Bihar Earthquake: बिहार में भूकंप के तेज झटके, राजधानी पटना समेत कई जिलों में हिली धरती

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने इसके बारे में जानकारी दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसके बारे में बताया गया कि भूकंप का एपिसेंटर नेपाल में था. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.4 मापी गई है. ये भूकंप जमीन के 10 किमी नीचे आया था. बता दें कि बिहार नेपाल से सटे होने के कारण यहां के लगभग जिलों में लोगों ने इसे महसूस किया है.

बिहार के कई ऐसे जिले हैं जहां लोगों ने दो-दो बार भूकंप के झटके महसूस किए हैं. मुंगेर में लोगों को दो-दो बार झटका महसूस हुआ है. मोतिहारी में 11 बजकर 32 मिनट पर भूकंप का झटका लगा है. बिहार के नवादा में भी झटका महसूस किया गया है. बक्सर, आरा, जहानाबाद में भी इसे लोगों ने महसूस किया है. हालांकि कहीं से जान-माल की हानि की सूचना नहीं है. उधर बेतिया में भी लोगों ने कहा कि उन्हें 11 बजकर 32 मिनट पर तेज झटके का एहसास हुआ है. मुजफ्फरपुर और छपरा में भी तेज झटके का एहसास हुआ है.

दरअसल, जब भूकंप आया तो ज्यादातर लोग खाना खाकर सोने की तैयारी में थे. ऐसे में ज्यादातर लोगों को और कई जिलों में इसे आसानी से महसूस किया गया. कहीं पंखा हिलते दिखा तो कहीं घरों से बाहर आकर लोग एक-दूसरे से भूकंप के बारे में पूछने लगे. कुछ देर के लिए तो लोगों में हड़कंप मच गया. कई जगह से ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिसमें कहीं पंखा हिलता दिख रहा है तो कहीं झूमर हिल रहे हैं.

राहुल मेहानी

भगवान भास्कर के जयकारे से गूजायमान हुई अध्यात्मिक नगरीरामनगर वाराणसीविन्ध्य पर्वत के तलहटी में भगवान भोले नाथ की त्रिशूल पर वसी नगरी वाराणसी में चार द्विवसीय डाला छठ बड़े ही धूॅमधाम के साथ मनाया गया। मॉ भगवती गंगा के दोनां तटां अध्यात्मिक नगरी तो दुसरी तरफ रामनगर के राजा का किला स्थित है। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक व रामनगर से लेकर पड़ाव डोमरी तक हजारां नर नारी भगवान भास्कर के महापर्व को पूर्ण करने में लगे रहे। जिसके क्रम में मंगलवार की अल सुबह ही व्रतियो ने मॉं गंगा के तट पर पहुच कर उदयाचल भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया। जैसे भगवान भास्कर की किरणे मां गंगा के स्पर्श की कि चारों तरफ भगवान भास्कर व छठी मइया के गगन भेदी जयकारे से पूरा क्षेत्र गूजायमान हो गया और इसी अर्ध्य के साथ भगवान भास्कर महापर्व समाप्त हो गया।