बी पी एस सी की परीक्षा उत्तीर्ण कर श्रेया ने बढ़ाया मान

मुगलसराय चंदौली
अलीनगर की रहने वाली श्रेया
कुमारी ने बिहार पब्लिक सर्विस
कमीशन की परीक्षा पास कर
परिवार का मान बढ़ाया है।
बीपीएससी की परीक्षा में 111वीं
रैंक प्राप्त की है। उसका चयन
एसडीएम पद पर हुआ है। परीक्षा
परिणाम आने के बाद घर पर बधाई
देने वालों का तांता लगा रहा।
श्रेया के पिता लल्लू प्रसाद गुप्ता
व्यापारी व माता इंदू गुप्ता गृहिणी
है। जबकि भाई निखिल राज
समाजसेवी है। 25 वर्ष की उम्र
एसडीएम बनने वाली श्रेया ने
हाईस्कूल की परीक्षा वर्ष 2011 में
पीडीडीयू नगर के मानस कांवेंट स्कूल
से पास की थी। वहीं इंटर की परीक्षा
वर्ष 2013 में बबुरी के महर्षि अरविंद
शिक्षण संस्थान से पास की। इसके
बाद वर्ष 2016 में श्रेया ने बीएससी
की परीक्षा बिहार प्रांत के आरा स्थित
वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय से पास
की। इसके बाद वह तैयारी में जुट
गई।
श्रेया ने बताया कि एक तरफ जहां
आज भी लोग बेटियों को कमजोर
समझते हैं वहीं उसके परिवार ने उसे
हर तरीके से प्रोत्साहित किया। कभी
भी पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया।
कहा कि उसकी पढ़ाई के लिए मां ने
हमेशा सपोर्ट किया।

संवाददाता राहुल मेहानी

मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव निवासी चंद्र प्रकाश पटेल, जो भारतीय सेना के जवान थे, युद्धाभ्यास के दौरान तोप पर शहीद हो गए। सेना के सूबेदार नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह तोप पर कैजुएल्टी का मामला है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर सेना द्वारा आज दोपहर में कछवां लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार गंगा तट पर किया जाएगा।
चंद्र प्रकाश पटेल का 2010 में भारतीय सेना में पहले प्रयास में चयन हुआ था। वह सेना की 99वीं बटालियन में तैनात थे और इन दिनों राजस्थान के सूरतगढ़ में तैनात थे। 22 अक्टूबर को वह घर आए थे, और एक सप्ताह के बाद सेना की ड्यूटी के लिए वापस लौट गए थे।
शहीद के परिवार में मातम, गांव में उमड़ी भीड़ चंद्र प्रकाश के निधन की सूचना मिलते ही गांव में गम का माहौल छा गया। शहीद जवान की पत्नी स्नेहा पटेल और ढाई साल के बेटे अयांश के साथ उनका परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। परिवार के अन्य सदस्य, विशेष रूप से उनके माता-पिता राजपति और राजनाथ पटेल, जो शहादत की खबर सुनकर विलाप कर रहे थे, इस दुःखद घटना से बुरी तरह प्रभावित हैं।

लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन की केंद्रीय टीम ने शैक्षिक गतिविधियों का किया अवलोकनचहनिया चंदौलीशिक्षक संदर्शिका ,पाठ्यपुस्तक,कार्य पुस्तिका एवं सहायक शिक्षण अधिगम सामग्री के उपयोग से बच्चों के सीखने के स्तर एवं क्षमता को बढ़ाया जा रहा है तथा विद्यालय में नामांकन वृद्धि हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है !गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं आकर्षक गतिविधियों के कारण विभिन्न क्षेत्रों के बच्चे विद्यालय में नामांकन करा रहे हैं जिसके परिणाम स्वरूप आज विद्यालय में बेहतर नामांकन और उपस्थिति दर्ज की जा रही है !शिक्षकों ने बताया कि विशेष रेमेडियल अभियान के तहत पिछड़ रहे बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए नियमित प्रयास किया जा रहा है तथा कक्षा – कक्ष में बच्चों के सीखने की गति बढ़ाने हेतु विभिन्न गतिविधियों एवं नवाचार को अपनाया जा रहा है!केंद्रीय टीम में अंकित अरोरा ,निहारिका गुप्ता ,श्रीमोइ भट्टाचार्य ने विद्यालय मैं बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर होने की सराहना की तथा आगामी भविष्य में टीम द्वारा विद्यालय को शैक्षणिक सामग्री से परिपूर्ण करने का भरोसा दिया !इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह यादव, नंदकुमार शर्मा ,लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, बृजेश कुमार मिश्रा, उमा चौबे, प्रदीप कुमार सिंह, उमेश, ममता रानी गुप्ता, रूबी सिंह, गौतम लाल ,राम भजन राम, सुशीला देवी तथा लर्निंग एंड लैंग्वेज फाउंडेशन ब्लॉक चहनिया के शाहनवाज एवं जितेंद्र उपस्थित रहे!

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड नंबर 7 महमूदपुर कैलाशपुरी जोड़ने वाला रोड जर्जर हालत में, जिम्मेदार बेपरवाह

मानवाधिकार न्यूज़, चंदौली:
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के वार्ड नंबर 7 में महमूदपुर से कैलाशपुरी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका है। यह सड़क करीब 5 वर्ष पूर्व बनाई गई थी, लेकिन अब इसमें बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में इस सड़क पर चलना बेहद खतरनाक हो जाता है। आए दिन दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह सड़क अब जानलेवा बन चुकी है।

सबसे गंभीर बात यह है कि इस सड़क की दुर्दशा की जानकारी कई बार सभासद और नगर निगम अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों में नगर प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है और वे सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक वे बदहाल सड़कों पर चलने को मजबूर रहेंगे?

स्थानीय नागरिकों ने मानवाधिकार न्यूज़ के माध्यम से नगर निगम से अपील की है कि इस सड़क की मरम्मत शीघ्र कराई जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके और भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।