यूपी में नक्शा पास कराने की जरूरत खत्म सरकार का आम जनता को बड़ा तोहफा

*Lko Big Breaking*

*यूपी में नक्शा पास कराने की जरूरत खत्म सरकार का आम जनता को बड़ा तोहफा*

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए भवन निर्माण से जुड़े नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया है!!

1000 वर्गफीट तक के प्लॉट पर मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराने की आवश्यकता नहीं होगी!!

इसके साथ ही भ्रष्टाचार और धन उगाही पर भी अंकुश लगाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है!!

CM के द्वारा स्वीकृत नए भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2025 के तहत कई जटिल प्रक्रियाएं आसान कर दी गई हैं!!

आवास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद के अनुसार अब 5000 वर्गफीट तक के निर्माण के लिए आर्किटेक्ट का प्रमाण पत्र ही पर्याप्त होगा!!

*छोटे प्लॉट पर भी बन सकेंगे अपार्टमेंट*

पहले जहां अपार्टमेंट निर्माण के लिए 2000 वर्गमीटर का प्लॉट आवश्यक होता था अब 1000 वर्गमीटर में भी इसकी अनुमति मिल सकेगी!!

अस्पताल और कमर्शियल बिल्डिंग के लिए 3000 वर्गमीटर का क्षेत्र पर्याप्त होगा!!

प्रोफेशनल्स के लिए राहत
नए बायलॉज के अनुसार मकान के 25% हिस्से में नर्सरी क्रैच होम स्टे या प्रोफेशनल्स जैसे डॉक्टर,वकील,आर्किटेक्ट और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अपने कार्यालय चला सकेंगे इसके लिए नक्शे में अलग से जिक्र जरूरी नहीं होगा!!

*NOC की तय समय सीमा*

अब नक्शा पास कराने के लिए विभिन्न विभागों को 7 से 15 दिन के भीतर अनापत्ति प्रमाण पत्र NOC देना होगा तय समय में जवाब नहीं मिलने पर वह NOC स्वतःमान्य हो जाएगा!!

*कॉमर्शियल गतिविधियों को भी मिली मंजूरी*

24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर रिहायशी इलाकों में दुकान और दफ्तर खोलने की अनुमति दी गई है वहीं इससे कम चौड़ी सड़कों पर डॉक्टर वकील जैसे प्रोफेशनल्स अपने कार्यालय संचालित कर सकेंगे!!

*ऊंची इमारतों के लिए खुली छूट*

45 मीटर चौड़ी सड़कों पर अब जितनी ऊंची चाहें उतनी ऊंची इमारतें बनाई जा सकेंगी। फ्लोर एरिया रेशियो FAR को भी 3 गुना तक बढ़ाया गया है जिससे शहरों में ऊंचे भवन निर्माण को बढ़ावा मिलेगा!!

यह निर्णय न केवल आम जनता को राहत देगा बल्कि शहरी विकास में पारदर्शिता और गति भी सुनिश्चित करेगा!!

फर्मासिंस्ट न रहने से मरीज रहे हलकानचहनिया चन्दौली।चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत संचालित होने वाले नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कभी डाक्टर तो कभी फर्मासिस्ट हमेशा गायब रहते है। जिससे मरीजों को दवा व उपचार में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बुद्धवार की दोपहर स्वस्थ्य केन्द्र के आस-पास के जब ग्रामीण इलाज के लिए पहुचे तो डाक्टर ने दवा का लिख दिया लेकिन फार्मसिस्ट के न रहने के कारण घंटां मरीजों को इंतजार करना पड़ा। जब डाक्टर मरीजों को चेक कर लिया उसके उपरान्त उन्ही के द्वारा प्रत्येक मरीजों को दवा आदि का वितरण किया। जिसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोस व्याप्त है। वही अति प्राथमिक स्वास्थ्य दरियापुर केन्द्र प्रभारी आदिति सिंह ने बताया कि फार्मसिस्ट द्वारा मुझे कोई जानकारी नही दी गयी है कि किन कारणे से लापता है। वही बनारसी सिंह, रामदयाल सिंह, भोला राय, मुन्ना सोनकर, रमानन्द यादव सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि फर्मासिस्ट हमेशा गायब रहता है।

