जिलाधिकारी ने निर्वाचन कार्य का किया औचक निरीक्षणः चंदौली में मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई जांची

जिलाधिकारी ने निर्वाचन कार्य का किया औचक निरीक्षणः चंदौली में मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई जांची

आज दिनांक 23.01.2026 को निर्वाचन (एस०आई०आर०) कार्य के दृष्टिगत जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग द्वारा मतदाताओं को निर्गत नोटिस की सुनवाई स्थल बी०आर०सी० कार्यालय, नियामताबाद, चन्दौली का निरीक्षण किया जहां पर 03 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 380-मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र, चन्दौली उपस्थित होकर नोटिस की सुनवाई का कार्य कर रहे थे। सुनवाई में मतदाता पर्याप्त संख्या में उपस्थित थे, नोटिस की सुनवाई करते हुए मतदाता द्वारा दिये गये साक्ष्यों को ए०ए०ई०आर०ओ० पोर्टल पर सुचारू रूप से अपलोड कराये जा रहे थे। सुनवाई में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पायी गयी। इसी तरह 380-मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के 39 ए०ए०ई०आर०ओ० भी अपने-अपने सुनवाई स्थल पर उपस्थित होकर सुनवाई के कार्य में लगे है। जनपद में निर्वाचन का कार्य सभी सुनवाई स्थलों पर सुचारू रूप से चल रहा है।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से मज़दूरों को समर्पित एक अपील
“फिर से चाहिए 8 घंटे का अधिकार –
मज़दूर न किसी का ग़ुलाम है, न कोई व्यापार!”

आज 1 मई – अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस है। यह वह दिन है जब पूरी दुनिया उन मेहनतकश हाथों को सलाम करती है, जिन्होंने अपने खून-पसीने से दुनिया का निर्माण किया है।
लेकिन आज एक बार फिर वही सवाल खड़ा है –
क्या हमारे मज़दूरों को वह सम्मान, वह अधिकार मिल पा रहे हैं जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी?

1886 में अमेरिका के शिकागो में जब मज़दूरों ने 8 घंटे की शिफ्ट के लिए अपनी जानें दीं, तब जाकर यह अधिकार मिला।
मगर आज फिर वही मज़दूर 12 से 18 घंटे काम करने को विवश है –
कम मज़दूरी, ज़्यादा काम, और सम्मान शून्य।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से हम यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं:

8 घंटे का काम मज़दूर का हक़ है, एहसान नहीं।

हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, और काम का सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए।

मज़दूर को कोई ठेके का सामान न समझें – वह भी एक इंसान है, जिसके सपने हैं, परिवार है, और जीने का हक़ है।


आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है –
मज़दूरों की आवाज़ को फिर से बुलंद करना।
उनके हक़ के लिए एकजुट होना।

हमारा संकल्प:
“रोटी भी चाहिए, इज़्ज़त भी चाहिए,
इंसान हैं हम – गुलाम नहीं!”

आपका
संजय रस्तोगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष – मानवाधिकार न्यूज़