राशन कार्डों को जारी करने में बड़े खेल का आरोप
चहनियां
चंदौली ग्राम सभा नदेसर में राशन वितरण में चल रहे भ्रष्टाचार की शिकायतें अब सच साबित होती दिख रही हैं। नदेसर के कोटेदार पर लंबे समय से दोनों गांवों का कोटा अवैध तरीके से चलाने का आरोप लग रहा था। अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। शिकायत कर्ता बुल्लू यादव ने बताया कि मारूफपुर के मूल निवासियों के नाम पर आधा दर्जन से अधिक कार्ड नदेसर ग्राम पंचायत में जारी कर दिए गए हैं। वहीं हुसेपुर के तीन निवासियों का राशन कार्ड भी मारूफपुर में जारी किया गया है। शिकायत कर्ता के इस आरोप से खाद्य आपूर्ति कार्यालय सकलडीहा में चल रहे गड़बड़ी के बड़े खेल को उजागर कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस खेल में सप्लाई इंस्पेक्टर और कार्यालय में कार्यरत बाबुओं की मिली भगत का परिणाम है। ग्राम पंचायत अधिकारी और निवर्तमान प्रधान ने भी फर्जीवाड़े को स्वीकार करते हुए इस इससे अनभिज्ञता जाहिर किया है । इस गंभीर मामले को लेकर जब संबंधित ग्राम के ग्राम पंचायत अधिकारी अतुल यादव से बात की गई तो उन्होंने साफ तौर पर अपना पल्ला झाड़ लिया और कहा कि मेरे द्वारा नदेसर ग्राम पंचायत में जारी इन छः राशन कार्डों में से किसी भी राशन कार्ड का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया है। न ही मारूफपुर में जारी कुमारी देवी, शांति देवी, बारामती देवी के किसी आवेदन पर कोई हस्ताक्षर नहीं किया है। वहीं मामले को लेकर जब निवर्तमान प्रधान शिवकुमार यादव से बात की गई तो उन्होंने भी इस फर्जीवाड़े की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ये सभी व्यक्ति मधुलिका प्रजापति, लीला देवी, शशिकला यादव, अंजलि अशोक गुप्ता, नेहा यादव, सीमा यादव हमारे ग्राम सभा के मूल निवासी नहीं हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से भी इन लोगों को नहीं जानता हूं। शिकायत कर्ता बुल्लू यादव ने कहा कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के इन बयानों से साफ है कि यह कार्ड सीधे उच्च स्तर या कोटेदार की साठगांठ से कंप्यूटर ऑपरेटर के माध्यम से जारी किए गए हैं। कोटेदार और सप्लाई इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि अवैध रूप से कोटा चलाने वाले आरोपी कोटेदार का लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जाए। इसके साथ ही, इस पूरे खेल में शामिल संबंधित सप्लाई इंस्पेक्टर के खिलाफ भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को सबक मिल सके। इस संबंध में जब प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी वासुदेव तिवारी से जानकारी ली गई तो उन्होने कहा की यदि ऐसा आरोप है तो आवेदक द्वारा दी गई डॉक्युमेंट्रीयल जानकारी की जांच करके नियम विरुद्घ कार्य करने वाले लोगों पर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जाएगी।






