श्रीकृष्ण सुदामा दोस्ती बेमिशाल-रमेश
चहनिया चन्दौली

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

श्रीकृष्ण सुदामा दोस्ती बेमिशाल-रमेश
चहनिया चन्दौली
स्थानीय कस्बा में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन बुद्धवार को पंडित रमेश तिवारी महाराज द्वारा श्रीकृष्ण सुदामा की दोस्ती पर विस्तृत चर्चा करते हुए सबको मन्त्रमुग्ध कर दिया। श्री तिवारी ने बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन में संदिप्नी ऋषि के आश्रम में साथ-साथ पढ़े लिखे  और ज्ञान अर्जन किया था। सुदामा जी वचपन काल से संकोची व्यक्ति थे वे अपनी पीड़ा किसी को नही बताना चाहते सब कुछ नारायण पर छोड़ देते थे। वही नारायण चाहते थे सुदामा आकर मुझसे कहे। यही बीच की डोरी भक्त और भगवान और दोस्त की मर्यादा को बाध रखा था। सुदामा जी अपने दोस्त के सम्मान को कभी भी ठेस नही पहुचाना चाहते थे। गरीबी की असहनीय पीड़ा को सहन करते हुए उनकी पत्नी ने उन्हे बार-बार श्रीकृष्ण से मदद माने हेतु प्रेरित करती थी लेकिन सुदामा जी नही जाते थे एक दिन सुदामा जी विवश व लाचार होकर पत्नी का बात मानकर श्री कृष्ण के यहा चले जाते है। जैसे महल के द्वार पर पहुचते है और द्वारपालां से बताया कि श्रीकृष्ण हमारे मित्र है। उनसे जाकर कहो तो द्वारपालों द्वारा जमकर ढ़हाके लगाकर हसने लगे। इस पर उनको बड़ी ग्लानी हुई। उसी समय एक मंत्री ने जाकर श्रीकृष्ण से सारीबात को बताया। जिस पर श्री कृष्ण सुदामा का नाम सुनकर पागलों की भॉति दौड़ते हुए नंगे पाव नगर की गलियां में उन्हे ढूढ़ने लगे और मिलन होने पर दोनो एक दुसरे मिलकर रोने लगे। वही श्री तिवारी ने आज की समाज की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज का मित्र, मित्र के नाम धोखा, धड़ी, अनैतिक कार्य, लूट-खसोट में लगे है। ऐसा करने से बहुत बड़ा पाप होता जिसका कष्ट उसे जन्मजन्मान्तर तक भोगना पड़ता है। वही कार्यक्रम के अंतिम दिन मुख्य यजमान अजय सिंह छेदी ने आरती पूजन कर सबको प्रसाद वितरण किया। इस दौरान संजय सिंह, सोनू सिंह, राजेन्द्र पाण्डेय, भूतपूर्व प्रधान सरिद्वार यादव, इन्द्रजीत मौर्या, योगेश मिश्र सहित सैकड़ों श्रीमद्भागवत प्रेमी मौजूद रहे।

भगवान भास्कर के जयकारे से गूजायमान हुई अध्यात्मिक नगरीरामनगर वाराणसीविन्ध्य पर्वत के तलहटी में भगवान भोले नाथ की त्रिशूल पर वसी नगरी वाराणसी में चार द्विवसीय डाला छठ बड़े ही धूॅमधाम के साथ मनाया गया। मॉ भगवती गंगा के दोनां तटां अध्यात्मिक नगरी तो दुसरी तरफ रामनगर के राजा का किला स्थित है। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक व रामनगर से लेकर पड़ाव डोमरी तक हजारां नर नारी भगवान भास्कर के महापर्व को पूर्ण करने में लगे रहे। जिसके क्रम में मंगलवार की अल सुबह ही व्रतियो ने मॉं गंगा के तट पर पहुच कर उदयाचल भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया। जैसे भगवान भास्कर की किरणे मां गंगा के स्पर्श की कि चारों तरफ भगवान भास्कर व छठी मइया के गगन भेदी जयकारे से पूरा क्षेत्र गूजायमान हो गया और इसी अर्ध्य के साथ भगवान भास्कर महापर्व समाप्त हो गया।

???? विश्व हिंदू परिषद, जिला चंदौली द्वारा सेवा विषयक विशेष बैठक दिनांक 28.06.25 को सम्पन्न हुई ????
???? स्थान – पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर, चंदौली

विश्व हिंदू परिषद, जिला चंदौली द्वारा सेवा कार्यों पर केंद्रित एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री अजय कुमार पारीक जी एवं उत्तर प्रदेश–उत्तराखंड प्रांत के सेवा प्रमुख की विशेष उपस्थिति रही।

????️ बैठक के प्रमुख विषय:

???? धर्मांतरण रोकथाम
???? सेवा बस्तियों में सतत संपर्क व सेवा
???? महिला सशक्तिकरण
???? धार्मिक-सांस्कृतिक जागरूकता

केंद्रीय मंत्री श्री पारीक जी ने विस्तारपूर्वक बताया कि सेवा बस्तियों में मेंहदी, सिलाई, हस्तकला, नैतिक शिक्षा, व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से किस प्रकार सनातन संस्कृति की रक्षा करते हुए समाज को संगठित किया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि
“सेवा में समर्पण और संपर्क में आत्मीयता ही धर्मांतरण के प्रयासों का सबसे बड़ा उत्तर है।”

???? बैठक में विशेष उपस्थिति:

???? श्री राधेश्याम द्विवेदी – मंत्री, महर्षि वाल्मीकि सेवा संस्थान
???? श्री अवध बिहारी मिश्रा – सह मंत्री
???? श्री बच्चा बाबू, श्री अनिल यादव – सह मंत्रीगण
???? श्री सुरेश सिंह – व्यवस्था प्रमुख
???? आचार्य विशेश्वर मिश्रा, दिवाकर मिश्रा, वीरेंद्र जी
???? श्री शशि मिश्रा – जिला मंत्री, चंदौली
???? श्री संजय रस्तोगी – जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख
???? श्रीमती नीना वैश्य – जिला उपाध्यक्ष
???? श्रीमती आराधना गुप्ता – जिला मातृशक्ति प्रमुख
???? श्री श्रीनिवास दुबे, शिव जायसवाल ‘पप्पू’, घनश्याम गर्ग जी
???? श्री पंकज जी – जिला संगठन मंत्री

✅ संकल्प:

सभी धर्मसेवियों ने सेवा बस्तियों में जाकर धर्म-संस्कार, आत्मीय संवाद और सतत सेवा के माध्यम से धर्मांतरण विरोधी जागरूकता अभियान को गति देने का संकल्प लिया।

???? “धर्म की रक्षा ही राष्ट्र रक्षा है”
???? जय श्री राम ????