लापरवाही की भेंट चढ़ा दरियापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 10 बजे तक लटकता रहा ताला- चहनियां चंदौली

लापरवाही की भेंट चढ़ा दरियापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 10 बजे तक लटकता रहा ताला-

चहनियां चंदौली

विकास खण्ड चहनियां के अंतर्गत आने वाले अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) दरियापुर में डॉक्टरों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है। सरकार द्वारा लाखों रुपये की लागत से बने इस नए मॉडल अस्पताल में तैनात स्टाफ की मनमानी के कारण क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ गई है।

ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जब सुबह 10:00 बजे अस्पताल का औचक दौरा किया गया, तो मुख्य दरवाजे पर ताला लटकता मिला। दूर-दराज के गांवों से इलाज और दवा लेने आए दर्जनों गरीब मरीज और उनके परिजन भीषण गर्मी में अस्पताल परिसर के बाहर परेशान होते रहे। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यहाँ तैनात चिकित्सक डॉ. आदिति सिंह और कम्पाउंडर पोरस राय कभी समय पर नहीं आते। अगर कभी आते भी हैं, तो दोपहर 11 से 12 बजे के बीच आते हैं।

ग्रामीणों ने दोनों कर्मियों के बीच एक अनोखे ‘तालमेल’ का भी पर्दाफाश किया। आरोप है कि दोनों पूरे सप्ताह में महज एक या दो दिन आकर अपनी हाजिरी का कोरम पूरा कर लेते हैं। कमाल की बात यह है कि जिस दिन डॉक्टर आती हैं, उस दिन कम्पाउंडर गायब रहता है और जिस दिन कम्पाउंडर आता है, उस दिन डॉक्टर नदारद रहती हैं।

इस गंभीर अव्यवस्था के संबंध में जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी संदीप कुमार से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है और जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों कर्मचारियों की ऊंची राजनीतिक पहुंच है, जिसके आगे स्थानीय प्रभारी भी लाचार नजर आते हैं।

परेशान ग्रामीणों ने अब जिलाधिकारी (DM) और जिला चिकित्साधिकारी (CMO) से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

सीता राम स्वयंवर देख श्रोता हुए गदगद-चंदौली सकलडीहा विकास खंड क्षेत्र के सहरोई गांव में श्री हनुमान जयंती के पावन अवसर पर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सात दिवसीय संगीतमय राम कथा का आयोजन किया गया है कथा के चौथे दिन पंडित शक्ति तिवारी कथा में भी बताया की जिस कार्य को दस हजार राजा नहीं कर पाये उस कार्य को श्री रघुनाथ ने करके दिखाये। यह दृश्य देखकर जितने राजा थे सब सकुचा जाते हैं। और लगे खलबली मचाने उसी समय अजगौ धनुष के लिए परशुराम सभा में आ जाते हैं। और सब के सब राजा अपने पिता का नाम बताकर कतार बद्ध खड़े हो गये। और लगे चिखारने की निकाल कर के वापस करो जिसने शिव पिनाक धनुष को खंड-खंड किया। राम कहते हैं महाराज वह आपका कोई दास ही होगा लेकिन परशुराम का क्रोध शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा था। तब लक्ष्मण भैया कौतकी करने लगे और अंत में कहना ही पड़ा की महाराज हमें कुंभड की भतिया न समझिएगा जो हाथों की तर्जनी देखकर डर जाये। हम रघुवंशी हैं हम जानते हैं कि जो क्षत्री ब्राह्मण के चरणों में निष्ठा बनाकर रहता है। वह संसार में निर्भर होकर जीता है। परशुराम सोच में पड़ गए कि ब्राह्मण के चरणों में इतनी निष्ठा भगवान को छोड़कर दूसरा कोई हो ही नहीं सकते। परशुराम धनुष की प्रतंचा चढ़वाकर रघुनाथ की परीक्षण किया और तीन बार जय जय कार लगाकर वापस महेंद्र पर्वत पर चले जाते हैं। फिर राजाओं ने राहत की सांस ली और दूतो को अयोध्या भेज कर चक्रवर्ती राजा दशरथ पत्र दिया गया और चक्रवर्ती राजा दशरथ पूरे धूमधाम से बारात लेकर आये। और पंडित शक्ति तिवारी ने बहुत ही खूबसूरत मट फोड की गीत गाते हुए विवाह की मंगल गीत सुनाये। जिसकी सभी श्रोता बंधु भाव विभोर होकर खूब आनंदित हुये। सैकड़ो श्रोताओं का हुजूम लग रहा। वहीं उपस्थित मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामकिशन यादव। राहुल मिश्रा समाज सेवीक, महानंद मिश्रा, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु, विराट, उमेश, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी, निक्की राशिक, प्रदुम्न, सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।