फरीदाबाद के NIT-5 में सिख समुदाय ने हर्षोल्लास के साथ मनाई गुरु नानक जयंती

रिपोर्ट स्नेह शर्मा

फरीदाबाद के NIT-5 में सिख समुदाय ने हर्षोल्लास के साथ मनाई गुरु नानक जयंती

फरीदाबाद के NIT-5 क्षेत्र में सिख समुदाय ने मंगलवार को गुरु नानक देव जी की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई। इस अवसर पर गुरुद्वारे में विशेष कीर्तन और अरदास का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रभातफेरी से हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का प्रचार किया। गुरुद्वारे को आकर्षक लाइटों और फूलों से सजाया गया। दिनभर गुरबाणी का पाठ चलता रहा, और उपस्थित संगत ने इसका आनंद लिया।

मुख्य कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठ जनों ने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए मानवता, सेवा और समानता के महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी जाति और धर्म के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में शामिल एक श्रद्धालु ने बताया, “गुरु नानक देव जी की शिक्षाएँ आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उनके समय में थीं। उनकी शिक्षाएँ हमें सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।”

इस आयोजन ने सिख समुदाय के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोगों को भी एकजुटता और भाईचारे का संदेश दिया।

भगवान भास्कर के जयकारे से गूजायमान हुई अध्यात्मिक नगरीरामनगर वाराणसीविन्ध्य पर्वत के तलहटी में भगवान भोले नाथ की त्रिशूल पर वसी नगरी वाराणसी में चार द्विवसीय डाला छठ बड़े ही धूॅमधाम के साथ मनाया गया। मॉ भगवती गंगा के दोनां तटां अध्यात्मिक नगरी तो दुसरी तरफ रामनगर के राजा का किला स्थित है। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक व रामनगर से लेकर पड़ाव डोमरी तक हजारां नर नारी भगवान भास्कर के महापर्व को पूर्ण करने में लगे रहे। जिसके क्रम में मंगलवार की अल सुबह ही व्रतियो ने मॉं गंगा के तट पर पहुच कर उदयाचल भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया। जैसे भगवान भास्कर की किरणे मां गंगा के स्पर्श की कि चारों तरफ भगवान भास्कर व छठी मइया के गगन भेदी जयकारे से पूरा क्षेत्र गूजायमान हो गया और इसी अर्ध्य के साथ भगवान भास्कर महापर्व समाप्त हो गया।