मुगलसराय वार्ड नंबर 1 विजयनगर कॉलोनी की रोड का बुरा हाल, महिलाओं द्वारा सभासद जी का घेराव

मुगलसराय वार्ड नंबर 1 विजयनगर कॉलोनी की रोड का बुरा हाल, महिलाओं द्वारा सभासद जी का घेराव।

वार्ड नंबर एक ही सबसे पुरानी कॉलोनी विजयनगर के नाम से जानी जाती है जिसकी रोड रास्ते की बुरी स्थिति है, समय-समय पर नगर पालिका को घर का टैक्स भी जमा किया जाता है तभी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, महिलाओं और बच्चों का रोड पर चलना दुश्वार हो गया है, बरसात आने पर रोड पर चलना और बाइक चलाना साइकिल चलाना दुश्वार हो गया है, नगर में आए दिन कोई का कोई घटना होती रहती है,

बरसात का जल रोड पर जमने से सांपों का आगमन रोड पर होता है जिससे बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते हैं, इसकी सूचना नगर के लोगों द्वारा नगर पालिका को चेयरमैन साहब को समय-समय पर दी जाती रही, मगर बजट नहीं है यह कहकर बात को टाल दिया जा रहा था, आखिर नहीं रहा गया तो महिलाओं ने मिलकर एक दरखास्त लिखी और तत्काल सभासद जी को देने का काम किया गया।

सभासद पारस यादव जी द्वारा सांत्वना दी गई कि जल्द से जल्द रोड बनाने का कार्य किया जाएगा और तत्काल रोड पर कुछ गिट्टी डालकर रोड को समतल किया जाएगा जिससे बच्चे और महिलाओं का घर से निकलना हो सके।

विजयनगर वार्ड नंबर 1 के सभासद पारस यादव जी द्वारा सांत्वना दी गई कि जल्द से जल्द रोड का कार्य शुरू किया जाएगा।

संवाददाता – राहुल मेहानी

रिपोर्ट- राहुल मेहानी

 

अधिकारियों के आदेश को मातहत दिखा रहे ठेगा
चहनियां चन्दौली।
क्षेत्र के प्रभुपुर गावं में अराजी नं0 311पर चकरोड बनवाने के लिए पिड़ित वायुनन्दन त्रिपाठी ने उपजिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी के यहा प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाया गया। लेकिन उच्चाधिकारियां के आदेश के बावजूद भी मातहत सचिव व प्रारम्भ कार्य कराना उचित नही समझ रहे है। वही पिड़ित वायुनन्दन ने खण्ड विकास अधिकारी से बार-बार मिलने के पर खण्ड विकास अधिकारी ने दो दिन के अन्दर काम लगवाये जाने का आश्वासन देकर प्रार्थी को शान्त कराया। इस संबंध में तत्कालीन एडीओ पंचायत ने सचिव को कार्य कराने का लिखित आदेश दिया था लेकिन सचिव द्वारा उसे नजर अंदाज करते हुए कार्य कराना उचित नही समझा। ग्राम प्रधान चुनावी रंग में रंग कर आलाधिकारियां के आदेश को ठेगा दिखाते हुए ठंण्डे बस्ते में डाल दिया है। अधिकारियों के आदेश को दो-दिन, चार-दिन करते-करते मातहत सचिव व ग्राम प्रधान दो माह बिता दिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारियों का आदेश का कितना मातहत पालन करते है। अधिकारियों ढ़ुलमुल रवैया पूर्ण आदेश से तंग आकर पिड़ित आमरण अनशन करने का बाध्य हो गया। वही पिड़ित वायुनन्दन ने आलाधिकारियों चेताते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द कार्य प्रारम्भ नही करवाया तो प्रार्थी आमरण अनशन को बाध्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी मातहतों की होगी।