एचडीएफसी बैंक एवं स्टार इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वाधान में हुआ रक्तदान शिविर का आयोजन।

रिपोर्ट राहुल मेहानी

एचडीएफसी बैंक एवं स्टार इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वाधान में हुआ रक्तदान शिविर का आयोजन।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सीओ पीडीडीयू नगर आशुतोष तिवारी एवं लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ•अनिल कुमार यादव जी के द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया।
रक्तदान शिविर में युवाओं ने बढ़-चढ़कर के हिस्सा लिया जिसमें 7 छात्रों ने पहली बार रक्तदान किया।
इससे पहले मुख्य अतिथि ने सरस्वती प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत किया और रक्तदान करने वाले सभी छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया। विशिष्ट अतिथि डॉ•अनिल यादव ने रक्तदान करने वाले सभी युवाओं को समाज से समाज के मुख्य धारा में जुड़ने के लिए निर्देशन दिया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। रक्त कलेक्शन के लिए चंदौली ब्लड बैंक की टीम उपस्थिति रही।
एचडीएफसी बैंक से अंकित त्रिपाठी ने बताया कि यह रक्तदान शिविर एचडीएफसी बैंक के उत्तर प्रदेश हेड सौरभ श्रीवास्तव जी एवं सर्किल हेड वाराणसी प्रदीप शुक्ला जी के निर्देशन में किया जा रहा है और बैंक द्वारा लगातार ऐसे ही अन्य सामाजिक संस्थाओं और महाविद्यालय के साथ मिलकर के रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर दीपक ओझा जी ने बताया कि इंस्टिट्यूट लगातार ऐसे रक्तदान शिविर का आयोजन करता है जिससे समाज में एक अच्छा संदेश पहुंचे।
शिविर में कुल 27 लोगों ने रक्तदान किया। इस दौरान एचडीएफसी बैंक से शशांक श्रीवास्तव,अंकित इंस्टिट्यूट से मानस घोष,विवेक,अमन, विश्वजीत, शालिनी, रमेश, अब्दुल ,आर्यन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

धनुष टूटने का दृश्य देख दर्शक हुए गदगद -शेरवां खखडा गांव में आयोजित श्री राम कथा केतिसरे दिन शुक्रवार की कथा वाचक पंडित मंगलम दीप महाराज कथा में बतलाया कि शिव धनुष टूटते ही चारों तरफ हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारे से पूरा पांडाल सहित गांव गुजायमान हो गया। इस दौरान राजा जनक के सीता स्वयंवर के लिये रखे गये शर्त को जब कोई राजा, देव-दानव-मानव पूरा नही कर पाए तब महाराज जनक निराश हो गये और उन्होने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मैं यह समझता कि यहां कोई भी वीर पुरूष नही सभी का-पुरूष ही का-पुरूष है। तो मैं अपनी बेटी के लिए एेंसा शर्त नही रखता। स्वयंर देखने के उद्देश्य से पहुचे लक्षमण तुरन्त ही उनको बातों से कुद्ध होकर कहे महाराज जनक रघुवंशियो के समक्ष इस तरह के शब्द बोलने का किसी को कोई अधिकार नही यह धनुष क्या चीज है अगर बड़े भैया का आदेश हो तो मैं पूरी पृथ्वी को गेद तरह उठाकर पटक कई टुकड़े कर दूं। जिस पर गुरू विश्वामित्र व प्रभुराम ने लक्षमण को समझाते हुए शान्त करवाया और महाराज जनक की निराशा को आशा में तब्दील करते हुए शुभ-मुहुर्त में विश्वामित्र के आदेशानुसार प्रभु श्रीराम ने धुनष पर तमंचा चढ़ाने गये और तमंचा चढ़ाते ही वह टूट गया। धनुष के टूटते ही चारो तरफ हर-हर महादेव, व जय श्रीराम के नारे से पूरा गांव सहित पंडाल गुजायमान हो गया। इस दौरान कथा में उपस्थित मंगल मिश्रा, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी,बिशाल,मनोहर, अशोक मिश्रा, सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

प्राचीन हनुमान मंदिर के पास चल रही मांस की दुकान बंद

पंडित दीनदयाल नगर के ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर में स्थित प्राचीन हनुमान जी के मंदिर के ठीक बगल में पिछले ढाई महीने से बूचड़खाना एवं मांस की दुकान संचालित हो रही थी। इस मामले की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय ग्रामवासियों के साथ मिलकर प्रकरण को गंभीरता से उठाया और दुल्हीपुर चौकी को सूचना दी।

सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अपने एक कांस्टेबल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के बाद पुलिस ने दुकान मालिक को तुरंत दुकान बंद करने का आदेश दिया।

स्थानीय ग्रामीणों एवं विश्व हिंदू परिषद–बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा का ध्यान रखा जाना आवश्यक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए स्थायी कदम उठाए जाएं।