मुगलसराय – श्री साई ऑटोमोबाइल्स (साई रॉयल एनफील्ड) अलीनगर में रविवार को रॉयल एनफील्ड क्लासिक -350 मोटरसाइकिल नए लुक और कलर में लांच की गई।

मुगलसराय – श्री साई ऑटोमोबाइल्स (साई रॉयल एनफील्ड) अलीनगर में रविवार को रॉयल एनफील्ड क्लासिक -350 मोटरसाइकिल नए लुक और कलर में लांच की गई। शोरूम के ओनर प्रताप नारायण सिंह और अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने लांचिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर प्रबंधक इकरार अली, अमित, सोनू, छोटू, विवेक सिंह, नादिर समेत ग्राहक और स्टाफ आदि उपस्थित रहे।
अमित जी का कहना है की यह मॉडल नया आया है और बहुत ही शानदार है , इस बुलेट का रंग रूप बहुत अलग है, अमित जी अपने मित्र अमर (मोनू) जयसवाल और चकरू यादव के साथ वहा थे और इन सबको इस नई बुलेट की अच्छाई बताने का काम भी किया और इनका कहना है कि रॉयल एनफील्ड की बुलेट बहुत ही टिकाऊ और अच्छी है।

रिपोर्टर – राहुल मेहानी

कहीं बज बजाती नालियां तो कहीं झाड़- झंखाड से पटा रास्ता ग्रामीण हलकान-चंदौली तारा जीवनपुर स्थित सहरोई गांव में इन दिनों बज बजाती नालिया तो कहीं गांव में मेन रास्तों पर झाड़ -झंखारों से पटा हुआ है। हाल यह है कि अगर समय रहते साफ सफाई नहीं की गई तो संक्रामक बीमारियों को इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मेन रास्तों पर झाड़ झंखाड इस तरह पट गया कि उसपर राह चलना दुष्कर हो गया है। बरसात के दिनों में झाड़-झंखाड़ो में विशैल जीव जंतुओं का निवास हो गया है। जो कि हमेशा दुर्घटनाएं की आशंका बनी रहती है। नाबदान के पानी से उठ रहे दुर्गंध से ग्रामीण का नरकी जीवन जीने को विवश हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मी गांव में दर्शन दुर्लभ हो गया है। कभी -कभार आकर हाजिरी लगाकर रफू चक्कर हो जाता है। ग्रामीणों ने सफाई कर्मी से इस संदर्भ में कहा जाता कि झाड़- झंखाड व नालियों को साफ कर दीजिए तो यह कह कर टाल देता है कि आप लोग हमारे अधिकारियों से बात कर लीजिए। वहीं ग्रामीण प्रधान व सचिव से कई बार अवगत करवाया लेकिन निजात दिलाने में असमर्थ हैं। वहीं उपस्थित नामवर मिश्रा, ईश्वरी, उमेश मिश्रा, रमेश मिश्रा, राजेंद्र प्रजापति, पखंडू गुप्ता, कुंवारू गुप्ता, चंद्रबली खरवार, महानंद मिश्रा, शिशु मिश्रा, लादी प्रजापति, देवेन्द्र मिश्रा सुनील मिश्रा, बेचू, दर्जनों ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि नाली व झाड़ झंखाड का समुचित व्यवस्था नहीं हुआ तो हम ग्रामीण विकासखंड कार्यालय का घेराव करते हुए धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।