पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर को मिला गोल्ड और सिल्वर मेडल।

पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर को मिला गोल्ड और सिल्वर मेडल।
दीन दयाल इस्थित आर. एस.फिटनेस जिम में मेहनत करते हुए दो युवाओं ने पावर लिफ्टिंग चैंपेनशिप में जीत हासिल की है।
एक ‘ शुभांकर कुंडू पुत्र सुशील कुमार कुंडू निवासी पटेल नगर’ ने बेंच प्रेस में 140 किलो वजन उठा कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया।
दूसरी तरफ दीन दयाल में आर पी एफ कॉलोनी के निवासी ‘ अमन कुमार पुत्र स्व० सुरेश’ ने 90 किलो वजन उठा कर सिल्वर मेडल प्राप्त किया ।
आर. एस.फिटनेस के कोच मोहम्मद राजा जी ने इन दोनों युवाओं को पूरा प्रशिक्षण दिया और कहा कि जो मेहनत करेगा उसको सफलता जरूर मिलेगी, शुभांकर और अमन का पूरा सहयोग जिम की टीम ने मिल कर किया जिसमे शुभम ,अंश,अमन,अभिषेक,और लालू थे ।
युवाओं की जीतने की खुशी सुनते ही जिम में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
जिम में उपस्थित सभी लोगो को प्रोत्साहन मिला और आगे के लिए मेहनत करने के लिए कोच मोहम्मद राजा जी ने भी सबको प्रोत्साहन दिया।

संवाददाता – राहुल मेहानी

धनुष टूटने का दृश्य देख दर्शक हुए गदगद -शेरवां खखडा गांव में आयोजित श्री राम कथा केतिसरे दिन शुक्रवार की कथा वाचक पंडित मंगलम दीप महाराज कथा में बतलाया कि शिव धनुष टूटते ही चारों तरफ हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारे से पूरा पांडाल सहित गांव गुजायमान हो गया। इस दौरान राजा जनक के सीता स्वयंवर के लिये रखे गये शर्त को जब कोई राजा, देव-दानव-मानव पूरा नही कर पाए तब महाराज जनक निराश हो गये और उन्होने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मैं यह समझता कि यहां कोई भी वीर पुरूष नही सभी का-पुरूष ही का-पुरूष है। तो मैं अपनी बेटी के लिए एेंसा शर्त नही रखता। स्वयंर देखने के उद्देश्य से पहुचे लक्षमण तुरन्त ही उनको बातों से कुद्ध होकर कहे महाराज जनक रघुवंशियो के समक्ष इस तरह के शब्द बोलने का किसी को कोई अधिकार नही यह धनुष क्या चीज है अगर बड़े भैया का आदेश हो तो मैं पूरी पृथ्वी को गेद तरह उठाकर पटक कई टुकड़े कर दूं। जिस पर गुरू विश्वामित्र व प्रभुराम ने लक्षमण को समझाते हुए शान्त करवाया और महाराज जनक की निराशा को आशा में तब्दील करते हुए शुभ-मुहुर्त में विश्वामित्र के आदेशानुसार प्रभु श्रीराम ने धुनष पर तमंचा चढ़ाने गये और तमंचा चढ़ाते ही वह टूट गया। धनुष के टूटते ही चारो तरफ हर-हर महादेव, व जय श्रीराम के नारे से पूरा गांव सहित पंडाल गुजायमान हो गया। इस दौरान कथा में उपस्थित मंगल मिश्रा, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी,बिशाल,मनोहर, अशोक मिश्रा, सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

???? मानवाधिकार न्यूज़ विशेष रिपोर्ट
???? पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, उत्तर प्रदेश
????️ दिनांक: 27 जून 2025

कांशी राम आवास ओडवार में युवक पर जानलेवा हमला — तीन आरोपी गिरफ्तार

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के कांशी राम आवास ओडवार में रहने वाले भगत कुमार, पुत्र राजेंद्र प्रसाद, पर तीन लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया।

घटना उस समय की है जब भगत कुमार अपने कार्य से लौट रहे थे। प्रमोद कुमार (पुत्र मेवा लाल), शिवम सैनी (पुत्र स्व. शंभू माली), और बाबू सोनकर (पुत्र विनोद सोनकर) — इन तीनों ने शराब के नशे में पहले बहस की और फिर मिलकर भगत कुमार की बेरहमी से पिटाई की। साथ ही उनके पास रखे पैसे भी छीन लिए।

घटना की सूचना पर पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है।

भगत कुमार को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

मानवाधिकार न्यूज़ प्रशासन से अपेक्षा करता है कि इस गंभीर मामले में कानूनी कार्रवाई शीघ्रता से पूरी की जाए और पीड़ित को न्याय दिलाया जाए।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड नंबर 7 महमूदपुर कैलाशपुरी जोड़ने वाला रोड जर्जर हालत में, जिम्मेदार बेपरवाह

मानवाधिकार न्यूज़, चंदौली:
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के वार्ड नंबर 7 में महमूदपुर से कैलाशपुरी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका है। यह सड़क करीब 5 वर्ष पूर्व बनाई गई थी, लेकिन अब इसमें बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में इस सड़क पर चलना बेहद खतरनाक हो जाता है। आए दिन दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह सड़क अब जानलेवा बन चुकी है।

सबसे गंभीर बात यह है कि इस सड़क की दुर्दशा की जानकारी कई बार सभासद और नगर निगम अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों में नगर प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है और वे सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक वे बदहाल सड़कों पर चलने को मजबूर रहेंगे?

स्थानीय नागरिकों ने मानवाधिकार न्यूज़ के माध्यम से नगर निगम से अपील की है कि इस सड़क की मरम्मत शीघ्र कराई जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके और भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।