वीर बाल दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वालों लोगों को सांसद एवं जिलाधिकारी ने किया सम्मानित-चंदौली

वीर बाल दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वालों लोगों को सांसद एवं जिलाधिकारी ने किया सम्मानित-चंदौली दिनांक 26-१२-२०२५ दिन शुक्रवार को दूय राज्य बाल दिवस महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वीर बाल दिवस का संबोधन ऑनलाइन, सजीव प्रसारण कराया गया। जिसके मुख्य अतिथि के रूप में सांसद राज्यसभा श्रीमती दर्शना सिंह एवं साधना सिंह उपस्थिति रही। उक्त कार्यक्रम में बाल विवाह भारत अभियान अंतर्गत समस्त उपस्थित गणमान्य जन प्रतिनिधि एवं अधिकारियों द्वारा बच्चों द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत शपथ लिया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चों को कर्मियों को पुरस्कृत किया गया। इसी क्रम में जनपद के विद्यालय, रामकृष्ण महिला विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मुगलसराय चंदौली की सहायक अध्यापिका अपर्णा मालवीय को राज्यसभा सांसद माननीय श्रीमती दर्शना सिंह एवं जिला अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग चंदौली द्वारा महिला शक्ति मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया गया। यह विद्यालय के लिए बहुत ही गौरव का विषय।

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।