नौका में आग लगने से हजारों की छति- चहनियां चंदौली

नौका में आग लगने से हजारों की छति- चहनियां चंदौली

बलुआ निवासी सत्येंद्र निषाद पुत्र स्वर्गीय भरत निषाद की बीती रात असामाजिक तत्वों ने नौका में आग लगा दी जिस नौका में हजारों रुपए समान महाजाल व नौका जलकर राख हो गई। भूक्त भोगी के अनुसार प्रतिदिन की भांति नौका से मछली मारकर शाम को गंगा किनारे बांध रखा था। की रात्रि लगभग 3:00 बजे अज्ञात लोगों द्वारा नौका में आग लगाकर बीच धार में बहा दिया। जब थोड़ी देर बाद घाट पर कुछ लोग पहुंचे तो नौका जल रही थी। लोगों ने सत्येंद्र को सूचना दी किसी तरह सहयोगी निषाद मित्रों द्वारा नौका को किनारे ले आये। देखते देखते निषादों की भीड़ लग गई। वही निषादों में भय की स्थिति बनी हुई है। कि आज सत्येंद्र के साथ ऐसी घटना घटी है तो कल हम लोग के साथ भी ऐसी घटना घट सकती है। सत्येंद्र चार भाई और एक बुढ़ी माता है। वह मछली मारकर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। अब उसके समक्ष रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। वही भुक्त भोगी सत्येंद्र निषाद ने एक सौ बारह नंबर को सूचना दी पुलिस छानबीन में जुट गई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार किए जाने की मांग की गई है। वहीं उपस्थित सत्येंद्र निषाद, सुधीर निषाद, जीवन निषाद, रवि निषाद, छोटू निषाद, सर्वजीत निषाद, विशाल, रोहित, रमेश, अंगद निषाद, शंकर, दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।

सीता हरण के दौरान जटायु व रावण का भंयकर युद्ध लीला का हुआ मंचनचहनियां चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के यह सातवें दिन रविवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ के साथ प्रारम्भ किया गया। रामलीला के सातवें दिन रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और पुष्पक विमान से वह लंका ले जाने लगा। जिसपर माता सीता की करूण विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु ने अपने मित्र की पुत्र बधु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करने लगा बड़ी भयंकर युद्ध हुआ रावण जटायु की मार को सहन न कर सका और क्रुद्ध होकर भगवान शिव द्वारा प्राप्त चन्द्रहासं खड्ग से जटायु पर वार कर दिया जिसमें जटायु का एक पंख कट गया लेकिन उसके बावजूद भी युद्ध नही थमा तब तक रावण ने दूसरा वार कर दिया। जिसमें जटायू का दूसरा पंख भी काट दिया जिससे आकाश से गिरकर जटायू गंभीर रूप से घायल हो गये। जब प्रभु श्रीराम व लक्षमण अपनी भार्या सीता को जंगल-वन-पहाड़ां से घुमते-घुमते रास्ते में गिरे जटायू से होती है तो जटायू ने पूरा वृतान्त प्रभु श्रीराम को सुनाया और अपना प्राण दिया। जिस पर प्रभु श्रीराम ने अपने पिता के मित्र की पुत्र बनकर अन्त्येष्टि कर सीता माता की खोज करने लगे। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ों कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।

कहीं बज बजाती नालियां तो कहीं झाड़- झंखाड से पटा रास्ता ग्रामीण हलकान-चंदौली तारा जीवनपुर स्थित सहरोई गांव में इन दिनों बज बजाती नालिया तो कहीं गांव में मेन रास्तों पर झाड़ -झंखारों से पटा हुआ है। हाल यह है कि अगर समय रहते साफ सफाई नहीं की गई तो संक्रामक बीमारियों को इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मेन रास्तों पर झाड़ झंखाड इस तरह पट गया कि उसपर राह चलना दुष्कर हो गया है। बरसात के दिनों में झाड़-झंखाड़ो में विशैल जीव जंतुओं का निवास हो गया है। जो कि हमेशा दुर्घटनाएं की आशंका बनी रहती है। नाबदान के पानी से उठ रहे दुर्गंध से ग्रामीण का नरकी जीवन जीने को विवश हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मी गांव में दर्शन दुर्लभ हो गया है। कभी -कभार आकर हाजिरी लगाकर रफू चक्कर हो जाता है। ग्रामीणों ने सफाई कर्मी से इस संदर्भ में कहा जाता कि झाड़- झंखाड व नालियों को साफ कर दीजिए तो यह कह कर टाल देता है कि आप लोग हमारे अधिकारियों से बात कर लीजिए। वहीं ग्रामीण प्रधान व सचिव से कई बार अवगत करवाया लेकिन निजात दिलाने में असमर्थ हैं। वहीं उपस्थित नामवर मिश्रा, ईश्वरी, उमेश मिश्रा, रमेश मिश्रा, राजेंद्र प्रजापति, पखंडू गुप्ता, कुंवारू गुप्ता, चंद्रबली खरवार, महानंद मिश्रा, शिशु मिश्रा, लादी प्रजापति, देवेन्द्र मिश्रा सुनील मिश्रा, बेचू, दर्जनों ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि नाली व झाड़ झंखाड का समुचित व्यवस्था नहीं हुआ तो हम ग्रामीण विकासखंड कार्यालय का घेराव करते हुए धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।