फैमिली आईडी की प्रगति धीमी, जिलाधिकारी ने बीडीओ एवं एडिओ पंचायत की समीक्षा – चंदौली/दिनांक 09 जनवरी, 2026

फैमिली आईडी की प्रगति धीमी, जिलाधिकारी ने बीडीओ एवं एडिओ पंचायत की समीक्षा – चंदौली/दिनांक 09 जनवरी, 2026

 

जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने फैमिली आईडी कार्ड एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार मे सम्पन्न हुई।

 

बैठक के दौरान कहा कि फैमिली आईडी बनाने का काम चल रहा है लेकिन प्रगति नहीं बढ़ रही है। जबकि इसकी मानीटरिंग सीएम डैशबोर्ड पर भी होती है। जिलाधिकारी ने उन सभी बीडीओ एवं एडिओ पंचायत को प्रगति सुधारने की हिदायत दी जिनकी प्रगति कम रही। सभी बीडीओ से फैमिली आईडी की प्रगति बढ़ाने को कहा। जिलाधिकारी ने हर ब्लॉक को रोज सौ से 125 आईडी बनवाने का निर्देश दिया है। सभी बीडीओ से कहा है कि सभी सचिवों के माध्यम से फैमिली आईडी का काम तेज कराएं। इसकी मानीटरिंग करें और रोज रिपोर्ट भेजें, जो भी आवेदन आएं उनकी जांच कर तुरंत अप्रूव करें जिससे प्रगति बढ़ सके।

 

बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार, समस्त बीडीओ एवं एडिओ पंचायत सहित अन्य संबंधित अधिकारी गण उपस्थित रहें।

16/12/2024मुगलसराय, चन्दौली। बीपी स्कूल दुल्हीपुर में आज से शुरू सतपोखरी खेल समारोह में कबड्डी खेल में गौरा कला ने सासाराम टीम को हराया 25 प्वाइंट गौरा के थे सासाराम के 23 प्वाइंट ही थे खेल समाप्त हुआ तब गौरा टीम 2 प्वाइंट से जीती गौरा ने 2 प्वाइंट से मुकाबला जीता।इसके पहले चीफ गेस्ट चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने प्लेयर से परिचय प्राप्त करके प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। सांसद ने कहा इस तरह के खेल से समाज में अमन चैन बढ़ता है। प्लेयरों में एक नई उर्जा आती है।

अधिकारियों के आदेश को मातहत दिखा रहे ठेगा
चहनियां चन्दौली।
क्षेत्र के प्रभुपुर गावं में अराजी नं0 311पर चकरोड बनवाने के लिए पिड़ित वायुनन्दन त्रिपाठी ने उपजिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी के यहा प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाया गया। लेकिन उच्चाधिकारियां के आदेश के बावजूद भी मातहत सचिव व प्रारम्भ कार्य कराना उचित नही समझ रहे है। वही पिड़ित वायुनन्दन ने खण्ड विकास अधिकारी से बार-बार मिलने के पर खण्ड विकास अधिकारी ने दो दिन के अन्दर काम लगवाये जाने का आश्वासन देकर प्रार्थी को शान्त कराया। इस संबंध में तत्कालीन एडीओ पंचायत ने सचिव को कार्य कराने का लिखित आदेश दिया था लेकिन सचिव द्वारा उसे नजर अंदाज करते हुए कार्य कराना उचित नही समझा। ग्राम प्रधान चुनावी रंग में रंग कर आलाधिकारियां के आदेश को ठेगा दिखाते हुए ठंण्डे बस्ते में डाल दिया है। अधिकारियों के आदेश को दो-दिन, चार-दिन करते-करते मातहत सचिव व ग्राम प्रधान दो माह बिता दिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारियों का आदेश का कितना मातहत पालन करते है। अधिकारियों ढ़ुलमुल रवैया पूर्ण आदेश से तंग आकर पिड़ित आमरण अनशन करने का बाध्य हो गया। वही पिड़ित वायुनन्दन ने आलाधिकारियों चेताते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द कार्य प्रारम्भ नही करवाया तो प्रार्थी आमरण अनशन को बाध्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी मातहतों की होगी।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से मज़दूरों को समर्पित एक अपील
“फिर से चाहिए 8 घंटे का अधिकार –
मज़दूर न किसी का ग़ुलाम है, न कोई व्यापार!”

आज 1 मई – अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस है। यह वह दिन है जब पूरी दुनिया उन मेहनतकश हाथों को सलाम करती है, जिन्होंने अपने खून-पसीने से दुनिया का निर्माण किया है।
लेकिन आज एक बार फिर वही सवाल खड़ा है –
क्या हमारे मज़दूरों को वह सम्मान, वह अधिकार मिल पा रहे हैं जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी?

1886 में अमेरिका के शिकागो में जब मज़दूरों ने 8 घंटे की शिफ्ट के लिए अपनी जानें दीं, तब जाकर यह अधिकार मिला।
मगर आज फिर वही मज़दूर 12 से 18 घंटे काम करने को विवश है –
कम मज़दूरी, ज़्यादा काम, और सम्मान शून्य।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से हम यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं:

8 घंटे का काम मज़दूर का हक़ है, एहसान नहीं।

हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, और काम का सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए।

मज़दूर को कोई ठेके का सामान न समझें – वह भी एक इंसान है, जिसके सपने हैं, परिवार है, और जीने का हक़ है।


आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है –
मज़दूरों की आवाज़ को फिर से बुलंद करना।
उनके हक़ के लिए एकजुट होना।

हमारा संकल्प:
“रोटी भी चाहिए, इज़्ज़त भी चाहिए,
इंसान हैं हम – गुलाम नहीं!”

आपका
संजय रस्तोगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष – मानवाधिकार न्यूज़