???? धपरी (धरमपुर) में प्रकट हुआ शिवलिंग – इतिहास सुधार का अवसर ???? दिनांक 31 जुलाई 2025

चंदौली।
नियामताबाद ब्लॉक के धपरी गांव, जिसका प्राचीन नाम धरमपुर है, में खुदाई के दौरान प्रकट हुए भोलेनाथ जी के शिवलिंग को विश्व हिंदू परिषद ने इतिहास की पूर्व में हुई गलतियों को सुधारने का एक स्वर्णिम अवसर बताया है।

विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि यह घटना केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि हमारे गौरवशाली अतीत की पुनर्स्थापना का भी अवसर है। इसी सुधार की प्रक्रिया को गति देने हेतु संगठन के पदाधिकारी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक से मिले और पत्रक सौंपा।

परिषद ने मांग की कि इस स्थान की पुरातत्व विभाग से जांच कराई जाए तथा ग्राम सभा की बंजर भूमि, जो कि परी माता मंदिर एवं ब्रह्म बाबा मंदिर का स्थान है, पर अवैध रूप से निर्मित इमामबाड़ा को तत्काल ध्वस्त कराया जाए। परिषद का कहना है कि यहां प्राप्त प्राचीन मूर्तियां और अवशेष स्पष्ट प्रमाण हैं कि इस स्थल पर पूर्व में एक विशाल मंदिर विद्यमान था।

इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारी—
जिला मंत्री शशि मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष नीना वैश, जिला कोषाध्यक्ष योगेश अभी, जिला संपर्क प्रमुख रामअवतार तिवारी  जिला मातृशक्ति प्रमुख आराधना गुप्ता,  नगर अध्यक्ष संजय सिंह, नगर उपाध्यक्ष शैलेश तिवारी, नगर मंत्री रंजीत योगी, नगर संयोजक बजरंग दल शुभम जायसवाल, सह नगर मंत्री आलोक जायसवाल उपस्थित रहे।

— संजय रस्तोगी
जिला प्रचार प्रसार प्रमुख
विश्व हिंदू परिषद, चंदौली
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर – चंदौली

???? जय श्री राम ????

रिपोर्ट संजय रस्तोगी

सीता राम स्वयंवर देख श्रोता हुए गदगद-चंदौली सकलडीहा विकास खंड क्षेत्र के सहरोई गांव में श्री हनुमान जयंती के पावन अवसर पर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सात दिवसीय संगीतमय राम कथा का आयोजन किया गया है कथा के चौथे दिन पंडित शक्ति तिवारी कथा में भी बताया की जिस कार्य को दस हजार राजा नहीं कर पाये उस कार्य को श्री रघुनाथ ने करके दिखाये। यह दृश्य देखकर जितने राजा थे सब सकुचा जाते हैं। और लगे खलबली मचाने उसी समय अजगौ धनुष के लिए परशुराम सभा में आ जाते हैं। और सब के सब राजा अपने पिता का नाम बताकर कतार बद्ध खड़े हो गये। और लगे चिखारने की निकाल कर के वापस करो जिसने शिव पिनाक धनुष को खंड-खंड किया। राम कहते हैं महाराज वह आपका कोई दास ही होगा लेकिन परशुराम का क्रोध शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा था। तब लक्ष्मण भैया कौतकी करने लगे और अंत में कहना ही पड़ा की महाराज हमें कुंभड की भतिया न समझिएगा जो हाथों की तर्जनी देखकर डर जाये। हम रघुवंशी हैं हम जानते हैं कि जो क्षत्री ब्राह्मण के चरणों में निष्ठा बनाकर रहता है। वह संसार में निर्भर होकर जीता है। परशुराम सोच में पड़ गए कि ब्राह्मण के चरणों में इतनी निष्ठा भगवान को छोड़कर दूसरा कोई हो ही नहीं सकते। परशुराम धनुष की प्रतंचा चढ़वाकर रघुनाथ की परीक्षण किया और तीन बार जय जय कार लगाकर वापस महेंद्र पर्वत पर चले जाते हैं। फिर राजाओं ने राहत की सांस ली और दूतो को अयोध्या भेज कर चक्रवर्ती राजा दशरथ पत्र दिया गया और चक्रवर्ती राजा दशरथ पूरे धूमधाम से बारात लेकर आये। और पंडित शक्ति तिवारी ने बहुत ही खूबसूरत मट फोड की गीत गाते हुए विवाह की मंगल गीत सुनाये। जिसकी सभी श्रोता बंधु भाव विभोर होकर खूब आनंदित हुये। सैकड़ो श्रोताओं का हुजूम लग रहा। वहीं उपस्थित मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामकिशन यादव। राहुल मिश्रा समाज सेवीक, महानंद मिश्रा, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु, विराट, उमेश, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी, निक्की राशिक, प्रदुम्न, सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।

ओम नगर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में गणपति जी की पूजा संपन्न

ओम नगर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में गणपति जी की मूर्ति स्थापित कर भव्य पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संजय रस्तोगी, संजय गोंड, मनीष गुप्ता, मनीष निगम, कल गुप्ता, प्रकाश यादव, दीपक रस्तोगी, विक्की रस्तोगी, मनोज यादव, सुशील, संतोष सेठ, रुपेश, मारकंडे प्रजापति सहित अन्य श्रद्धालु एवं कार्यकर्ताओं ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस धार्मिक आयोजन में विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्वांचल वैश्य फाउंडेशन तथा मानवाधिकार न्यूज़ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी सम्मिलित हुए।

पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ बधाई दी और आयोजन की सराहना की।