प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में ‘प्रयाग रिद्म फेस्ट 2026’ का भव्य आयोजन

प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में ‘प्रयाग रिद्म फेस्ट 2026’ का भव्य आयोजन

मुगलसराय स्थित प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में 19 अप्रैल 2026 को ‘प्रयाग रिद्म फेस्ट 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। यह एक अंतर-विद्यालयीय संगीत एवं नृत्य प्रतियोगिता थी, जिसमें जनपद चंदौली के 12 प्रतिष्ठित विद्यालयों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

कार्यक्रम में वाद्य (Instrumental), गायन (Vocal) एवं नृत्य (Dance) की तीन प्रमुख श्रेणियाँ रखी गईं, जिन्हें विभिन्न आयु वर्गों—0 से 8 वर्ष, 9 से 13 वर्ष तथा 14 से 18 वर्ष—में विभाजित किया गया। लगभग 200 विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में अद्भुत ऊर्जा, आत्मविश्वास और मंचीय प्रस्तुति का आकर्षक प्रदर्शन देखने को मिला। दर्शकों की तालियों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

 

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय निर्णायक प्रक्रिया रही। इस अवसर पर प्रसिद्ध वाद्य यंत्र विशेषज्ञ (इंस्ट्रुमेंटलिस्ट) श्री समीर कुमार कुंडू निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। वे हवाईयन गिटार एवं तबला वादन में दक्ष हैं तथा हवाईयन गिटार में पोस्ट-ग्रेजुएशन (प्रवीण) और तबला में ग्रेजुएशन (प्रयागकर) की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं। उन्हें वोकल एवं सितार का भी गहन ज्ञान है और वे वोकल वाद्यों के साथ संगत में विशेष निपुणता रखते हैं।

 

श्री कुंडू का अनुभव अत्यंत समृद्ध रहा है। वे आकाशवाणी (All India Radio) के ‘युवा वाणी’ एवं बी-ग्रेड कलाकार के रूप में कई वर्षों तक अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने भारतीय रेल सहित विभिन्न संस्थानों में अनेक प्रस्तुतियाँ दी हैं। वे संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश तथा प्रयाग संगीत समिति, प्रयागराज की प्रतियोगिताओं में तबला संगत भी कर चुके हैं।

विद्यालय प्रबंधन द्वारा उत्कृष्ट आयोजन व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण भी देखने को मिला। अभिभावकों एवं अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

 

‘प्रयाग रिद्म फेस्ट 2026’ ने न केवल विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच दिया, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और रचनात्मकता को भी प्रोत्साहित किया। यह आयोजन निस्संदेह प्रतिभाओं को नई पहचान देने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।

