01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि पर नए मतदाताओं के पंजीयन हेतु विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य शुरु – चंदौली

01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि पर नए मतदाताओं के पंजीयन हेतु विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य शुरु

मतदाता बनकर मजबूत लोकतंत्र बनाने में निभाएं अहम भूमिका जिलाधिकारी युवा मतदाताओं से नाम जुड़वाने की अपील चंदौली/दिनांक 06 जनवरी, 2026

 

आज पंडित कमलापति त्रिपाठी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंदौली में मतदाता रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार द्वारा माँ सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत हुआ। छात्रा अंतिमा उपाध्यक्ष द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत सुनाकर स्वागत किया गया। तत्पश्चात मतदाता रजिस्ट्रेशन हेल्प डेस्क का फीता काटकर शुभारंभ किया गया। साथ ही उपस्थित वहां बीएलओ से फार्म संबंधित जानकारी ली।

 

जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा के जिन युवाओं की आयु 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो गया है, वे अपने नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फार्म–6 तथा घोषणा पत्र भरकर बी.एल.ओ. को सौंप सकते हैं। इसके साथ ही जिन नागरिकों का नाम वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे भी फार्म–6 के माध्यम से अपना नाम शामिल करवा सकते हैं। यह अवधि नए मतदाताओं के पंजीयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पात्र मतदाता अपना फार्म–6 और घोषणा पत्र बी.एल.ओ. को दे सकते हैं या ऑनलाइन वोटर पोर्टल Voters.eci.gov.in के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत मतदाता सूची में दर्ज सभी मतदाताओं के गणना पत्रक प्राप्त होने के पश्चात आज दिनांक 06 जनवरी, 2026 को मतदाता सूची का आलेख प्रकाशन कर दिया गया है। यह सूची जिला मतदाता सूची जिला निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल से प्राप्त कर सकते है।

 

इसी क्रम में पात्र मतदाताओं का कोई भी नाम छूटने न पाए, इसके लिए बी.एल.ओ. द्वारा घर-घर जाकर निरंतर सत्यापन और जानकारी संकलन का कार्य किया जा रहा है।

 

जिलाधिकारी ने अपील किया कि सभी पात्र नागरिक विशेष रूप से वे जिनकी आयु 01.01.2026 को 18 वर्ष हो गई है,अपने नाम जुड़वाने हेतु समय पर फार्म–6 जमा कराएं। उन्होंने आगे बताया कि जो मतदाता किसी अन्य स्थान से जिले में स्थानांतरित हुए हैं, वे फॉर्म–8 सहित बी.एल.ओ. को प्रस्तुत करें, ताकि उनकी प्रविष्टि सही रूप से अद्यतन की जा सके।

 

जिलाधिकारी ने सभी पात्र नागरिकों से समय पर आवश्यक प्रपत्र जमा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है।

 

कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी सदर दिव्या ओझा, सम्बन्धित लेखपाल, बीएलओ सहित निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी एवं विद्यालय के प्राचार्य/ शिक्षकगण उपस्थित रहे।

भगवान भास्कर के जयकारे से गूजायमान हुई अध्यात्मिक नगरीरामनगर वाराणसीविन्ध्य पर्वत के तलहटी में भगवान भोले नाथ की त्रिशूल पर वसी नगरी वाराणसी में चार द्विवसीय डाला छठ बड़े ही धूॅमधाम के साथ मनाया गया। मॉ भगवती गंगा के दोनां तटां अध्यात्मिक नगरी तो दुसरी तरफ रामनगर के राजा का किला स्थित है। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक व रामनगर से लेकर पड़ाव डोमरी तक हजारां नर नारी भगवान भास्कर के महापर्व को पूर्ण करने में लगे रहे। जिसके क्रम में मंगलवार की अल सुबह ही व्रतियो ने मॉं गंगा के तट पर पहुच कर उदयाचल भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया। जैसे भगवान भास्कर की किरणे मां गंगा के स्पर्श की कि चारों तरफ भगवान भास्कर व छठी मइया के गगन भेदी जयकारे से पूरा क्षेत्र गूजायमान हो गया और इसी अर्ध्य के साथ भगवान भास्कर महापर्व समाप्त हो गया।

