महासंग्राम G.K. Competition में 3200 छात्रों की अद्भुत भागीदारी

महासंग्राम G.K. Competition में 3200 छात्रों की अद्भुत भागीदारी
नगरपालिका इंटर कॉलेज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर | 16 नवंबर 2025

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के नगरपालिका इंटर कॉलेज में 16 नवंबर 2025 को शिक्षा जगत में एक ऐतिहासिक आयोजन देखने को मिला। क्षेत्र की प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं — MCI Institute, ROY Classes, Samarpan Classes और CBS Coaching Center — के संयुक्त तत्वावधान में महासंग्राम G.K. Competition का भव्य आयोजन किया गया।

इस प्रतियोगिता में 3200 से अधिक छात्रों ने प्रतिभाग किया, जिसने इसे जिले की सबसे

बड़ी और सबसे सफल शैक्षणिक प्रतिस्पर्धाओं में शामिल कर दिया। विशाल संख्या में आए प्रतिभागियों ने न सिर्फ अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाया, बल्कि अपने ज्ञान और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन भी किया।

प्रतियोगिता का उद्देश्य

आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में—

सामान्य ज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना

प्रतिस्पर्धात्मक मानसिकता विकसित करना

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को एक बड़ा मंच देना

शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनाना

आयोजक संस्थाओं ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताएँ छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उज्वल भविष्य की दिशा तय करने में मदद करती हैं।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से मज़दूरों को समर्पित एक अपील
“फिर से चाहिए 8 घंटे का अधिकार –
मज़दूर न किसी का ग़ुलाम है, न कोई व्यापार!”

आज 1 मई – अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस है। यह वह दिन है जब पूरी दुनिया उन मेहनतकश हाथों को सलाम करती है, जिन्होंने अपने खून-पसीने से दुनिया का निर्माण किया है।
लेकिन आज एक बार फिर वही सवाल खड़ा है –
क्या हमारे मज़दूरों को वह सम्मान, वह अधिकार मिल पा रहे हैं जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी?

1886 में अमेरिका के शिकागो में जब मज़दूरों ने 8 घंटे की शिफ्ट के लिए अपनी जानें दीं, तब जाकर यह अधिकार मिला।
मगर आज फिर वही मज़दूर 12 से 18 घंटे काम करने को विवश है –
कम मज़दूरी, ज़्यादा काम, और सम्मान शून्य।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से हम यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं:

8 घंटे का काम मज़दूर का हक़ है, एहसान नहीं।

हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, और काम का सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए।

मज़दूर को कोई ठेके का सामान न समझें – वह भी एक इंसान है, जिसके सपने हैं, परिवार है, और जीने का हक़ है।


आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है –
मज़दूरों की आवाज़ को फिर से बुलंद करना।
उनके हक़ के लिए एकजुट होना।

हमारा संकल्प:
“रोटी भी चाहिए, इज़्ज़त भी चाहिए,
इंसान हैं हम – गुलाम नहीं!”

आपका
संजय रस्तोगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष – मानवाधिकार न्यूज़