चंदौली गोलीकांड: मानवाधिकार के सवालों के बीच गांव में दहशत

चंदौली गोलीकांड: मानवाधिकार के सवालों के बीच गांव में दहशत

 

 

चंदौली (उत्तर प्रदेश)। वाराणसी–चंदौली रिंग रोड के समीप मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सहजौर गांव के पास बीती रात एक सनसनीखेज घटना में कहासुनी के बीच एक मनबढ़ युवक द्वारा चार लोगों को गोली मारने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

क्या है मामला?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि सहजौर गांव के पूर्व प्रधान सूर्य प्रकाश सिंह ने गोली चलाकर चार लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया और मौके से फरार हो गया।

घायलों की पहचान सोनू यादव, रामकुमार यादव, अक्षय यादव और कृष्णा यादव के रूप में हुई है। सभी को आनन-फानन में वाराणसी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं। क्षेत्राधिकारी (सीओ) सहित कई थानों की फोर्स गांव में तैनात की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

यह घटना मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सहजौर गांव के पास हुई। सभी घायल छेमिया गांव, मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।

मानवाधिकार का पहलू

इस घटना ने कानून-व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मानवाधिकार के दृष्टिकोण से यह मामला न केवल जानलेवा हिंसा का है, बल्कि ग्रामीण सामाजिक ताने-बाने पर भी गहरा असर डालता है।

क्या स्थानीय स्तर पर विवाद निपटान की व्यवस्था प्रभावी है?

क्या प्रशासनिक निगरानी पर्याप्त है?

क्या पीड़ित परिवारों को उचित सुरक्षा और कानूनी सहायता मिल पाएगी?

मानवाधिकार संगठनों ने मांग की है कि आरोपित की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, घायलों को समुचित उपचार और सुरक्षा दी जाए तथा निष्पक्ष जांच कराई जाए।

निष्कर्ष

रुपये के लेनदेन से शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े आपराधिक मामले में बदल चुका है। गांव में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है। प्रशासन से अपेक्षा है कि जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए।

शिक्षक समस्याओं के निस्तारण हेतु बीएसए से मिला संगठन उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ,चंदौली के मासिक बैठक के पश्चात संगठन का द्वारा शिक्षक समस्याओं से जुड़े मांग पत्र को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया ।

कहीं बज बजाती नालियां तो कहीं झाड़- झंखाड से पटा रास्ता ग्रामीण हलकान-चंदौली तारा जीवनपुर स्थित सहरोई गांव में इन दिनों बज बजाती नालिया तो कहीं गांव में मेन रास्तों पर झाड़ -झंखारों से पटा हुआ है। हाल यह है कि अगर समय रहते साफ सफाई नहीं की गई तो संक्रामक बीमारियों को इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मेन रास्तों पर झाड़ झंखाड इस तरह पट गया कि उसपर राह चलना दुष्कर हो गया है। बरसात के दिनों में झाड़-झंखाड़ो में विशैल जीव जंतुओं का निवास हो गया है। जो कि हमेशा दुर्घटनाएं की आशंका बनी रहती है। नाबदान के पानी से उठ रहे दुर्गंध से ग्रामीण का नरकी जीवन जीने को विवश हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मी गांव में दर्शन दुर्लभ हो गया है। कभी -कभार आकर हाजिरी लगाकर रफू चक्कर हो जाता है। ग्रामीणों ने सफाई कर्मी से इस संदर्भ में कहा जाता कि झाड़- झंखाड व नालियों को साफ कर दीजिए तो यह कह कर टाल देता है कि आप लोग हमारे अधिकारियों से बात कर लीजिए। वहीं ग्रामीण प्रधान व सचिव से कई बार अवगत करवाया लेकिन निजात दिलाने में असमर्थ हैं। वहीं उपस्थित नामवर मिश्रा, ईश्वरी, उमेश मिश्रा, रमेश मिश्रा, राजेंद्र प्रजापति, पखंडू गुप्ता, कुंवारू गुप्ता, चंद्रबली खरवार, महानंद मिश्रा, शिशु मिश्रा, लादी प्रजापति, देवेन्द्र मिश्रा सुनील मिश्रा, बेचू, दर्जनों ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि नाली व झाड़ झंखाड का समुचित व्यवस्था नहीं हुआ तो हम ग्रामीण विकासखंड कार्यालय का घेराव करते हुए धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।