महाकुंभ 2025 के लिए समर्पण निधि अर्पण कार्यक्रम

रिपोर्ट राहुल मेहानी

महाकुंभ 2025 के लिए समर्पण निधि अर्पण कार्यक्रम

विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में महाकुंभ 2025 के भव्य आयोजन हेतु समर्पण निधि अर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कैलाशपुरी के सम्माननीय जनों से भेंट की गई और उन्हें महाकुंभ में अपनी सहभागिता और योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का नेतृत्व विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री शशि मिश्रा जी ने किया। उनके साथ जिला उपाध्यक्ष नीना जी, जिला सामाजिक समरसता प्रमुख सुमित जी जिला सामाजिक संपर्क प्रमुख लल्लू जी नगर अध्यक्ष संजय जी, नगर उपाध्यक्ष नित्या जी, नगर कार्याध्यक्ष अभी जी,  उपस्थित रहे। इन सभी ने श्रद्धालुओं को महाकुंभ के पवित्र आयोजन के महत्व के बारे में बताया और धर्म रक्षा के इस महायज्ञ में समर्पण निधि अर्पण करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कैलाशपुरी के प्रमुख नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। जय श्री राम के जयकारों और भगवा ध्वज के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने महाकुंभ के लिए समर्पण निधि अर्पित की और अपने योगदान से इस आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

इस दौरान धर्म और संस्कृति की रक्षा, समाज की एकजुटता, और महाकुंभ के आयोजन के महत्व पर जोर दिया गया। शशि मिश्रा जी ने अपने संबोधन में कहा कि महाकुंभ न केवल भारतीय संस्कृति का प्रतीक है, बल्कि यह विश्व भर के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। इस अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने का वादा किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने महाकुंभ के सफल आयोजन और हिंदू समाज की एकता की प्रार्थना की।


आरएसएस शताब्दी वर्ष पर हुआ पथ संचलनचहनिया चंदौलीक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी 100वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूर्ण कर शताब्दी वर्ष का शुभारंभ कस्बे के एक कॉन्वेंट स्कूल में उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों सहित समाज के प्रमुख जनसमुदाय ने सहभागिता की। आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण, शस्त्र पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिवपूजन जी ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। सह कार्यवाह रविन्द्र ने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के अथक प्रयासों का परिणाम है। संघ वैदिक और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग पर चलता है। संघ चालक रविन्द्र ने उद्बोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। संघ ने बीते 100 वर्षों में समाज को संगठित कर एक ध्येय पथ पर अग्रसर किया है। आज देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं कार्यरत हैं। हिंदुत्व समन्वय का विचार है, जिसमें बौद्ध, जैन, सिख सभी धर्मों को स्थान प्राप्त है। “रामराज्य और हिंदू राष्ट्र दो नहीं, एक ही उद्देश्य के रूप हैं,” ऐसा कहते हुए उन्होंने राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वही संघ संचालक ने कहा कि स्वदेशी अपना कर अपने देश को मजबूत किया जा सकता आप सभी से लोग स्वदेशी सामानों का उपयोग व उपभेग करे हमारा देश तरक्की कर सके। कार्यक्रम के उपरांत पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का पथ बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल से चहनिया बाजार मार्ग से होते हुए बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल पर आकर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सह खंड कार्यवाहक सुमन, संचालक शिवपूजन तिवारी, विभाग संघ दीपक, संघ चालक रविन्द्र, मुकेश, आशीष, अमरीश, अमरीश सिंह भोला, सूर्यमुनि तिवारी, अमित, चन्दन, इंद्रसेन सहित अनेक स्वयंसेवक संघ के सदस्य उपस्थित रहे।