चंदौली पी डी डी यू नगर! पब्लिक इंटरेस्ट थिंकर्स असेंबली” पिता” संस्था  द्वारा प्रताड़ित पतियों पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस चर्चा के केंद्र में था बेंगलुरु में  अतुल सुभाष  नामक एक इंजीनियर द्वारा लिखा सुसाइड नोट और उस सुसाइड नोट पर उसका  लाईव वीडियो जिसमें उसने अपने आत्महत्या के कारणों के साथ इस कारण में अपनी तथा अपने पत्नी और ससुराल पक्ष के धन लोलुपता, भारतीय न्याय पद्धति के गुण दोष, न्याय और न्यायालय की गतिविधियों का चर्चा करते हुए अपनी प्रताड़ना और अपनी अंतिम इच्छा तक को समाज और न्यायिक तंत्र के समक्ष रखा है.
अतुल सुभाष कोई अकेला प्रताडित नहीं पुरुषों में बढ़ती आत्महत्या इस विषय की गंभीरता इस चर्चा को समाज की जरूरत बना दिया आयोजक संस्था ने इस चर्चा के पीछे जो कारण रखे हैं उसमे समाजिक दायित्व और न्यायिक प्रक्रिया में सुधार की मांग है.
यह कार्यक्रम नगर के श्री दर्शन वेला के सभागार में आयोजित हुआ जिसमें  वरिष्ठ अधिवक्ता सदानन्द सिंह महिला पक्ष विशेष  वरिष्ठ अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप सिंह,
दिवानी और फौजदारी   पक्ष से  वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश सिंह  के नेतृत्व में युवा और महिला अधिवक्ताओं का एक पैनल इस चर्चा का हिस्सा रहा वही पत्रकार दीर्घा से इस चर्चा में वरिष्ठ पत्रकारों की संवेदनशील सत्य दृष्टि का नेतृत्व पत्रकार.  पवन कुमार तिवारी के साथ.             पत्रकार बंधुओं की सहभागिता हुयी. प्रबुद्ध दीर्घा में रिटायर पुलिस अधिकारी, समाज सेवी, यूनियन का नेतृत्व करने वाले, समाज के सभी वर्गों के साथ महिला प्रमुखों की भी सहभागिता रही. इस चर्चा में प्रताड़ित भुक्तभोगी यों की  उपस्थित सुनिश्चित कर रही थी की महिला अपने प्रति सामाजिक निष्ठा और न्यायिक अधिकार को अब  वो एक आत्मघाती हथियार की तरह प्रयोग करने की ओर बढ़ चली हैं.
यह चर्चा आत्महत्या से अपनी जीवन लीला समाप्त करने वाले युवा वर्ग की समस्या से जुड़ी रही  जो विवाह और प्रेम की जीवन  प्रथा  को एक कुरीति और भय का नाम दे रही. यह आत्महत्या  उस घटना को सार्वजनिक करती  है  जिसमें मरने वाला अपने  मौत से पूर्व कुछ सवाल अपनी ओर से  छोड़ गया.एक पढ़ा लिखा इंजीनियर काफी ऊंची वेतन भुगतान पाने वाला आखिर किस प्रताड़ना मे था जो इस प्रकार विवश हुआ उसकी न्याय की गुहार क्या  है? यह न्याय पद्धति  कितना न्याय प्रिय है? विशेषाधिकार का दुरुपयोग कितना घातक? आदि  इन सभी विषयों को जोड़ता “अतुल सुभाष की मौत” हत्या, आत्महत्या या न्यायिक दोष “विषय पर यह चर्चा चार सत्र में हुयी पहले सत्र में विषय और घटना परिचय जिसका संचालन सतनाम सिंह( सोशल एक्टिविस्ट) दूसरे सत्र चर्चा नियम और घटना परिचय महिला अधिवक्ता श्वेता सिद्धिदात्री और चर्चा काल का संचालन युवा पत्रकार राजेश गोस्वामी तथा प्रश्न काल का संचालन चर्चा संयोजक चंद्र भूषण मिश्र कौशिक ने किया.

इस संवाद पर चर्चा में “पिता” संस्था के सदस्य, जैसे कुलविंदर सिंह, आनंद, अमित महलका, अजहर अंसारी, योगेंद्र यादव अल्लू, बिजेंद्र सिंह, दिनेश शर्मा, रवनीत सिंह, हमीर शाह,  नीतीश कुमार, प्रवीण यदुवेंदु, प्रिया जैस, राजेश गुप्ता, रीना जी, रुचिका शाह, श्वेता जी, तनवीर अंसारी, तारीक जी, विकास खरवार, विकास आनंद और अन्य सदस्य मौजूद रहे।

भगवान भास्कर के जयकारे से गूजायमान हुई अध्यात्मिक नगरीरामनगर वाराणसीविन्ध्य पर्वत के तलहटी में भगवान भोले नाथ की त्रिशूल पर वसी नगरी वाराणसी में चार द्विवसीय डाला छठ बड़े ही धूॅमधाम के साथ मनाया गया। मॉ भगवती गंगा के दोनां तटां अध्यात्मिक नगरी तो दुसरी तरफ रामनगर के राजा का किला स्थित है। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक व रामनगर से लेकर पड़ाव डोमरी तक हजारां नर नारी भगवान भास्कर के महापर्व को पूर्ण करने में लगे रहे। जिसके क्रम में मंगलवार की अल सुबह ही व्रतियो ने मॉं गंगा के तट पर पहुच कर उदयाचल भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया। जैसे भगवान भास्कर की किरणे मां गंगा के स्पर्श की कि चारों तरफ भगवान भास्कर व छठी मइया के गगन भेदी जयकारे से पूरा क्षेत्र गूजायमान हो गया और इसी अर्ध्य के साथ भगवान भास्कर महापर्व समाप्त हो गया।