वृहत ऋण शिविर का आयोजन

चंदौली दिनांक 20 फरवरी 2026

दिनांक 01-02-2026 को माननीय मुख्यमंत्रीजी की अध्यक्षता में सम्पन्न एसएलबीसी की विशेष बैठक के अंतर्गत प्राप्त निर्देशानुसार आज दिनांक 20 फरवरी 2026 कोजनपद चंदौली में वृहत ऋण शिविर का आयोजन उपायुक्त उद्योग श्री उदय प्रकाश पासवान की अध्यक्षता में नियामताबाद ब्लॉक के सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न सरकारी प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के बारे में जनमानस को विस्तार से बताया गया । शिविर में लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े । शिविर का मुख्य केंद्र बिंदु मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना रहा । इसके अंतर्गत आज लगभग 40 आवेदनकर्ताओं को स्वीकृति पत्र विभिन्न बैंकों से आए शाखा प्रबंधकों द्वारा प्रदान किया गया । इस अवसर पर विभिन्न बैंकों द्वारा आज 60 ऋण सीएम युवा उद्यमी योजना अंतर्गत स्वीकृत किए गए।इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक महोदय श्री सुनील कुमार भगत , जिला विकास अधिकारी नाबार्ड श्री विजेंद्र कुमार एवं जिला उद्योग केंद्र के अन्य अधिकारी मौजूद थे ।

सीता हरण के दौरान जटायु व रावण का भंयकर युद्ध लीला का हुआ मंचनचहनियां चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के यह सातवें दिन रविवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ के साथ प्रारम्भ किया गया। रामलीला के सातवें दिन रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और पुष्पक विमान से वह लंका ले जाने लगा। जिसपर माता सीता की करूण विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु ने अपने मित्र की पुत्र बधु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करने लगा बड़ी भयंकर युद्ध हुआ रावण जटायु की मार को सहन न कर सका और क्रुद्ध होकर भगवान शिव द्वारा प्राप्त चन्द्रहासं खड्ग से जटायु पर वार कर दिया जिसमें जटायु का एक पंख कट गया लेकिन उसके बावजूद भी युद्ध नही थमा तब तक रावण ने दूसरा वार कर दिया। जिसमें जटायू का दूसरा पंख भी काट दिया जिससे आकाश से गिरकर जटायू गंभीर रूप से घायल हो गये। जब प्रभु श्रीराम व लक्षमण अपनी भार्या सीता को जंगल-वन-पहाड़ां से घुमते-घुमते रास्ते में गिरे जटायू से होती है तो जटायू ने पूरा वृतान्त प्रभु श्रीराम को सुनाया और अपना प्राण दिया। जिस पर प्रभु श्रीराम ने अपने पिता के मित्र की पुत्र बनकर अन्त्येष्टि कर सीता माता की खोज करने लगे। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ों कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।