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मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से मज़दूरों को समर्पित एक अपील
“फिर से चाहिए 8 घंटे का अधिकार –
मज़दूर न किसी का ग़ुलाम है, न कोई व्यापार!”

आज 1 मई – अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस है। यह वह दिन है जब पूरी दुनिया उन मेहनतकश हाथों को सलाम करती है, जिन्होंने अपने खून-पसीने से दुनिया का निर्माण किया है।
लेकिन आज एक बार फिर वही सवाल खड़ा है –
क्या हमारे मज़दूरों को वह सम्मान, वह अधिकार मिल पा रहे हैं जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी?

1886 में अमेरिका के शिकागो में जब मज़दूरों ने 8 घंटे की शिफ्ट के लिए अपनी जानें दीं, तब जाकर यह अधिकार मिला।
मगर आज फिर वही मज़दूर 12 से 18 घंटे काम करने को विवश है –
कम मज़दूरी, ज़्यादा काम, और सम्मान शून्य।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से हम यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं:

8 घंटे का काम मज़दूर का हक़ है, एहसान नहीं।

हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, और काम का सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए।

मज़दूर को कोई ठेके का सामान न समझें – वह भी एक इंसान है, जिसके सपने हैं, परिवार है, और जीने का हक़ है।


आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है –
मज़दूरों की आवाज़ को फिर से बुलंद करना।
उनके हक़ के लिए एकजुट होना।

हमारा संकल्प:
“रोटी भी चाहिए, इज़्ज़त भी चाहिए,
इंसान हैं हम – गुलाम नहीं!”

आपका
संजय रस्तोगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष – मानवाधिकार न्यूज़

एकल विद्यालय फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (RSS) एकल विद्यालय के द्वारा आरोग्य शिविर का आयोजन आज दिनांक 7 सितंबर 2025 को स्थान : ग्राम सभा रमदतपुर के मिनी सचिवालय में आयोजित किया गया जिसमें- सर सुंदरलाल हॉस्पिटल के (BHU), डॉ सच्चिदानंद जी (राष्ट्रीय सहमंत्री), डा0 सुनील कुमार, डा0 रत्ना गुप्ता, डा0 गजेंद्र प्रताप सिंह, डा0 अंकित कुमार,डा0 अंजलि डॉ0 रोमन आदि सहयोगी उपस्थित थे,शिवर का उद्घाटन ग्राम प्रधान श्री रामचंद्र गुप्ता रामदत्तपुर के द्वारा किया गया संच प्रमुख- शिवकुमारसंच अध्यक्ष- संतोष जीएकल विद्यालय आचार्य – आरती देवी, नीरज देवी, ज्योति राय, इंदु कुमारी,आयोजन कर्ता- प्रिंस पाठक (जिला संयोजक बजरंग दल चंदौली)ग्राम समिति से – दयाशंकर भारती, अंकित कुमार, देवनाथ पांडे, मृत्युंजय बालमुकुंद ओमप्रकाश आदि जन उपस्थित थे,कार्यक्रम का उद्देश्य – एकल विद्यालय फाउंडेशन ऑफ इंडिया के मेडिकल कैंप जोकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा संचालित किया जाता है, मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सा शिविरों के माध्यम से उन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना है, जिसमें सामान्य रोगों के उपचार, जैसे कि बुखार, खांसी, डेंगू, मलेरिया, डायरिया, आदि से संबंधित एवं मातृ व शिशु देखभाल और स्वच्छता पर जोर दिया जा सके इसके साथ ही, यह फाउंडेशन निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करता है और ग्रामीण समुदायों को समग्र स्वास्थ्य और विकास के अवसर उपलब्ध कराता है।मेडिकल कैंप के विशिष्ट उद्देश्य:स्वास्थ्य शिक्षा:लोगों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षित करना।चिकित्सा सेवाएं:विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना, जिसमें मातृ एवं शिशु देखभाल शामिल है।सामान्य बीमारियों का उपचार:सामान्य रोगों के उपचार के लिए दवाइयाँ वितरित करना।पहुँच में सुधार:ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार करना, जहाँ पहले इन सेवाओं का अभाव होता था।निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य:निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और उपचारात्मक चिकित्सा दोनों पर ध्यान केंद्रित करना।