प्रबोधिनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने़ लगाई आस्था की डुबकीचहनिया चन्दौली।क्षेत्र के मां भागीरथी के पश्चिमी वाहिनी बलुआ घाट पर प्रबोधिनी एकादशी के पावन पर्व पर हजारां श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाते हुए मन्दिर पूजा पाठ कर याचक ओर भिक्षुओं का दानपुन्य कर यश के भागी बने। इसी क्रम में क्षेत्र के महुआरी, कांवर, महुअरकलां, पूरा विजयी, तिरगावां, टाण्डाकलां, सैफपुर, नादी-निधौरा समस्त गंगा तटीय गावों के घाटो पर भारी भीड़ उमड़ी रही।शनिवार की अलसुबह ही हजरो श्रद्धालुओं की भीड़ बलुआ घाट पर पहुचने लगी और देखते ही देखते मेले जैसे रूवरूप लेते हुए भारी भीड़ के रूप में तब्दील हो गयी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु अपने योग चर्तुमासा निद्रा से जागते हैं इसी कारण इसे देव उठान या देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मॉ तुलसी का विवाह भी श्री हरि नारायण से सम्पन्न कराया जाता है। उसी मान्यता के अनुसार समस्त जगत में मांगलिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो जाते है। वही सुरक्षा की दृष्टि से उपनिरीक्षक विनोद सिंह, महिला कांस्टेबल कौशल्या देवी, चिंता देवी, राजेश कुमार, सरोज देवेंद्र प्रताप यादव के साथ गोताखोरों की टीम भी नाव से गंगा में निगरानी करती रही।

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

धनतेरस पर झाडुओं की हुयी जमकर ब्रिकीआर्थिक मंदी का दिखा नजाराचहनियॉ चंदौली।धनतेरस के पावन पर्व पर स्थानीय कस्बा व बाजारों में काफी चहल-पहल देखी गयी तथा आर्थिक मंदी के चलते लोगों ने झाड़ूओं की जमकर खरीददारी की तथा जिधर देखे उधर ही दुकानां पर लोग झाड़ूआें की खरीद फरोख्त करते देखे गयें।भगवान धनवन्तरी महाराज की लोगों ने पूजन अर्चन किया तथा अपने सामर्थ्य के अनुसार लोगो ने वर्तन वगैरह तथा लक्ष्मी गणेश की मिट्टियों की खरीददारी कर आस्था की पूर्ति की।इस प्रकार बाजारों तथा कस्बों में देर रात्री तक काफी चहल-पहल देखी गयी मिंदरां में लोगों ने पूजन अर्चन कर मत्था टेका तथा मंगलमय होने की कामना व्यक्त किया। इस प्रकार बलुआ, पपौरा, मोहरगंज, रमौली, मारूफपुर, टाण्डाकला, रामगढ़, कस्बों व बाजारों में धनतेरस पर कफी चहल पहल देखी गयी।