चंदौली में पोलियो बूथ अभियान का आगाज़: 976 बूथों पर बच्चों को पिलाई गई ‘दो बूंद जिंदगी की’

चंदौली में पोलियो बूथ अभियान का आगाज़: 976 बूथों पर बच्चों को पिलाई गई ‘दो बूंद जिंदगी की’

 

 

चंदौली, 28 जून 2026: जनपद में रविवार को पोलियो बूथ कार्यक्रम के अन्तर्गत व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जिले के कुल 976 बूथों पर 0 से 05 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक देकर प्रतिरक्षित किया गया।

 

अभियान का भव्य शुभारम्भ बाबा किनाराम चिकित्सा महाविद्यालय, चन्दौली के परिसर में बनाए गए मुख्य पोलियो बूथ पर किया गया। इस बूथ का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई एवं राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से बच्चों को दवा पिलाकर किया गया।

 

इस अवसर पर राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता ने वैश्विक स्तर पर पोलियो की स्थिति को साझा करते हुए कहा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा वर्ष 2014 में ही हमारे देश को पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद, पड़ोसी देशों—पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान—में अभी भी पोलियो के कई मामले सामने आ रहे हैं। इस कारण हमारे देश में भी संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है, जिसे देखते हुए समय-समय पर देशभर में पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।”

 

बूथ शुभारम्भ के इस महत्वपूर्ण अवसर पर डॉ. पारितोष मिश्रा मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. ए.के. दूबे जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, डॉ. आलोक सिंह उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, श्री आलोक कुमार राय (मण्डलीय समन्वयक, यूनिसेफ), श्री राकेश सिंह (जे.एस.आई.) एवं स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे ।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड नंबर 7 महमूदपुर कैलाशपुरी जोड़ने वाला रोड जर्जर हालत में, जिम्मेदार बेपरवाह

मानवाधिकार न्यूज़, चंदौली:
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के वार्ड नंबर 7 में महमूदपुर से कैलाशपुरी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका है। यह सड़क करीब 5 वर्ष पूर्व बनाई गई थी, लेकिन अब इसमें बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में इस सड़क पर चलना बेहद खतरनाक हो जाता है। आए दिन दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह सड़क अब जानलेवा बन चुकी है।

सबसे गंभीर बात यह है कि इस सड़क की दुर्दशा की जानकारी कई बार सभासद और नगर निगम अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों में नगर प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है और वे सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक वे बदहाल सड़कों पर चलने को मजबूर रहेंगे?

स्थानीय नागरिकों ने मानवाधिकार न्यूज़ के माध्यम से नगर निगम से अपील की है कि इस सड़क की मरम्मत शीघ्र कराई जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके और भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।