छुट्टा पशुओं से हो रही आयेदिन दुर्घटनाएंचहनियां चंदौलीक्षेत्र में इस समय छुट्टा पशुओं का आतंक इतना बढ़ गया है कि यह छुट्टा पशु कस्बा तथा बाजारों में दिन-रात घूमते रहते हैं और नतीजा तब बिगड़ता है जब वह सड़क पर टहलते रहते हैं और दो पहिया व चार पहिया वाहनों से टकरा जाते हैं जिससे छुट्टा पशु और वाहन चालक दोनों घायल हो जाते हैं। इस प्रकार विगत एक माह में अब तक आधा दर्जन लोग छुट्टा पशुओं से टकराकर घायल हो गये और अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं। आधा दर्जन पशु मौत के मुंह में समा गये। इसी प्रकार शनिवार को प्रातः कस्बा में एक छुट्टा गाय पिकअप से टकराकर मर गयी और चालक बचते-बचाते भाग खड़ा हुआ। इस प्रकार इनके आतंक से किसान भी त्रस्त हो चले हैं। जिनकी फसलों को नष्ट कर रहे हैं परंतु इन्हें गौशाला नहीं भेजा जा रहा है। जबकि सरकार द्वारा लाखों रूपये खर्च गौशालाआें का निर्माण करवाया है लेकिन जिम्मेदरान अपने दायित्यों से मुॅह मोड़ भारी दुर्घटना की बाट जोह रहे है। वही लोगों ने इस ओर जिलाधिकारी महोदय का ध्यान आकृष्ट करवाते हुए अविलम्ब छुट्टा पशुओं को पकड़कर गौशाला में भेजवाये जाने की गुहार लगाया है। ताकि फसल व जनहानि दोनो से लोगो को राहत दिलाई जा सके।

विद्यालय में जर्जर पीपल का पड़ टूटी चहारदिवारी से खतराजागरण संवादाता चहनिया चन्दौली।क्षेत्र स्थित कम्पेजिट विद्यालय लक्षमनगढ़ में विद्यालय की चहार दिवारी गुणवत्ता विहीन बनने के कारण जगह-जगह टूट कर क्षतिग्रस्त हे गयी। साथ विद्यालय प्रागण से सअे विशालकाय जर्जर पीपल का पेड़ भारी दुर्घटना को दावत दे रहा है। इतनी बड़ी गम्भीर समस्या से विद्यालय सबंधित अध्किारी, ग्राम प्रधान जिले के अधिकारी मौन साधे हुए है।गौरतलब तो यह है कि प्रायः बच्चे विद्यालय के प्रागण में ख्ेलते नजर आते है और चहारदिवारी अूटी होने के कारण वह कब विद्यालय से बाहर हो जायेगे इसका किसी को अंदाजा नही रहता। इतना ही बलिक बच्चे खेलते-खेते उसी विशालकाय जर्जर पीपल के बृक्ष के नीचे आकर बैठ जाते है और वह पेड़ कब गिर जायेगा इसे कोई नही बता सकता। जबकि इस वर्ष पेड़ काफी पुराना होने के कारण भयंकर वारिष व तेज हवा के कारण वह 75अंश के कोण पर आकर टिका हुआ वह कब जमीदोज हो जायेगा यह भगवान भरोसे ही है। जबकि गौर करे तो विद्यालय प्रांगण में अगर बारिश हो जाय तो जलजमाव का होना तय है। वही ग्रामीणां सहित गाव के सम्भ्रान्तां का कहना है कि शिक्षा के विभाग के आलाधिकारी तत्काल मामले को गम्भीरता से लेते हुए जर्जर पीपल को कटवाते हुए टूटी हुई चहारदिवारी को अविलम्ब बनवाये जाने की मांग की है। ताकि समय रहते भारी घटना को रोका जा सके। इस संदर्भ में एबीएस सुरेन्द्र सहाय ने बताया मामला संज्ञान में नही जाचं कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।