाने के लिए रिवाल्वर रखता है। पुलिस ने बरामद रिवाल्वर और कारतूस के आधार पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई में जुट गयी।

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

सीता हरण के दौरान जटायु व रावण का भंयकर युद्ध लीला का हुआ मंचनचहनियां चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के यह सातवें दिन रविवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ के साथ प्रारम्भ किया गया। रामलीला के सातवें दिन रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और पुष्पक विमान से वह लंका ले जाने लगा। जिसपर माता सीता की करूण विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु ने अपने मित्र की पुत्र बधु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करने लगा बड़ी भयंकर युद्ध हुआ रावण जटायु की मार को सहन न कर सका और क्रुद्ध होकर भगवान शिव द्वारा प्राप्त चन्द्रहासं खड्ग से जटायु पर वार कर दिया जिसमें जटायु का एक पंख कट गया लेकिन उसके बावजूद भी युद्ध नही थमा तब तक रावण ने दूसरा वार कर दिया। जिसमें जटायू का दूसरा पंख भी काट दिया जिससे आकाश से गिरकर जटायू गंभीर रूप से घायल हो गये। जब प्रभु श्रीराम व लक्षमण अपनी भार्या सीता को जंगल-वन-पहाड़ां से घुमते-घुमते रास्ते में गिरे जटायू से होती है तो जटायू ने पूरा वृतान्त प्रभु श्रीराम को सुनाया और अपना प्राण दिया। जिस पर प्रभु श्रीराम ने अपने पिता के मित्र की पुत्र बनकर अन्त्येष्टि कर सीता माता की खोज करने लगे। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ों कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।

“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है!”विकास गुप्ता, राहुल चौहान और सोनी राय — इन तीनों ने जरूरतमंद मरीजों के लिए स्वेच्छा से रक्तदान करके मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।हम आपके इस पुण्य कार्य को नमन करते हैं।