विद्यालय में जर्जर पीपल का पड़ टूटी चहारदिवारी से खतराजागरण संवादाता चहनिया चन्दौली।क्षेत्र स्थित कम्पेजिट विद्यालय लक्षमनगढ़ में विद्यालय की चहार दिवारी गुणवत्ता विहीन बनने के कारण जगह-जगह टूट कर क्षतिग्रस्त हे गयी। साथ विद्यालय प्रागण से सअे विशालकाय जर्जर पीपल का पेड़ भारी दुर्घटना को दावत दे रहा है। इतनी बड़ी गम्भीर समस्या से विद्यालय सबंधित अध्किारी, ग्राम प्रधान जिले के अधिकारी मौन साधे हुए है।गौरतलब तो यह है कि प्रायः बच्चे विद्यालय के प्रागण में ख्ेलते नजर आते है और चहारदिवारी अूटी होने के कारण वह कब विद्यालय से बाहर हो जायेगे इसका किसी को अंदाजा नही रहता। इतना ही बलिक बच्चे खेलते-खेते उसी विशालकाय जर्जर पीपल के बृक्ष के नीचे आकर बैठ जाते है और वह पेड़ कब गिर जायेगा इसे कोई नही बता सकता। जबकि इस वर्ष पेड़ काफी पुराना होने के कारण भयंकर वारिष व तेज हवा के कारण वह 75अंश के कोण पर आकर टिका हुआ वह कब जमीदोज हो जायेगा यह भगवान भरोसे ही है। जबकि गौर करे तो विद्यालय प्रांगण में अगर बारिश हो जाय तो जलजमाव का होना तय है। वही ग्रामीणां सहित गाव के सम्भ्रान्तां का कहना है कि शिक्षा के विभाग के आलाधिकारी तत्काल मामले को गम्भीरता से लेते हुए जर्जर पीपल को कटवाते हुए टूटी हुई चहारदिवारी को अविलम्ब बनवाये जाने की मांग की है। ताकि समय रहते भारी घटना को रोका जा सके। इस संदर्भ में एबीएस सुरेन्द्र सहाय ने बताया मामला संज्ञान में नही जाचं कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

आरएसएस शताब्दी वर्ष पर हुआ पथ संचलनचहनिया चंदौलीक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी 100वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूर्ण कर शताब्दी वर्ष का शुभारंभ कस्बे के एक कॉन्वेंट स्कूल में उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों सहित समाज के प्रमुख जनसमुदाय ने सहभागिता की। आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण, शस्त्र पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिवपूजन जी ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। सह कार्यवाह रविन्द्र ने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के अथक प्रयासों का परिणाम है। संघ वैदिक और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग पर चलता है। संघ चालक रविन्द्र ने उद्बोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। संघ ने बीते 100 वर्षों में समाज को संगठित कर एक ध्येय पथ पर अग्रसर किया है। आज देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं कार्यरत हैं। हिंदुत्व समन्वय का विचार है, जिसमें बौद्ध, जैन, सिख सभी धर्मों को स्थान प्राप्त है। “रामराज्य और हिंदू राष्ट्र दो नहीं, एक ही उद्देश्य के रूप हैं,” ऐसा कहते हुए उन्होंने राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वही संघ संचालक ने कहा कि स्वदेशी अपना कर अपने देश को मजबूत किया जा सकता आप सभी से लोग स्वदेशी सामानों का उपयोग व उपभेग करे हमारा देश तरक्की कर सके। कार्यक्रम के उपरांत पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का पथ बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल से चहनिया बाजार मार्ग से होते हुए बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल पर आकर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सह खंड कार्यवाहक सुमन, संचालक शिवपूजन तिवारी, विभाग संघ दीपक, संघ चालक रविन्द्र, मुकेश, आशीष, अमरीश, अमरीश सिंह भोला, सूर्यमुनि तिवारी, अमित, चन्दन, इंद्रसेन सहित अनेक स्वयंसेवक संघ के सदस्य उपस्थित रहे।