कंपोजिट विद्यालय हिनौली में खाना बैंक ट्रस्ट ने बच्चों संग मनाया 75वां गणतंत्र दिवस।

कंपोजिट विद्यालय हिनौली में खाना बैंक ट्रस्ट ने बच्चों संग मनाया 75वां गणतंत्र दिवस।
इस मौके पर झंडा फहराने के पश्चात खाना बैंक की शिक्षा इकाई “गुरुकुल” की टीम ने कक्षा 1 से लेकर के कक्षा आठ तक के बच्चों के बीच एक क्विज कंपटीशन आयोजित किया जिसमें बच्चों से गणतंत्र दिवस तथा देश और संविधान से जुड़े हुए सवाल किए गए।
बच्चों से किए गए कुल 16 सवालों में से 13 सही जवाब देने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
संस्था लगातार प्राथमिक विद्यालय एवं कंपोजिट तथा मिडिल स्कूल में बच्चों के बीच क्विज कंपटीशन,ड्राइंग कंपटीशन सहित कई सामाजिक कार्यों को लेकर के अपने दायित्व का निर्वहन करते आ रही है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज श्रीवास्तव जी ने कहा कि खाना बैंक ट्रस्ट का कार्य काफी सराहनीय रहा है पिछले 5 वर्षों से आप लगातार विद्यालय में आकर बच्चों का हौसला अफजाई करते आ रहे हैं।
इस मौके पर खाना बैंक से अध्यक्ष अंकित त्रिपाठी महासचिव प्रवीण अग्रहरि नीतेश सोनी रवि सेठ एवं अंकेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

संवाददाता -: राहुल मेहानी

प्रबोधिनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने़ लगाई आस्था की डुबकीचहनिया चन्दौली।क्षेत्र के मां भागीरथी के पश्चिमी वाहिनी बलुआ घाट पर प्रबोधिनी एकादशी के पावन पर्व पर हजारां श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाते हुए मन्दिर पूजा पाठ कर याचक ओर भिक्षुओं का दानपुन्य कर यश के भागी बने। इसी क्रम में क्षेत्र के महुआरी, कांवर, महुअरकलां, पूरा विजयी, तिरगावां, टाण्डाकलां, सैफपुर, नादी-निधौरा समस्त गंगा तटीय गावों के घाटो पर भारी भीड़ उमड़ी रही।शनिवार की अलसुबह ही हजरो श्रद्धालुओं की भीड़ बलुआ घाट पर पहुचने लगी और देखते ही देखते मेले जैसे रूवरूप लेते हुए भारी भीड़ के रूप में तब्दील हो गयी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु अपने योग चर्तुमासा निद्रा से जागते हैं इसी कारण इसे देव उठान या देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मॉ तुलसी का विवाह भी श्री हरि नारायण से सम्पन्न कराया जाता है। उसी मान्यता के अनुसार समस्त जगत में मांगलिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो जाते है। वही सुरक्षा की दृष्टि से उपनिरीक्षक विनोद सिंह, महिला कांस्टेबल कौशल्या देवी, चिंता देवी, राजेश कुमार, सरोज देवेंद्र प्रताप यादव के साथ गोताखोरों की टीम भी नाव से गंगा में निगरानी करती रही।