कलेक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का हुआ आयोजन

कलेक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का हुआ आयोजन

बैठक में जिलाधिकारी ने दिए निर्देशः अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान का आदेश

चंदौली/दिनांक 18 फरवरी 2026

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

किसानों ने बैठक में चंद्रप्रभा डैम से पानी गिरने रोकने, बेलन नदी पर बंजारिया, मझगाई और जनकपुर के कुलावा की मरम्मत, धान खरीद में अनियमितता, धान-गेहूं खरीद के समय कंट्रोल रूम की स्थापना सहित कई मुद्दे उठाए।

चंद्रप्रभा डैम से पानी कम करने के मुद्दे पर अधिशासी अभियंता ने बताया कि मरम्मत कार्य के लिए पानी कम करना आवश्यक है, लेकिन केवल उतनी ही मात्रा निकाली जाएगी जितनी जरूरत है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि अगली फसल के लिए पानी की कोई समस्या नहीं होगी। किसानों ने जनपद में समस्त नहरों की सफाई, अतिक्रमण हटाने और नहरों में गंदा पानी व मलबा गिरने पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

धान खरीद में अनियमितता की शिकायत पर जिलाधिकारी ने डिप्टी आरएमओ को तत्काल गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जब भी सर्वे करने जाएं, तो क्षेत्रीय किसानों को फोन कर बुलाएं, उनसे वार्ता करें, सुझाव प्राप्त करें और समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साईं, कृषि अधिकारी, डिप्टी आरएमओ, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और किसान संगठनों के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

सीता राम स्वयंवर देख श्रोता हुए गदगद-चंदौली सकलडीहा विकास खंड क्षेत्र के सहरोई गांव में श्री हनुमान जयंती के पावन अवसर पर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सात दिवसीय संगीतमय राम कथा का आयोजन किया गया है कथा के चौथे दिन पंडित शक्ति तिवारी कथा में भी बताया की जिस कार्य को दस हजार राजा नहीं कर पाये उस कार्य को श्री रघुनाथ ने करके दिखाये। यह दृश्य देखकर जितने राजा थे सब सकुचा जाते हैं। और लगे खलबली मचाने उसी समय अजगौ धनुष के लिए परशुराम सभा में आ जाते हैं। और सब के सब राजा अपने पिता का नाम बताकर कतार बद्ध खड़े हो गये। और लगे चिखारने की निकाल कर के वापस करो जिसने शिव पिनाक धनुष को खंड-खंड किया। राम कहते हैं महाराज वह आपका कोई दास ही होगा लेकिन परशुराम का क्रोध शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा था। तब लक्ष्मण भैया कौतकी करने लगे और अंत में कहना ही पड़ा की महाराज हमें कुंभड की भतिया न समझिएगा जो हाथों की तर्जनी देखकर डर जाये। हम रघुवंशी हैं हम जानते हैं कि जो क्षत्री ब्राह्मण के चरणों में निष्ठा बनाकर रहता है। वह संसार में निर्भर होकर जीता है। परशुराम सोच में पड़ गए कि ब्राह्मण के चरणों में इतनी निष्ठा भगवान को छोड़कर दूसरा कोई हो ही नहीं सकते। परशुराम धनुष की प्रतंचा चढ़वाकर रघुनाथ की परीक्षण किया और तीन बार जय जय कार लगाकर वापस महेंद्र पर्वत पर चले जाते हैं। फिर राजाओं ने राहत की सांस ली और दूतो को अयोध्या भेज कर चक्रवर्ती राजा दशरथ पत्र दिया गया और चक्रवर्ती राजा दशरथ पूरे धूमधाम से बारात लेकर आये। और पंडित शक्ति तिवारी ने बहुत ही खूबसूरत मट फोड की गीत गाते हुए विवाह की मंगल गीत सुनाये। जिसकी सभी श्रोता बंधु भाव विभोर होकर खूब आनंदित हुये। सैकड़ो श्रोताओं का हुजूम लग रहा। वहीं उपस्थित मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामकिशन यादव। राहुल मिश्रा समाज सेवीक, महानंद मिश्रा, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु, विराट, उमेश, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी, निक्की राशिक, प्रदुम्न, सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।