रीबॉर्न ट्रस्ट — समाज सेवा और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय उपलब्धि

रिपोर्ट हर्षिता मेहानी

पं.दीन दयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय)

रीबॉर्न ट्रस्ट — समाज सेवा और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय उपलब्धि

रीबॉर्न ट्रस्ट, उत्तर प्रदेश (संस्थापक: सतनाम सिंह, सोशल एक्टिविस्ट) ने समाज की डिजिटल जागरूकता और जनहित के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

ट्रस्ट के प्रतिनिधि रवनीत सिंह ने वी. वी. गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान, नोएडा में आयोजित सोशल मीडिया मैनेजमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। इस उपलब्धि के साथ रीबॉर्न ट्रस्ट अब सामाजिक कार्यों, जागरूकता अभियानों और जरूरतमंदों तक सूचना पहुंचाने में और अधिक सशक्त होगा।

रीबॉर्न ट्रस्ट समाज के कल्याण और सेवा में प्रतिबद्ध होकर सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।

— रीबॉर्न ट्रस्ट, उत्तर प्रदेश

पीआईएस के विद्यार्थियों ने रचा गौरवशाली इतिहास वाराणसी में आयोजित मण्डल स्तरीय राज्य युवा महोत्सव एवं विज्ञान मेला 2025–26 में पीआईएस के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया।

धनुष टूटने का दृश्य देख दर्शक हुए गदगद -शेरवां खखडा गांव में आयोजित श्री राम कथा केतिसरे दिन शुक्रवार की कथा वाचक पंडित मंगलम दीप महाराज कथा में बतलाया कि शिव धनुष टूटते ही चारों तरफ हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारे से पूरा पांडाल सहित गांव गुजायमान हो गया। इस दौरान राजा जनक के सीता स्वयंवर के लिये रखे गये शर्त को जब कोई राजा, देव-दानव-मानव पूरा नही कर पाए तब महाराज जनक निराश हो गये और उन्होने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मैं यह समझता कि यहां कोई भी वीर पुरूष नही सभी का-पुरूष ही का-पुरूष है। तो मैं अपनी बेटी के लिए एेंसा शर्त नही रखता। स्वयंर देखने के उद्देश्य से पहुचे लक्षमण तुरन्त ही उनको बातों से कुद्ध होकर कहे महाराज जनक रघुवंशियो के समक्ष इस तरह के शब्द बोलने का किसी को कोई अधिकार नही यह धनुष क्या चीज है अगर बड़े भैया का आदेश हो तो मैं पूरी पृथ्वी को गेद तरह उठाकर पटक कई टुकड़े कर दूं। जिस पर गुरू विश्वामित्र व प्रभुराम ने लक्षमण को समझाते हुए शान्त करवाया और महाराज जनक की निराशा को आशा में तब्दील करते हुए शुभ-मुहुर्त में विश्वामित्र के आदेशानुसार प्रभु श्रीराम ने धुनष पर तमंचा चढ़ाने गये और तमंचा चढ़ाते ही वह टूट गया। धनुष के टूटते ही चारो तरफ हर-हर महादेव, व जय श्रीराम के नारे से पूरा गांव सहित पंडाल गुजायमान हो गया। इस दौरान कथा में उपस्थित मंगल मिश्रा, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी,बिशाल,मनोहर, अशोक मिश्रा, सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।