गोलाम्बर न होने से आये दिन हो रही दुर्घटनाएं चहनिया चन्दौली।

गोलाम्बर न होने से आये दिन हो रही दुर्घटनाएं
चहनिया चन्दौली।
क्षेत्र के चहनिया कस्बा स्थित चौराहे पर गोलाम्बर न होने से आये दिन वाहन दुर्घटनाआें की होड़ लग गयी है। बिगत तीन दिन के अन्दर चार दुर्घटनाएं घटित हो जिसमें तीन की मौत हो गयी दो व्यक्ति जीवन व मौत से जूझ रहे है। मथेला पुल से लेकर तिरगांवा तक आये दिन दुर्घटनाए घटित हो रही जिसमें कई लोग अपनी जान गवा बैठे तो कई लोग जीवन व मौत से जूझ रहे है। जबकि चहनिया चौराहे पर आये दिन सायकिल, मोटर सायकिल आटो व चार पहिया वाहन लड़ते-भिड़ते रहते कुछ लोग तो आपसी सामजस्य बनाकर बड़ी घटना होने से बचाते रहते है। वही क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन सहित पीडब्लूडी विभाग का ध्यान आकृष्ट करवाते हुए चौराहे पर गोलाम्बर बनवाये जाने की मांग की ताकि दुर्घटनाओं से लोगे को बचाया जा सके। समाजसेवी धु्रुव कुमार मिश्र उर्फ प्रिन्स का कहना है कि सड़क फोरलेन बन जाने के बाद इस चौराहे का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ गया यह चौराहा पूरे जनपद का सर्वोत्तम चौराहा है। इस चौराहे जमानिया, सैदपुर, वाराणसी, मुगलसराय, चन्दौली इत्यादि सबकी दूरी 25 से 30किलोमीटर तय कर लोग पहुच जाते है। इतना ही नही बल्कि विहार प्रान्त के नेता वगैरह वीवीआईपी भी बाबतपुर से सीधा इसी रोड का इस्तेमाल कर आवागमन करते है। ऐसे में चौराहे पर गोलाम्बर का होना अतिआवश्यक है। कारण यह कि चौराहे से मात्र 3किलोमीटर के अन्दर में चार-चार महाविद्यालय चार से पांच इंग्लिश मिडियम कान्वेन्ट स्कूल संचालित होते है और सभी का आवागमन इसी चौराहे से होकर आना जाना होता है। जबकि विकास खण्ड कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, जलनिगम कार्यालय, पशु चिकित्सालय, बाल विकास समेंकित केन्द्र, वन विभाग, चकवन्दी कार्य, विद्युत उपकेन्द्र, छः व्यापारिक बैंक आदि संचालित होते है। जहा प्रतिदिन हजारो लोगो का आवागमन होता रहता है।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा प्रसंग सुनकर भक्त हुए निहाल चहनियां चन्दौली क्षेत्र के पक्खोपुर गांव में श्री त्रिदण्डी स्वामी के शिष्य सुन्दरदास यति जी महराज ने अपने मुखार विन्दु से भगवान विष्णु के अवतारों, विशेष रूप से भगवान कृष्ण की लीलाओं और भक्ति योग का वर्णन किया। स्वामी जी ने बताया कि जब-जब धरा पर पाप का बोझ बढ़ जाता है तब-तब भगवान को किसी न किसी रूप में अवतार लेकर पापियो का ाश कर आमजन को मुक्ति दिलाना है। जब कंस का पाप चरमोकर्ष पर पहुच गया तब नाथ नारायण ने श्रीकृष्ण रूप में जन्म लेकर कंस का अंत करके मथुरा का उद्धार किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कथा का प्रसंग सुनकर भक्त निहाल हो गये। इस दौरान जिउत बन्धन यदव, राजेश सिंह, प्रभाकर सिंह, निरज पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, दीपक सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अशोक, सारनाथ, प्रेमकुमार सिंह सहित सैकड़ो ग्रामवासी मौजूद रहे – चाहनिया चंदौली