“मानवाधिकार न्यूज़: चन्दौली में छठ पूजा के दौरान बड़ा हादसा, युवक की पोखरे में डूबने से मौत”

मानवाधिकार न्यूज़: चन्दौली। चन्दौली पोखरा में डूबने से एक युवक की मौत हो गयी। आपको बता दें कि चकिया नगर स्थित वार्ड नंबर 6 का निवासी 19 वर्षीय राजबाबू की मौत हो गयी। वहीं सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद के बाद डाला छठ पर युवक की मौत होने से हड़कम मच गया।

मानवाधिकार न्यूज

संवाददाता -: प्रदीप कुमार शर्मा

पुलिस के मौजूदगी में रेस्क्यू अभियान जारी है। सूत्रों के जानकारी के अनुसार युवक नशे की हालत में था। चकिया थाना क्षेत्र के काली जी पोखरा का मामला बताया जा रहा है। मौके पर लोगों की भारी भीड़ उपस्थित है।
“क्षेत्राधिकारी चकिया आशुतोष तिवारी ने बताया कि थाना चकिया अन्तर्गत काली माता मंदिर परिसर स्थित पोखरा में एक व्यक्ति के डूबने की सूचना पर तत्काल स्थानीय पुलिस द्वारा मौके पर पहुंच स्थानीय लोगों एवं गोताखोरों की मदद से डूबे व्यक्ति की तलाश सहित अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है।”
गोताखोरों द्वारा शव को खोज लिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

संवाददाता -: प्रदीप कुमार शर्मा

 

सीता राम स्वयंवर देख श्रोता हुए गदगद-चंदौली सकलडीहा विकास खंड क्षेत्र के सहरोई गांव में श्री हनुमान जयंती के पावन अवसर पर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सात दिवसीय संगीतमय राम कथा का आयोजन किया गया है कथा के चौथे दिन पंडित शक्ति तिवारी कथा में भी बताया की जिस कार्य को दस हजार राजा नहीं कर पाये उस कार्य को श्री रघुनाथ ने करके दिखाये। यह दृश्य देखकर जितने राजा थे सब सकुचा जाते हैं। और लगे खलबली मचाने उसी समय अजगौ धनुष के लिए परशुराम सभा में आ जाते हैं। और सब के सब राजा अपने पिता का नाम बताकर कतार बद्ध खड़े हो गये। और लगे चिखारने की निकाल कर के वापस करो जिसने शिव पिनाक धनुष को खंड-खंड किया। राम कहते हैं महाराज वह आपका कोई दास ही होगा लेकिन परशुराम का क्रोध शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा था। तब लक्ष्मण भैया कौतकी करने लगे और अंत में कहना ही पड़ा की महाराज हमें कुंभड की भतिया न समझिएगा जो हाथों की तर्जनी देखकर डर जाये। हम रघुवंशी हैं हम जानते हैं कि जो क्षत्री ब्राह्मण के चरणों में निष्ठा बनाकर रहता है। वह संसार में निर्भर होकर जीता है। परशुराम सोच में पड़ गए कि ब्राह्मण के चरणों में इतनी निष्ठा भगवान को छोड़कर दूसरा कोई हो ही नहीं सकते। परशुराम धनुष की प्रतंचा चढ़वाकर रघुनाथ की परीक्षण किया और तीन बार जय जय कार लगाकर वापस महेंद्र पर्वत पर चले जाते हैं। फिर राजाओं ने राहत की सांस ली और दूतो को अयोध्या भेज कर चक्रवर्ती राजा दशरथ पत्र दिया गया और चक्रवर्ती राजा दशरथ पूरे धूमधाम से बारात लेकर आये। और पंडित शक्ति तिवारी ने बहुत ही खूबसूरत मट फोड की गीत गाते हुए विवाह की मंगल गीत सुनाये। जिसकी सभी श्रोता बंधु भाव विभोर होकर खूब आनंदित हुये। सैकड़ो श्रोताओं का हुजूम लग रहा। वहीं उपस्थित मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामकिशन यादव। राहुल मिश्रा समाज सेवीक, महानंद मिश्रा, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु, विराट, उमेश, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी, निक्की राशिक, प्रदुम्न, सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।