उतरौत ग्राम प्रधान समेत 6 लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने पर तहसीलदार ने दर्ज कराई FIR

उतरौत ग्राम प्रधान समेत 6 लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने पर तहसीलदार ने दर्ज कराई FIR

 

बबुरी

 

सरकारी कार्य में लापरवाही और बाधा डालने के आरोप में उतरौत ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान कंचन मौर्य समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ तहसीलदार ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह कार्रवाई गाटा संख्या 37/422 की सड़क की पैमाइश को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद की गई है। तहसीलदार देवेंद्र कुमार के अनुसार पैमाइश में बार-बार बाधा डालने और प्रशासन द्वारा लगाए गए पहचान चिन्ह यानी खूंटा को उखाड़ देने के कारण यह कदम उठाना पड़ा।

तहसीलदार देवेंद्र कुमार ने बताया कि गाटा संख्या 37/422 की सड़क की पैमाइश अब तक लगभग 20 बार कराई जा चुकी है। हर बार राजस्व टीम मौके पर जाकर पैमाइश करती है और सीमा तय करने के लिए खूंटा गाड़ देती है। लेकिन हर बार प्रधान और उनके समर्थकों द्वारा उन खूंटों को उखाड़ दिया जाता है। तहसीलदार ने कहा “उक्त सड़क की पैमाइश लगभग 20 बार कराया जा चुका है। हर बार प्रधान जी कार्य करने की बात कह कर करते नहीं हैं और खूंटा उखाड़ दिया जाता है। यदि गंभीरता से काम नहीं कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए”। उन्होंने कहा कि यह विवाद काफी पुराना है। इसका समाधान करने के लिए प्रशासन की ओर से कई बार प्रयास किया गया, लेकिन प्रधान द्वारा सहयोग न करने के कारण अंततः उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में FIR दर्ज कराई गई। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि जब उनसे संबंधित अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करने की बात कही गई तो उन्होंने कहा “यह मेरा कार्य नहीं है”। यानी प्राथमिकी सिर्फ प्रधान और मुख्य आरोपियों पर ही दर्ज कराई गई है।

वहीं ग्राम प्रधान कंचन मौर्य ने तहसीलदार की कार्रवाई को गलत ठहराते हुए कहा कि “सरकार जानबूझकर हम लोगों को परेशान कर रही है। हम गांव के विकास के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन बार-बार पैमाइश के नाम पर हमें टारगेट कर रहा है”। प्रधान का कहना है कि गाटा संख्या 37/422 का मामला जमीन से जुड़ा है और बिना सभी पक्षों को सुने पैमाइश करना उचित नहीं है।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महेंद्र मौर्य ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि “हम वर्तमान में कार्यकारी प्रधान हैं इसलिए हमारी शक्तियां सीमित हैं। हम प्रशासन का सहयोग करना चाहते हैं, पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार प्रधान के पास नहीं है”।

इस कार्रवाई के बाद गांव में दो धड़े बन गए हैं। एक पक्ष का कहना है कि सड़क सरकारी जमीन पर है और अतिक्रमण हटना चाहिए। वहीं दूसरा पक्ष प्रधान के साथ खड़ा है और कह रहा है कि पैमाइश में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही।

तहसील प्रशासन ने साफ किया है कि अब पैमाइश पुलिस बल की मौजूदगी में कराई जाएगी और खूंटा उखाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थानाध्यक्ष बबुरी किशोर कुमार चौबे का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम पैमाइश करने गई थी हम लोग भी साथ में थे जो खूंटा गड़ा गया था उसको उखाड़ दिया गया है इसीलिए प्राथमिक दर्ज हुई है अभी कोई विवाद की स्थिति नहीं बनी है।

अब देखना होगा कि FIR के बाद उतरौत गांव का यह पुराना विवाद सुलझता है या और गहराता है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वो शांति बनाए रखें और सरकारी कार्य में सहयोग करें।

रिपोर्ट वैभव त्रिपाठी

6 साल पहले घर से काम के लिए निकले फिर लौटकर नहीं आए पप्पू जी।
एक प्रयास घर वापसी का अभियान के पास समस्तीपुर से सुमित कुमार सिंह जी द्वारा एक केस आया था एक बुजुर्ग प्रभुजी का जो खुद को मुगल सराय काली महाल चंदौली का बता रहे थे।।केस में जब कार्य करना शुरू किया तो सबसे पहले एक प्रयास घर वापसी का अभियान संस्था के सदस्य दामिनी पांडे जी ने केस को आगे बढ़ाना शुरू किया और वहां की ही रहने वाली बहन नेहा दुबे जी को केस की जानकारी साझा की गई जिन्होंने वहां स्थानीय लोगों तक केस पहुंचाया।इसी दौरान ज्योति खरे जी ने भी वहां कुछ स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की मदद से परिवार को तलाश करने का प्रयास शुरू किया।।
एक प्रयास घर वापसी का अभियान के संस्थापक रजनीश जैन जी के पास
रात्रि में आकाश जी का फोन आया जो उस जगह से काफी हद तक वाकिफ थे और उन्होंने केस की जानकारी वहां के स्थानीय पत्रकार राहुल जी और वहां के सभापति नितिन गुप्ता जी को साझा की।।केस को वहां के सभी ग्रुप में साझा किया गया सभापति नितिन गुप्ता जी द्वारा और सुबह होते होते पप्पू जी के परिवार की जानकारी मिल गई।।
पप्पू जी के भाई दिनेश जी से बात करने पर पता चला कि 6 से 7 साल पहले काम के लिए निकले थे पप्पू जी लेकिन लौटकर नहीं आए ना ही फोन किया।उम्मीद छोड़ चुके परिवार के लिए उम्मीद बनकर आए समस्तीपुर से सुमित कुमार सिंह जी , आकाश जी दिघवारा सारण बिहार , रजनीश जैन जी राजस्थान ,सभापति नितिन गुप्ता जी , करुणदृष्टि केयर फाउंडेशन की संस्थापिका करुणा मिश्रा,ज्योति खरे जी ,  नेहा दुबे जी , दामिनी पांडे जी , रिंकू मिश्रा जी, आकाश कुमार जी सोशल वर्कर सहित सभी सहयोगकर्ताओं को बहुत बहुत साधुवाद धन्यवाद।।

जिला राइफल क्लब *वाराणसी* से अपना सफर शुरू करने वाले *विशाल विश्वकर्मा* ने *ISSF ‘B’ Judges Course (राइफल/पिस्टल)* सफलतापूर्वक पूर्ण कर बनारस के पहले ISSF ‘B’ (राइफल/पिस्टल) प्रमाणित जज* बनने का गौरव हासिल किया है।