शोक सभा का हुआ आयोजन चहनिया चन्दौली

शोक सभा का हुआ आयोजन चहनिया चन्दौली
बाबा कीनाराम मठ रामगढ़ के मीडिया प्रभारी व समाजसेवी कांग्रेस पार्टी के नेता बलुआ निवासी कुलदीप वर्मा के बड़े पिता स्वर्गीय दीनानाथ सेठ उम्र 77वर्ष की लम्बी बीमारी के बाद विगत रविवार को निधन हो गया। सूचना पर पत्रकारों द्वारा चहनिया कस्बा के हिंगुतरगढ़ धानापुर रोड स्थित कैम्प कार्यालय पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमे पत्रकारों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की। शोकसभा के दौरान जितेन्द्र मिश्र ने कहा स्व0 दीना नाथ जी बेहद ही सादगी पूर्ण जीवन यापन करने वाले कांग्रेसी विचार धारा के व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति थे। इन्होने ने क्षेत्र में गरीबी, मजदूरो, असहायो की मदद के लिए हमेशा ही आवाज बुलन्द किया करते थे और उनके जाने के बाद उस जगह को भर पाना सम्भव नही दिख रहा है। समाज की बहुत बड़ी अपूर्णनीय क्षति हुई है। ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ती प्रदान करे। इस दौरान लल्लू सिंह राही, श्रीप्रकाश यादव, मनोज मिश्रा, अब्बास अली, अंजनी नन्दन पाण्डेय, राजेन्द्र सिंह, विवेक कुमार चौरसिया, आनन्द कुमार निखिल ओझा, पन्ना मौर्या सहित दर्जनों पत्रकार बन्धु व समाजसेवी उपस्थित रहे।

मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव निवासी चंद्र प्रकाश पटेल, जो भारतीय सेना के जवान थे, युद्धाभ्यास के दौरान तोप पर शहीद हो गए। सेना के सूबेदार नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह तोप पर कैजुएल्टी का मामला है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर सेना द्वारा आज दोपहर में कछवां लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार गंगा तट पर किया जाएगा।
चंद्र प्रकाश पटेल का 2010 में भारतीय सेना में पहले प्रयास में चयन हुआ था। वह सेना की 99वीं बटालियन में तैनात थे और इन दिनों राजस्थान के सूरतगढ़ में तैनात थे। 22 अक्टूबर को वह घर आए थे, और एक सप्ताह के बाद सेना की ड्यूटी के लिए वापस लौट गए थे।
शहीद के परिवार में मातम, गांव में उमड़ी भीड़ चंद्र प्रकाश के निधन की सूचना मिलते ही गांव में गम का माहौल छा गया। शहीद जवान की पत्नी स्नेहा पटेल और ढाई साल के बेटे अयांश के साथ उनका परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। परिवार के अन्य सदस्य, विशेष रूप से उनके माता-पिता राजपति और राजनाथ पटेल, जो शहादत की खबर सुनकर विलाप कर रहे थे, इस दुःखद घटना से बुरी तरह प्रभावित हैं।

भगवान भास्कर के जयकारे से गूजायमान हुई अध्यात्मिक नगरीरामनगर वाराणसीविन्ध्य पर्वत के तलहटी में भगवान भोले नाथ की त्रिशूल पर वसी नगरी वाराणसी में चार द्विवसीय डाला छठ बड़े ही धूॅमधाम के साथ मनाया गया। मॉ भगवती गंगा के दोनां तटां अध्यात्मिक नगरी तो दुसरी तरफ रामनगर के राजा का किला स्थित है। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक व रामनगर से लेकर पड़ाव डोमरी तक हजारां नर नारी भगवान भास्कर के महापर्व को पूर्ण करने में लगे रहे। जिसके क्रम में मंगलवार की अल सुबह ही व्रतियो ने मॉं गंगा के तट पर पहुच कर उदयाचल भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया। जैसे भगवान भास्कर की किरणे मां गंगा के स्पर्श की कि चारों तरफ भगवान भास्कर व छठी मइया के गगन भेदी जयकारे से पूरा क्षेत्र गूजायमान हो गया और इसी अर्ध्य के साथ भगवान भास्कर महापर्व समाप्त हो गया।