महाराष्ट्र पुणे के AWHO विजय विहार सोसाइटी में नवरात्रि के शुभ अवसर पर कलश यात्रा का कार्यक्रम किया गया।

आज दिनांक 3 अक्टूबर नवरात्रि का पहला दिन महाराष्ट्र पुणे के AWHO विजय विहार सोसाइटी में नवरात्रि के शुभ अवसर पर कलश यात्रा का कार्यक्रम किया गया। और इसी शुभ अवसर पर माता रानी की मूर्ति की स्थापना यहां के क्लब हाउस देवी पंडाल में की गई, नगर के लोगों द्वारा भजन कीर्तन करते हुए यह कार्यक्रम किया गया, यहां के सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि हम 9 दिन तक माता रानी का जय जयकार करते रहेंगे, आज शाम को सभी लोग सपरिवार मिलकर भजन करेंगे और बच्चों को भजन करने के लिए प्रेरित करेंगे और अध्यात्म की शिक्षा भी देने का कार्य करेंगे।
इस कार्यक्रम में मानवाधिकार न्यूज़ की जिम्मेदार शिखा पाठक जी जो की महासचिव महाराष्ट्र की है इन्होंने पूरा योगदान दिया और लोगों को पूजा पाठ के लिए प्रेरित किया।

रिपोर्ट – शिखा पाठक

पितृविसर्जन पर लोगो ने अपने पूर्वजों का किया, तर्पण व पिण्डदान
चहनिया चन्दौली।
पितृपक्ष के अंतिम दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मॉ भागीरथी गंगा तट पर बलुआ घाट पर अपने-अपने पितरों को तर्पण कर पिंडदान किया और पितृविर्सजन पर विभिन्न अनुष्ठान व पूजन-अर्चन कर घाटो पर व्यंजन चढ़ाकर तर्पण किया।
रविवार की अल सुबह ही श्रद्धालुओं द्वारा पैदल, वाहनों से लोटा, कुश, परास की पत्ती कर हाथो में लिए गंगा तट पर पहुचने लगे और बाजारां में जौ के आटे, दीया, माचिस, अगरबत्ती, मालफूल की खरीददारी करते घाटों पर पहुच कर अपने- अपने पूर्वजां को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान में जुटे रहे जो अरान्ह तक चलता रहा।
इस दौरान गंगा के पानी में तेजी से घटाव के कारण चारो तरफ कीचड़ व मिट्टियों का ढ़ेर से लोग हलकान नजर आये। इस दौरान पुलिस चाक चौकस व्यवस्था करने में जुटी रही। इस दौरान चहनियां वाया बलुआ मार्ग पर मेले का दृश्य हो गया और बाल्मिकी इण्टर कालेज के प्रांगण में वहनो का जमघट लगा रहा पिंडदान व तर्पण का कार्य देर अपरान्ह तक चलता रहा।
इसी क्रम में भूपौली, महुअरकला, टॉण्डा सैफपुर, सहित गंगा तटों पर पिंडदान का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, सरोवरों पर भी श्रद्धालुओं में पिंडदान कर अपने पूर्वजों का तर्पण किया और सुख समृद्धि की कामना व्यक्त किया।
इस दौरान नाई अपनी-अपनी दुकाने रविवार की अल सुबह लगभग 3बजे से खोलकर लोगों का मुण्डन इत्यादी का कार्य करने में जुटे रहे। जिससे नाई की दुकानों पर लोगो की भीड़े जुटी रही। वही माली भी रविवार की अल सुबह माला फूल लेकर घाटो पर जमें रहे।