सभी को संरक्षा सर्वाेपरि रखते हुए कार्य करने को किया प्रोत्साहित’ – चंदौली

’सभी को संरक्षा सर्वाेपरि रखते हुए कार्य करने को किया प्रोत्साहित’

चन्दौली

पूर्णतः संरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित रखने हेतु पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल (डीडीयू मंडल) निरंतर रूप से प्रतिबद्ध है। मंडल में संरक्षा की दिशा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रेलकर्मियों को नियमित रूप से पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जाता है।

इसी क्रम में गुरुवार को मंडल कार्यालय के सभागार में मंडल रेल प्रबंधक श्री उदय सिंह मीना द्वारा इंजीनियरिंग, विद्युत (परिचालन), यांत्रिक (कैरिज एंड वैगन) तथा परिचालन विभाग के कुल 12 चयनित रेलकर्मियों को अपनी सतर्कता, कार्यकुशलता एवं जिम्मेदारी का परिचय देते हुए संभावित दुर्घटनाओं को रोकने एवं संरक्षा सुनिश्चित करने हेतु उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए संरक्षा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन संरक्षा विभाग के समन्वय से किया गया।

मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने सभी पुरस्कृत रेलकर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संरक्षा रेलवे की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और पूर्ण संरक्षा बनाए रखने में जमीनी स्तर पर कार्यरत रेल कर्मियों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। कर्मियों के जमीनी स्तर के अनुभव से निरंतर सुधार में मदद मिलती है । उन्होंने सभी रेलकर्मियों को आगे भी इसी तरह सतर्क एवं सजग रहकर कार्य जारी रखने तथा मंडल में पूर्णतः संरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित बनाए रखने के प्रति प्रेरित किया। रेल कर्मियों ने भी अपने जमीनी स्तर के अनुभव साझा किया।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक दिलीप कुमार, वरीय मंडल संरक्षा अधिकारी संतोष कुमार तथा संबंधित शाखा अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रबोधिनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने़ लगाई आस्था की डुबकीचहनिया चन्दौली।क्षेत्र के मां भागीरथी के पश्चिमी वाहिनी बलुआ घाट पर प्रबोधिनी एकादशी के पावन पर्व पर हजारां श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाते हुए मन्दिर पूजा पाठ कर याचक ओर भिक्षुओं का दानपुन्य कर यश के भागी बने। इसी क्रम में क्षेत्र के महुआरी, कांवर, महुअरकलां, पूरा विजयी, तिरगावां, टाण्डाकलां, सैफपुर, नादी-निधौरा समस्त गंगा तटीय गावों के घाटो पर भारी भीड़ उमड़ी रही।शनिवार की अलसुबह ही हजरो श्रद्धालुओं की भीड़ बलुआ घाट पर पहुचने लगी और देखते ही देखते मेले जैसे रूवरूप लेते हुए भारी भीड़ के रूप में तब्दील हो गयी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु अपने योग चर्तुमासा निद्रा से जागते हैं इसी कारण इसे देव उठान या देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मॉ तुलसी का विवाह भी श्री हरि नारायण से सम्पन्न कराया जाता है। उसी मान्यता के अनुसार समस्त जगत में मांगलिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो जाते है। वही सुरक्षा की दृष्टि से उपनिरीक्षक विनोद सिंह, महिला कांस्टेबल कौशल्या देवी, चिंता देवी, राजेश कुमार, सरोज देवेंद्र प्रताप यादव के साथ गोताखोरों की टीम भी नाव से गंगा में निगरानी करती रही।

सीता हरण के दौरान जटायु व रावण का भंयकर युद्ध लीला का हुआ मंचनचहनियां चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के यह सातवें दिन रविवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ के साथ प्रारम्भ किया गया। रामलीला के सातवें दिन रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और पुष्पक विमान से वह लंका ले जाने लगा। जिसपर माता सीता की करूण विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु ने अपने मित्र की पुत्र बधु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करने लगा बड़ी भयंकर युद्ध हुआ रावण जटायु की मार को सहन न कर सका और क्रुद्ध होकर भगवान शिव द्वारा प्राप्त चन्द्रहासं खड्ग से जटायु पर वार कर दिया जिसमें जटायु का एक पंख कट गया लेकिन उसके बावजूद भी युद्ध नही थमा तब तक रावण ने दूसरा वार कर दिया। जिसमें जटायू का दूसरा पंख भी काट दिया जिससे आकाश से गिरकर जटायू गंभीर रूप से घायल हो गये। जब प्रभु श्रीराम व लक्षमण अपनी भार्या सीता को जंगल-वन-पहाड़ां से घुमते-घुमते रास्ते में गिरे जटायू से होती है तो जटायू ने पूरा वृतान्त प्रभु श्रीराम को सुनाया और अपना प्राण दिया। जिस पर प्रभु श्रीराम ने अपने पिता के मित्र की पुत्र बनकर अन्त्येष्टि कर सीता माता की खोज करने लगे। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ों कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।