छुट्टा पशुओं से हो रही आयेदिन दुर्घटनाएंचहनियां चंदौलीक्षेत्र में इस समय छुट्टा पशुओं का आतंक इतना बढ़ गया है कि यह छुट्टा पशु कस्बा तथा बाजारों में दिन-रात घूमते रहते हैं और नतीजा तब बिगड़ता है जब वह सड़क पर टहलते रहते हैं और दो पहिया व चार पहिया वाहनों से टकरा जाते हैं जिससे छुट्टा पशु और वाहन चालक दोनों घायल हो जाते हैं। इस प्रकार विगत एक माह में अब तक आधा दर्जन लोग छुट्टा पशुओं से टकराकर घायल हो गये और अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं। आधा दर्जन पशु मौत के मुंह में समा गये। इसी प्रकार शनिवार को प्रातः कस्बा में एक छुट्टा गाय पिकअप से टकराकर मर गयी और चालक बचते-बचाते भाग खड़ा हुआ। इस प्रकार इनके आतंक से किसान भी त्रस्त हो चले हैं। जिनकी फसलों को नष्ट कर रहे हैं परंतु इन्हें गौशाला नहीं भेजा जा रहा है। जबकि सरकार द्वारा लाखों रूपये खर्च गौशालाआें का निर्माण करवाया है लेकिन जिम्मेदरान अपने दायित्यों से मुॅह मोड़ भारी दुर्घटना की बाट जोह रहे है। वही लोगों ने इस ओर जिलाधिकारी महोदय का ध्यान आकृष्ट करवाते हुए अविलम्ब छुट्टा पशुओं को पकड़कर गौशाला में भेजवाये जाने की गुहार लगाया है। ताकि फसल व जनहानि दोनो से लोगो को राहत दिलाई जा सके।

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

अली नगर मुगलचक के प्रमुख लिंक रोड पर 5 दिनों से भरा कमर तक पानी, स्कूली बच्चे परेशानअली नगर मुगलचक, जिला चंदौली, 7 अक्टूबर 2025 – जिले में जहाँ एक ओर नेतागण बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, वहीं अली नगर मुगलचक के वार्ड नंबर 3 और 9 को जोड़ने वाली एक प्रमुख सड़क पर विगत 5 दिनों से कमर तक पानी भरा हुआ है। चकिया रोड (आर आर मेमोरियल हॉस्पिटल के सामने) से मुगलचक पानी टंकी होते हुए जीटी रोड तक जाने वाली इस सड़क पर जलभराव से आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।इस मार्ग पर 2 सरकारी स्कूल, 2 प्राइवेट स्कूल, 2 गौशाला, नगर पालिका का स्टोर रूम और एक पानी टंकी स्थित है। स्कूली बच्चों को जूते-मोजे उतारकर पानी में चलकर रोड पार करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वे नगर के वासी नहीं हैं? क्या उन्होंने वोट नहीं दिया? क्या नगर चेयरमैन और अन्य जनप्रतिनिधियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है?आक्रोशित निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि क्या हर समस्या का समाधान केवल जन आंदोलन ही है? क्या चक्का जाम करने पर ही प्रशासन सुनवाई करेगा?स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था करने और स्थायी समाधान की मांग की है।