चंदौली पी डी डी यू नगर! पब्लिक इंटरेस्ट थिंकर्स असेंबली” पिता” संस्था  द्वारा प्रताड़ित पतियों पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस चर्चा के केंद्र में था बेंगलुरु में  अतुल सुभाष  नामक एक इंजीनियर द्वारा लिखा सुसाइड नोट और उस सुसाइड नोट पर उसका  लाईव वीडियो जिसमें उसने अपने आत्महत्या के कारणों के साथ इस कारण में अपनी तथा अपने पत्नी और ससुराल पक्ष के धन लोलुपता, भारतीय न्याय पद्धति के गुण दोष, न्याय और न्यायालय की गतिविधियों का चर्चा करते हुए अपनी प्रताड़ना और अपनी अंतिम इच्छा तक को समाज और न्यायिक तंत्र के समक्ष रखा है.
अतुल सुभाष कोई अकेला प्रताडित नहीं पुरुषों में बढ़ती आत्महत्या इस विषय की गंभीरता इस चर्चा को समाज की जरूरत बना दिया आयोजक संस्था ने इस चर्चा के पीछे जो कारण रखे हैं उसमे समाजिक दायित्व और न्यायिक प्रक्रिया में सुधार की मांग है.
यह कार्यक्रम नगर के श्री दर्शन वेला के सभागार में आयोजित हुआ जिसमें  वरिष्ठ अधिवक्ता सदानन्द सिंह महिला पक्ष विशेष  वरिष्ठ अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप सिंह,
दिवानी और फौजदारी   पक्ष से  वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश सिंह  के नेतृत्व में युवा और महिला अधिवक्ताओं का एक पैनल इस चर्चा का हिस्सा रहा वही पत्रकार दीर्घा से इस चर्चा में वरिष्ठ पत्रकारों की संवेदनशील सत्य दृष्टि का नेतृत्व पत्रकार.  पवन कुमार तिवारी के साथ.             पत्रकार बंधुओं की सहभागिता हुयी. प्रबुद्ध दीर्घा में रिटायर पुलिस अधिकारी, समाज सेवी, यूनियन का नेतृत्व करने वाले, समाज के सभी वर्गों के साथ महिला प्रमुखों की भी सहभागिता रही. इस चर्चा में प्रताड़ित भुक्तभोगी यों की  उपस्थित सुनिश्चित कर रही थी की महिला अपने प्रति सामाजिक निष्ठा और न्यायिक अधिकार को अब  वो एक आत्मघाती हथियार की तरह प्रयोग करने की ओर बढ़ चली हैं.
यह चर्चा आत्महत्या से अपनी जीवन लीला समाप्त करने वाले युवा वर्ग की समस्या से जुड़ी रही  जो विवाह और प्रेम की जीवन  प्रथा  को एक कुरीति और भय का नाम दे रही. यह आत्महत्या  उस घटना को सार्वजनिक करती  है  जिसमें मरने वाला अपने  मौत से पूर्व कुछ सवाल अपनी ओर से  छोड़ गया.एक पढ़ा लिखा इंजीनियर काफी ऊंची वेतन भुगतान पाने वाला आखिर किस प्रताड़ना मे था जो इस प्रकार विवश हुआ उसकी न्याय की गुहार क्या  है? यह न्याय पद्धति  कितना न्याय प्रिय है? विशेषाधिकार का दुरुपयोग कितना घातक? आदि  इन सभी विषयों को जोड़ता “अतुल सुभाष की मौत” हत्या, आत्महत्या या न्यायिक दोष “विषय पर यह चर्चा चार सत्र में हुयी पहले सत्र में विषय और घटना परिचय जिसका संचालन सतनाम सिंह( सोशल एक्टिविस्ट) दूसरे सत्र चर्चा नियम और घटना परिचय महिला अधिवक्ता श्वेता सिद्धिदात्री और चर्चा काल का संचालन युवा पत्रकार राजेश गोस्वामी तथा प्रश्न काल का संचालन चर्चा संयोजक चंद्र भूषण मिश्र कौशिक ने किया.

इस संवाद पर चर्चा में “पिता” संस्था के सदस्य, जैसे कुलविंदर सिंह, आनंद, अमित महलका, अजहर अंसारी, योगेंद्र यादव अल्लू, बिजेंद्र सिंह, दिनेश शर्मा, रवनीत सिंह, हमीर शाह,  नीतीश कुमार, प्रवीण यदुवेंदु, प्रिया जैस, राजेश गुप्ता, रीना जी, रुचिका शाह, श्वेता जी, तनवीर अंसारी, तारीक जी, विकास खरवार, विकास आनंद और अन्य सदस्य मौजूद रहे।