मानवाधिकार न्यूज़ की मासिक बैठक संपन्न चहनिया चन्दौली

मानवाधिकार न्यूज़ की मासिक बैठक संपन्न चाहनिया चंदौली।

मानवाधिकार न्यूज व मानवाधिकार से पिड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने हेतु संचालित मानाधिकार न्यूज बैठक की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के तैल चित्रपर माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। चहनियां मारुफपुर में रविवार को मानवाधिकार न्यूज़ की सफलता पूर्वक बैठक संपन्न हुई। वही मानवाधिकार न्यूज़ के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा मानवाधिकार न्यूज़ के उद्देश्यां और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा व परिचर्चा की गई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग की आवाज को उठाना, आम जनता के हक की रक्षा करना और प्रशासन व जनता के बीच एक सशक्त सेतु कार्य करना है। मानवाधिकार का यह संकल्प है कि न्याय, समानता और मानवता के सिद्धांतों पर आधारित कार्य करना। समाज में जागरूकता फैलाना और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग कराना है। समाज में दबे कुचले गरीबों की आवाज उच्च अधिकारियों तक पहुंचा कर न्याय दिलवाना। इस अवसर बैठक में उपस्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय रस्तोगी, राष्ट्रीय महासचिव अरुण पाठक, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हर्षिता मेहानी, राष्ट्रीय सचिव मनीष गुप्ता, महिला प्रमुख सोनम, सहित पदाधिकारी व समाज सेवक और सदस्य उपस्थित थे।

सीता हरण के दौरान जटायु व रावण का भंयकर युद्ध लीला का हुआ मंचनचहनियां चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के यह सातवें दिन रविवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ के साथ प्रारम्भ किया गया। रामलीला के सातवें दिन रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और पुष्पक विमान से वह लंका ले जाने लगा। जिसपर माता सीता की करूण विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु ने अपने मित्र की पुत्र बधु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करने लगा बड़ी भयंकर युद्ध हुआ रावण जटायु की मार को सहन न कर सका और क्रुद्ध होकर भगवान शिव द्वारा प्राप्त चन्द्रहासं खड्ग से जटायु पर वार कर दिया जिसमें जटायु का एक पंख कट गया लेकिन उसके बावजूद भी युद्ध नही थमा तब तक रावण ने दूसरा वार कर दिया। जिसमें जटायू का दूसरा पंख भी काट दिया जिससे आकाश से गिरकर जटायू गंभीर रूप से घायल हो गये। जब प्रभु श्रीराम व लक्षमण अपनी भार्या सीता को जंगल-वन-पहाड़ां से घुमते-घुमते रास्ते में गिरे जटायू से होती है तो जटायू ने पूरा वृतान्त प्रभु श्रीराम को सुनाया और अपना प्राण दिया। जिस पर प्रभु श्रीराम ने अपने पिता के मित्र की पुत्र बनकर अन्त्येष्टि कर सीता माता की खोज करने लगे। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ों कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।