हनुमान जयन्ती पर मन्दिरो में उमड़ी भीड़  चहनिया चन्दौली। 

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

हनुमान जयन्ती पर मन्दिरो में उमड़ी भीड़

चहनिया चन्दौली। रिपोर्ट मनोज मिश्रा

क्षेत्र में हनुमान जयन्ती के पावन अवसर पर हनुमान मन्दिरां श्रद्धालू भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। बिगत चार-पांच दिन पूर्व से हनुमान मन्दिरों का रंग-रोशन, डेन्ट-पेन्ट, साफ-सफाई इत्यादि का कार्य पूर्णकर अखण्ड हरिकीर्तन व रामायाण पाठ का आयोजन प्रारम्भ कर दिया चहुआरे हरी नाम कीर्तन से पूरा क्षेत्र राममय बना रहा। इसी क्रम में सकलडीहा सपा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने हनुमानगढ़ी भलेहटा में जाकर मत्था टेका और लोककल्याण की कामना की। वही विधायक जी ने बताया कि हनुमानगढ़ी भलेहटा के ग्रामीणों द्वारा प्रत्येक माह की पूर्णिमा तिथि को अखण्ड हरिकीर्तन का आयोजन बिगत दो दशक से निरंन्तर चलता आ रहा है। जो लोकल्याण का साधन है। इसी क्रम में क्षेत्र के लक्षमनगढ़, उतड़ी, पपौरा, कैथी, रामगढ़, बाबा फलहारी सराय बलुआ, छपरा, फूलपुर, हनुमानगढ़ी नादी निधौरा ,सहरौइ ,इत्यादि मन्दिरों में अखण्ड हरीकीर्तन व रामायण पाठ का आयोजन चलता रहा। इस दौरान राधेश्याम विश्वकर्मा, तुफानी यादव, हीरा सिंह, झूरी सिंह, दशरथ शर्मा, रामप्रवेश शर्मा, दरोगा त्रिपाठी, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

प्रबोधिनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने़ लगाई आस्था की डुबकीचहनिया चन्दौली।क्षेत्र के मां भागीरथी के पश्चिमी वाहिनी बलुआ घाट पर प्रबोधिनी एकादशी के पावन पर्व पर हजारां श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाते हुए मन्दिर पूजा पाठ कर याचक ओर भिक्षुओं का दानपुन्य कर यश के भागी बने। इसी क्रम में क्षेत्र के महुआरी, कांवर, महुअरकलां, पूरा विजयी, तिरगावां, टाण्डाकलां, सैफपुर, नादी-निधौरा समस्त गंगा तटीय गावों के घाटो पर भारी भीड़ उमड़ी रही।शनिवार की अलसुबह ही हजरो श्रद्धालुओं की भीड़ बलुआ घाट पर पहुचने लगी और देखते ही देखते मेले जैसे रूवरूप लेते हुए भारी भीड़ के रूप में तब्दील हो गयी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु अपने योग चर्तुमासा निद्रा से जागते हैं इसी कारण इसे देव उठान या देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मॉ तुलसी का विवाह भी श्री हरि नारायण से सम्पन्न कराया जाता है। उसी मान्यता के अनुसार समस्त जगत में मांगलिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो जाते है। वही सुरक्षा की दृष्टि से उपनिरीक्षक विनोद सिंह, महिला कांस्टेबल कौशल्या देवी, चिंता देवी, राजेश कुमार, सरोज देवेंद्र प्रताप यादव के साथ गोताखोरों की टीम भी नाव से गंगा में निगरानी करती रही।

विवाहिता ने की खुदकुशी परिजन हुए बेहालचहनिया चंदौली बलुआ थाना क्षेत्र के सोनहुला गांव निवासी सरोज विश्वकर्मा 28वर्ष शुक्रवार की दिन में लगभग 11बजे फासी के फंदे पर झूल अपनी इहलीला समाप्त कर ली।रतनेश विश्वकर्मा की पत्नी सरोज देवी शुक्रवार को दोपहर में आत्म हत्या कर ली जेसे ही इसकी खबर परिजनो के लगी की उनके हाथ पाव फूल गये और तत्काल घटना की जानकरी पुलिस को दी। सूचना पर पहुची पुलिस अग्रिम कार्यवही में जुट गयी। रतनेश की शादी सुर्खापुर जिला मिर्जापुर 8वर्ष पूर्व शादी हुआ था। सरोज के दो बच्चे थे। बड़ी लड़की का नाम रिद्धि लगभग 4वर्ष लड़के का नाम डिग्गू 2वर्ष है। बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। वही स्वजन पत्नी के मायके पिता गिरधारी विश्वकर्मा को सूचित किया। पिता ने आकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पारिवारीक कलह से उबकर सरोज ने अपनी इहलीला समाप्त कर ली। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।