गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन  

गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन

चंदौली। गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनपद चंदौली में गोभक्तों एवं कार्यकर्ताओं ने लगभग 1500 नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित किया।

 

अभियान के माध्यम से गोहत्या-निषेध हेतु केंद्रीय कानून बनाने, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान प्रदान करने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा गो संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़ी 30 से अधिक प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं।

 

ज्ञापन सौंपने के दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला सह मंत्री श्री नीतीश जी, बजरंग दल के जिला संयोजक प्रिंस जी, जिला गौ रक्षा प्रमुख अंकित जी, जिला सहसंयोजक दीपक जी एवं जिला सहसंयोजक हेमंत जी सहित अनेक गोभक्त एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए जनजागरण अभियान को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।