धनतेरस पर झाडुओं की हुयी जमकर ब्रिकीआर्थिक मंदी का दिखा नजाराचहनियॉ चंदौली।धनतेरस के पावन पर्व पर स्थानीय कस्बा व बाजारों में काफी चहल-पहल देखी गयी तथा आर्थिक मंदी के चलते लोगों ने झाड़ूओं की जमकर खरीददारी की तथा जिधर देखे उधर ही दुकानां पर लोग झाड़ूआें की खरीद फरोख्त करते देखे गयें।भगवान धनवन्तरी महाराज की लोगों ने पूजन अर्चन किया तथा अपने सामर्थ्य के अनुसार लोगो ने वर्तन वगैरह तथा लक्ष्मी गणेश की मिट्टियों की खरीददारी कर आस्था की पूर्ति की।इस प्रकार बाजारों तथा कस्बों में देर रात्री तक काफी चहल-पहल देखी गयी मिंदरां में लोगों ने पूजन अर्चन कर मत्था टेका तथा मंगलमय होने की कामना व्यक्त किया। इस प्रकार बलुआ, पपौरा, मोहरगंज, रमौली, मारूफपुर, टाण्डाकला, रामगढ़, कस्बों व बाजारों में धनतेरस पर कफी चहल पहल देखी गयी।

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

शारदीय नवरात्री आज से तैयारियां हुई पूर्ण
चहनिया चन्दौली।
शारदीय नवरात्री के पावन अवसर पर क्षेत्र की समस्त देवी मन्दिर की साफ-सफाइ,र् रगाई-पुताई, झालर-बत्ती इत्यादि कार्य पूर्ण कर लिया गया है। राम जानकी मन्दिर रमौली, मां खखरा मन्दिर मटियरा, मॉ बंग्ला भगवती मन्दिर तारगॉव अजगरा, मॉ महरौड़ी देवी मन्दिर कांवर मॉं दुर्गा मन्दिर रामपुर प्रभुपुर बाबा कीनाराम धाम रामगढ़, हनुमानगढ़ी मन्दिर भलेहटा में श्रद्धालुओं द्वारा मन्दिर की साफ-सफाई रगाई-पुताई का कार्य पूर्ण कर आर्कषक विद्युत झालरां से सजाया गया है और शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर अखण्ड रामयण पाठ, रामनाम का सकीर्तन इत्यादि का कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। साफ-सफाई, रगाई-पुताई को लेकर बिगत एक सप्ताह पहले से मन्दिर के पुजारी या समितियां लगी हुई थी। जो पूर्ण कर लिया गया है। वही इंस संबंध में बनारसी मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष नवरात्री 10दिनो की होगी और अनवरत पूजा पाठ किया जायेगा।

आरएसएस शताब्दी वर्ष पर हुआ पथ संचलनचहनिया चंदौलीक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी 100वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूर्ण कर शताब्दी वर्ष का शुभारंभ कस्बे के एक कॉन्वेंट स्कूल में उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों सहित समाज के प्रमुख जनसमुदाय ने सहभागिता की। आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण, शस्त्र पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिवपूजन जी ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। सह कार्यवाह रविन्द्र ने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के अथक प्रयासों का परिणाम है। संघ वैदिक और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग पर चलता है। संघ चालक रविन्द्र ने उद्बोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। संघ ने बीते 100 वर्षों में समाज को संगठित कर एक ध्येय पथ पर अग्रसर किया है। आज देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं कार्यरत हैं। हिंदुत्व समन्वय का विचार है, जिसमें बौद्ध, जैन, सिख सभी धर्मों को स्थान प्राप्त है। “रामराज्य और हिंदू राष्ट्र दो नहीं, एक ही उद्देश्य के रूप हैं,” ऐसा कहते हुए उन्होंने राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वही संघ संचालक ने कहा कि स्वदेशी अपना कर अपने देश को मजबूत किया जा सकता आप सभी से लोग स्वदेशी सामानों का उपयोग व उपभेग करे हमारा देश तरक्की कर सके। कार्यक्रम के उपरांत पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का पथ बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल से चहनिया बाजार मार्ग से होते हुए बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल पर आकर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सह खंड कार्यवाहक सुमन, संचालक शिवपूजन तिवारी, विभाग संघ दीपक, संघ चालक रविन्द्र, मुकेश, आशीष, अमरीश, अमरीश सिंह भोला, सूर्यमुनि तिवारी, अमित, चन्दन, इंद्रसेन सहित अनेक स्वयंसेवक संघ के सदस्य उपस्थित रहे।