दीनदयाल नगर: संघ की नगर इकाई द्वारा वन विहार कार्यक्रम सम्पन्न

???? स्थान: श्री महालक्ष्मी महरौड़ी देवी मंदिर, भुपौली
दिनांक: [6.7.2025]

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नगर इकाई दीनदयाल नगर द्वारा आज श्री महालक्ष्मी महरौड़ी देवी मंदिर, भुपौली के पावन प्रांगण में वन विहार कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शाखा का आयोजन, सामूहिक बौद्धिक, देशभक्ति गीत और सामूहिक भोजन की सुंदर व्यवस्था की गई थी।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयंसेवकों में प्रकृति से जुड़ाव, संगठनात्मक समरसता तथा सनातन परंपराओं की प्रेरणा को सजीव करना रहा।
इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि काशी विभाग सामाजिक सद्भाव प्रमुख अनिल जी ने अपने उद्बोधन में कहा:

> “इस दिव्य प्रांगण में कभी त्रिदंडी बाबा और अवधूत बाबा को ज्ञान प्राप्त हुआ था। आज संघ का वन विहार कार्यक्रम यहां आयोजित होना अपने आप में एक सौभाग्य की बात है। यह स्थान आध्यात्मिक चेतना और संघ की विचारधारा को जोड़ने का सशक्त माध्यम है।”



???? कार्यक्रम का समापन सह नगर कार्यवाह रोहित जी द्वारा किया गया।
???? कार्यक्रम संचालन एवं व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों में:

नगर संघचालक संजय जी

नगर प्रचारक अंकित जी

प्रचार विभाग से घनश्याम जी, रोहित जी, सुमित जी, मलय जी, बलराम जी

वरिष्ठ कार्यकर्ता रामधार चौहान जी एवं संजय रस्तोगी जी
आदि की विशेष उपस्थिति रही।


कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों ने न केवल राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत किया, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी संकल्प दोहराया।

पितृविसर्जन पर लोगो ने अपने पूर्वजों का किया, तर्पण व पिण्डदान
चहनिया चन्दौली।
पितृपक्ष के अंतिम दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मॉ भागीरथी गंगा तट पर बलुआ घाट पर अपने-अपने पितरों को तर्पण कर पिंडदान किया और पितृविर्सजन पर विभिन्न अनुष्ठान व पूजन-अर्चन कर घाटो पर व्यंजन चढ़ाकर तर्पण किया।
रविवार की अल सुबह ही श्रद्धालुओं द्वारा पैदल, वाहनों से लोटा, कुश, परास की पत्ती कर हाथो में लिए गंगा तट पर पहुचने लगे और बाजारां में जौ के आटे, दीया, माचिस, अगरबत्ती, मालफूल की खरीददारी करते घाटों पर पहुच कर अपने- अपने पूर्वजां को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान में जुटे रहे जो अरान्ह तक चलता रहा।
इस दौरान गंगा के पानी में तेजी से घटाव के कारण चारो तरफ कीचड़ व मिट्टियों का ढ़ेर से लोग हलकान नजर आये। इस दौरान पुलिस चाक चौकस व्यवस्था करने में जुटी रही। इस दौरान चहनियां वाया बलुआ मार्ग पर मेले का दृश्य हो गया और बाल्मिकी इण्टर कालेज के प्रांगण में वहनो का जमघट लगा रहा पिंडदान व तर्पण का कार्य देर अपरान्ह तक चलता रहा।
इसी क्रम में भूपौली, महुअरकला, टॉण्डा सैफपुर, सहित गंगा तटों पर पिंडदान का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, सरोवरों पर भी श्रद्धालुओं में पिंडदान कर अपने पूर्वजों का तर्पण किया और सुख समृद्धि की कामना व्यक्त किया।
इस दौरान नाई अपनी-अपनी दुकाने रविवार की अल सुबह लगभग 3बजे से खोलकर लोगों का मुण्डन इत्यादी का कार्य करने में जुटे रहे। जिससे नाई की दुकानों पर लोगो की भीड़े जुटी रही। वही माली भी रविवार की अल सुबह माला फूल लेकर घाटो पर जमें रहे।