चंदौली/ दिनांक 29 जनवरी 2026  जिला सूचना अधिकारी एवं मिडिया कर्मियों के साथ विडियो कान्फ्रेसिंग

चंदौली/ दिनांक 29 जनवरी 2026  जिला सूचना अधिकारी एवं मिडिया कर्मियों के साथ विडियो कान्फ्रेसिंग

हाल में मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के आयोजन के संबंध में डा0 इन्दु रानी सिविल जज (सी.डि) / पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्दौली के अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी । माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नयी दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा निर्देश के अनुसार उपरोक्त मेगा शिविर एवं सेवा शिविर का आयोजन दिनांक 22.02.2026 को किया जाना सूनिश्चित है।

उपरोक्त मेगा/बृहद विधिक सहायता का मुख्य उद्देश्य यह है कि निर्बल वर्ग दिव्यांगों, बच्चों, स्त्रियों, निर्धन वर्ग, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाती के लिए जनकाल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने एवं इन विभागों की लक्षित योजनाएं जैसे महिला सशक्तिकरण, जनसामान्य, निर्धन बीमा योजनाएं संगठित विभाग, जल संरक्षण संबंधी योजनाएं का प्रचार-प्रसार किया जाना है।

उपरोक्त सूचना सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्दौली, डा0 इन्दु रानी द्वारा दी गयी।

मनुष्य के हृदय में होता है भगवान का वास-पंडित शक्ति मुगलसराय चन्दौली तारा जीनपुर क्षेत्र स्थित सहरोई गांव में विगत पांच वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री हनुमान जयंती के पावन अवसर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सप्त दिवसीय संगीमय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया है। कथा के दूसरे दिन पंडित शक्ति तिवारी ने नारायण के दिव्य अवतार को समझाते हुए कहा की भगवान का अवतार प्रत्येक मनुष्य के हृदय वेश में होता है। अवतार को समझाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान अपनी भावना को छोड़कर के धेनु, सुर, संत, हित में लिन्ह, मनुज अवतार भगवान ब्राह्मणों के गाय माता, के और संतों के हितों के लिये धरती पर मनुष्य का शरीर धारण करके आते हैं। इसी को समझाते हुए भगवान के बाललीला का भी वर्णन किया और उन्होंने बतलाया की चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ एक पुत्र के लिए रो रहे थे और गुरु वशिष्ट के द्वारा श्रृंगी ऋषि के पुत्र प्राप्ति यज्ञ करने से तुमको चार-चार पुत्रों की प्राप्त हुयी। इसी के बाद चारों पुत्रों का नामांकरण गुरु वशिष्ट के द्वारा करवाते हुए इन्होंने बतलाया की विश्वामित्र जो की महान ऋषि थे। असुरों का समूह जब उन्हें सताया तो उन्हें भी भगवान को मांगने की जरूरत पड़ी और विश्वामित्र सनाथ हुये और भगवान वन में तारकासुर का एक ही बाण में बध कर दिये। मारीच व सुबाहु को अग्निबाण से यज्ञ की रक्षा की। इस दौरान सैकड़ां लोगो का जन सैलाब उमड़ा रहा। कार्यकर्ता राहुल मिश्रा, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु मिश्रा, विराट, उमेश, महानंद, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी, सैकड़ां श्रद्धालु उपस्थित रहे।