मुगलसराय -: महिला उत्पीड़न का मामला

मुगलसराय -: महिला उत्पीड़न का मामला, मुगलसराय सेंटर कॉलोनी स्थित ओझा जी परिवार ने अपनी आकांक्षा बेटी की शादी सभी रीति-रिवाज से बड़ी धूम धाम से विद्या शंकर उपाध्याय से की थी । दिसम्बर 2022 में शादी में लड़की के परिवार वालों ने 15 लाख नगद और एक चार चक्का कार उपहार स्वरूप दिया था , शादी के बाद कुछ दिनों के अंदर ही लड़के ने लड़की को डराया धमकाया और पैसे की मांग की,और लगातार कई दिनों तक मारता रहा,आखिरकार लड़की ने अपने घर वालो को सब बाते बताई और वह तुरंत अपने मायके आ गई , बात यही तक नहीं थी लड़के ने पत्नी स्वरूप एक और लड़की अपने घर पर पहले से रखी हुई थी,और इसका विरोध जब जब आकांक्षा (पत्नी) ने किया तब तब उससे खूब मारा और उसका एक हाथ भी तोड़ दिया ,और सर पर कई वार किए जिस से सर पर टांके भी लगे हैं ।
लड़के (दूल्हा) वाले मुगलसराय दुलहीपुर के रहने वाले हैं , लड़का नागपुर में रहता है और यह सारी घटना नागपुर में हुई थी।
लड़के के घर वाले इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।

सीता राम स्वयंवर देख श्रोता हुए गदगद-चंदौली सकलडीहा विकास खंड क्षेत्र के सहरोई गांव में श्री हनुमान जयंती के पावन अवसर पर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सात दिवसीय संगीतमय राम कथा का आयोजन किया गया है कथा के चौथे दिन पंडित शक्ति तिवारी कथा में भी बताया की जिस कार्य को दस हजार राजा नहीं कर पाये उस कार्य को श्री रघुनाथ ने करके दिखाये। यह दृश्य देखकर जितने राजा थे सब सकुचा जाते हैं। और लगे खलबली मचाने उसी समय अजगौ धनुष के लिए परशुराम सभा में आ जाते हैं। और सब के सब राजा अपने पिता का नाम बताकर कतार बद्ध खड़े हो गये। और लगे चिखारने की निकाल कर के वापस करो जिसने शिव पिनाक धनुष को खंड-खंड किया। राम कहते हैं महाराज वह आपका कोई दास ही होगा लेकिन परशुराम का क्रोध शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा था। तब लक्ष्मण भैया कौतकी करने लगे और अंत में कहना ही पड़ा की महाराज हमें कुंभड की भतिया न समझिएगा जो हाथों की तर्जनी देखकर डर जाये। हम रघुवंशी हैं हम जानते हैं कि जो क्षत्री ब्राह्मण के चरणों में निष्ठा बनाकर रहता है। वह संसार में निर्भर होकर जीता है। परशुराम सोच में पड़ गए कि ब्राह्मण के चरणों में इतनी निष्ठा भगवान को छोड़कर दूसरा कोई हो ही नहीं सकते। परशुराम धनुष की प्रतंचा चढ़वाकर रघुनाथ की परीक्षण किया और तीन बार जय जय कार लगाकर वापस महेंद्र पर्वत पर चले जाते हैं। फिर राजाओं ने राहत की सांस ली और दूतो को अयोध्या भेज कर चक्रवर्ती राजा दशरथ पत्र दिया गया और चक्रवर्ती राजा दशरथ पूरे धूमधाम से बारात लेकर आये। और पंडित शक्ति तिवारी ने बहुत ही खूबसूरत मट फोड की गीत गाते हुए विवाह की मंगल गीत सुनाये। जिसकी सभी श्रोता बंधु भाव विभोर होकर खूब आनंदित हुये। सैकड़ो श्रोताओं का हुजूम लग रहा। वहीं उपस्थित मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामकिशन यादव। राहुल मिश्रा समाज सेवीक, महानंद मिश्रा, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु, विराट, उमेश, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी, निक्की राशिक, प्रदुम्न, सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।